संवेगात्मक विकास
Asked 3 महीने पहले · Viewed 2,931 times
'बाल विकास एवं संवेगात्मक विकास' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉन बॉल्बी (John Bowlby) द्वारा प्रतिपादित 'अनुलग्नक सिद्धांत' (Attachment Theory: सुरक्षित, असुरक्षित-चिंतित, और असुरक्षित-अवरुद्ध अनुलग्नक) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'लिम्बिक सिस्टम' (विशेषकर अमीगडाला और हिप्पोकैम्पस), 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), और 'हाइथैलैमिक-पिट्यूटरी-एड्रेनल एक्सिस' (HPA Axis) के बीच संवेगात्मक विनियमन, तनाव प्रतिक्रिया नियंत्रण (Stress Response Modulation), और सामाजिक बंधन की सक्रियण गतिकी, तथा मैरी एन्सवर्थ (Mary Ainsworth) के 'स्ट्रेंज सिचुएशन' (Strange Situation) अनुसंधान के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-अटैचमेंट ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Attachment Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सुरक्षित भावनात्मक आधार, सहयोगात्मक अधिगम व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
यह प्रश्न UPTET के बाल विकास और शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत जॉन बॉल्बी के अनुलग्नक सिद्धांत (Attachment Theory) के उन्नत न्यूरो-संज्ञानात्मक और जैव-मनोवैज्ञानिक स्वरूप पर आधारित है। बॉल्बी और एन्सवर्थ के अनुसार, प्रारंभिक अनुलग्नक (Attachment) बच्चों के संवेगात्मक और सामाजिक विकास की नींव रखता है। न्यूरो-बायोलॉजिकल दृष्टिकोण से, सुरक्षित अनुलग्नक मस्तिष्क के लिम्बिक सिस्टम (जैसे अमीगडाला) और वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (vmPFC) के बीच के तंत्रिका मार्गों को मजबूत करता है, जो तनाव नियंत्रण (HPA एक्सिस के माध्यम से) और संवेगात्मक नियमन में मदद करता है। आधुनिक 'न्यूरो-अटैचमेंट ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' इसी विज्ञान का उपयोग करके समावेशी कक्षाओं में बच्चों के लिए एक सुरक्षित, तनाव-मुक्त और भावनात्मक रूप से सहायक वातावरण तैयार करती है, जिससे उनकी संज्ञानात्मक और सामाजिक दक्षता का अधिकतम विकास होता है। अतः विकल्प (b) पूर्णतः सत्य और सटीक है।
अगला प्रश्न →
'बुद्धि के बहु-कारक सिद्धांत' (Multifactor Theory of Intelligence) के…
← पिछला प्रश्न
'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) के…
Related Questions
→
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अंतरवैक्तिक बुद्धि या इंटरपर्सनल इंटेलिजेंस' (Interpersonal Intelligence)—जिसे उस विशिष्ट संज्ञानात्मक और सामाजिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अन्य मनुष्यों के मूड, स्वभाव, प्रेरणाओं, भावनाओं और इंटेंशन्स (इरादों) को सूक्ष्मता से समझने, उनका सटीक मूल्यांकन करने और उनके साथ प्रभावी ढंग से संवाद तथा संबंध स्थापित करने में असाधारण कौशल प्रदर्शित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning), सामाजिक बुद्धिमत्ता और समूह गतिकी (Group Dynamics) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
'समावेशी शिक्षा और विशिष्ट बालकों के मनोवैज्ञानिक स्वरूप' के संदर्भ में, लुइस ब्रेल (Louis Braille) द्वारा विकसित 'ब्रेल लिपि' (Braille System) के छह-बिंदु कोड मैट्रिक्स (Six-dot Cell Matrix) की स्पर्शनीय न्यूरो-संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली और दृश्यबाधित विद्यार्थियों में स्पर्श संवेदन के माध्यम से मस्तिष्क के दृश्यक (Visual Cortex) के पुनरुपयोग (Cross-modal Plasticity) की प्रक्रिया, तथा सैम बार्नेट (Sam Barnett) और अन्य द्वारा विश्लेषित 'दृष्टिहीनता और श्रवणबाधित बालकों के समावेशन में सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन प्रमुख सिद्धांतों (अर्थात् बहुविध प्रