सृजनशीलता (Creativity)
Asked 3 महीने पहले · Viewed 2,580 times
'सृजनात्मकता' (Creativity) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिल Guilford द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: तरलता, मौलिकता, लचीलेपन और विस्तारण) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN) और 'एक्जीक्यूटिव कंट्रोल नेटवर्क' (Executive Control Network - ECN) के बीच गतिक संतुलन, 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), तथा 'पोस्टेरियर सिगुलेट कॉर्टेक्स' के बीच सहयोगात्मक सक्रियण, और नवीन विचार जनन (Novel Ideation) की तंत्रिका गतिकी, तथा एडवर्ड डी बोनो के 'लैटरल थिंकिंग' (Lateral Thinking) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में मौलिक समस्या-समाधान, संज्ञानात्मक लचीलेपन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
यह प्रश्न 'सृजनात्मकता' और 'अपसारी चिंतन' के आधुनिक न्यूरो-संज्ञानात्मक आधार पर आधारित है। आधुनिक न्यूरोसाइंस अध्ययनों से यह पता चलता है कि उच्च कोटि की सृजनात्मकता के लिए मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (जो कि दिवास्वप्न, कल्पना और आंतरिक विचारों से जुड़ा है) और 'एक्जीक्यूटिव कंट्रोल नेटवर्क' (जो कि ध्यान और मूल्यांकन से जुड़ा है) के बीच सहयोगात्मक और गतिशील समन्वय की आवश्यकता होती है। गिल Guilford का अपसारी चिंतन और डी बोनो का लैटरल थिंकिंग दोनों ही इस प्रक्रिया को मजबूत करते हैं। इसलिए विकल्प (b) सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
अगला प्रश्न →
'सृजनात्मकता' (Creativity) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड…
← पिछला प्रश्न
'सृजनात्मकता' (Creativity) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ…
Related Questions
→
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अंतरवैक्तिक बुद्धि या इंटरपर्सनल इंटेलिजेंस' (Interpersonal Intelligence)—जिसे उस विशिष्ट संज्ञानात्मक और सामाजिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अन्य मनुष्यों के मूड, स्वभाव, प्रेरणाओं, भावनाओं और इंटेंशन्स (इरादों) को सूक्ष्मता से समझने, उनका सटीक मूल्यांकन करने और उनके साथ प्रभावी ढंग से संवाद तथा संबंध स्थापित करने में असाधारण कौशल प्रदर्शित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning), सामाजिक बुद्धिमत्ता और समूह गतिकी (Group Dynamics) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
'अधिगम की रणनीतियाँ और मेटाकॉग्निशन' (Metacognition and Learning Strategies) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉन फ्लैवेल (John Flavell) द्वारा प्रतिपादित 'मेटाकॉग्निशन' (Metacognitive Knowledge and Regulation) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डॉर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'ेंटेरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC) और 'पैरिएटल लोब' के बीच स्व-निगरानी (Self-Monitoring), त्रुटि संसूचन और कार्यकारी नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा एन ब्राउन (Ann Brown) द्वारा प्रतिपादित 'स्व-नियमित अधिगम' (Self-Regulated Learning - SRL) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मेटाकॉग्निटिव और चिंतनशील शिक्षाशास्त्र (Reflective Pedagogy) और विद्यार्थियों में स्व-मूल्यांकन क्षमता, संज्ञानात्मक लचीलेपन व उच्च-क्रम की समस्या-समाधान दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (CWSN) के लिए 'विशेष शिक्षा' (Special Education), 'एकीकृत शिक्षा' (Integrated Education) और 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) के दार्शनिक, प्रशासनिक तथा शैक्षणिक स्वरूपों का गहन विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, यदि एक सामान्य विद्यालय अपनी संरचना, पाठ्यक्रम, शिक्षण पद्धतियों और मूल्यांकन प्रणालियों में इस प्रकार का मूलभूत परिवर्तन करता है कि वह प्रत्येक बालक (चाहे उसकी शारीरिक, मानसिक, सामाजिक या भाषाई क्षमताएं कितनी भी भिन्न क्यों न हों) की व्यक्तिगत अधिगम आवश्यकताओं को पूरा करने में समर्थ हो सके, तो समावेशी शिक्षा के इस आधुनिक और वैज्ञानिक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
'समावेशी शिक्षा और विशिष्ट बालकों के मनोवैज्ञानिक स्वरूप' के संदर्भ में, लुइस ब्रेल (Louis Braille) द्वारा विकसित 'ब्रेल लिपि' (Braille System) के छह-बिंदु कोड मैट्रिक्स (Six-dot Cell Matrix) की स्पर्शनीय न्यूरो-संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली और दृश्यबाधित विद्यार्थियों में स्पर्श संवेदन के माध्यम से मस्तिष्क के दृश्यक (Visual Cortex) के पुनरुपयोग (Cross-modal Plasticity) की प्रक्रिया, तथा सैम बार्नेट (Sam Barnett) और अन्य द्वारा विश्लेषित 'दृष्टिहीनता और श्रवणबाधित बालकों के समावेशन में सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन प्रमुख सिद्धांतों (अर्थात् बहुविध प्रस्तुति, बहुविध अभिव्यक्ति, और बहुविध जुड़ाव) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सुलभ अधिगम वातावरण के निर्माण और विद्यार्थियों में स्वायत्त ज्ञान निर्माण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'सृजनात्मकता' (Creativity) और 'मस्तिष्क विप्लव' (Brainstorming) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एलेक्स ऑस्बॉर्न (Alex Osborn) द्वारा प्रतिपादित 'ब्रेनस्टॉर्मिंग विधि' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN - सहज विचार उत्पादन और मन की भटकन), 'एक्जीक्यूटिव कंट्रोल नेटवर्क' (Executive Control Network - ECN - विचारों के मूल्यांकन और निस्पंदन), और 'सैलियंस नेटवर्क' (Salience Network - प्रासंगिक और नवीन विचारों का चयन) के बीच गतिशील स्विचिंग (Dynamic Network Switching), न्यूरोनल समन्वय, और डिफ्यूज-फोकस्ड अटेंशन गतिकी, तथा जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) के 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: प्रवाहिता, लचीलापन और मौलिकता) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रीएक्टिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में अभिनव समस्या-समाधान, मौलिक विचार सृजन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'सृजनात्मकता' (Creativity) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, गिलफर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: फ्लूएंसी, फ्लेक्सिबिलिटी और ओरिजिनलिटी) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN: स्वतःस्फूर्त कल्पना, मानसिक सिमुलेशन और आंतरिक विचार), 'कार्यकारी नियंत्रण नेटवर्क' (Executive Control Network - ECN: विचारों के मूल्यांकन, चयन और रणनीतिक नियंत्रण), तथा 'सेलिएंस नेटवर्क' (Salience Network - आंतरिक और बाहरी उत्तेजनाओं के बीच स्विचिंग) के बीच गतिशील तंत्रिका सहभागिता (Dynamic Neural Interaction), फंसी हुई संज्ञानात्मक कठोरता का विघटन, और न्यूरोनल लचीलेपन (Neuronal Plasticity) की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डी बोनो के 'पार्श्व चिंतन' (Lateral Thinking) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड डायवर्जेंट पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Divergent Pedagogy) और विद्यार्थियों में मौलिक समस्या-समाधान, बहु-आयामी दृष्टिकोण व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'सृजनात्मकता' (Creativity) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: प्रवाह, लचीलापन, मौलिकता और विस्तार) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), 'कार्यकारी नियंत्रण नेटवर्क' (Executive Control Network - ECN), और 'सेलियन्स नेटवर्क' (Salience Network) के बीच लचीले संज्ञानात्मक स्विचिंग, नए विचारों के संयोजन, और अनसुलझी समस्याओं के सृजनात्मक संश्लेषण की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डी बोनो (Edward de Bono) के 'पार्श्व चिंतन' (Lateral Thinking) मॉडल के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में अपरंपरागत समस्या-समाधान, मौलिक दृष्टिकोण व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'सृजनात्मकता एवं समस्या समाधान' (Creativity and Problem Solving) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: प्रवाहशीलता, लचीलापन, मौलिकता और विस्तारण) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), 'एक्सेक्यूटिव कंट्रोल नेटवर्क' (Executive Control Network - ECN), और 'सेलियन्स नेटवर्क' (Salience Network) के बीच वैचारिक लचीलेपन, संज्ञानात्मक नियंत्रण के बीच स्विचिंग, और अनसुलझी समस्याओं के सहज अंतर्दृष्टि (Insight) की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डी बोनो (Edward de Bono) के 'पार्श्व चिंतन' (Lateral Thinking) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में मौलिक समस्या-समाधान, अभिनव दृष्टिकोण व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.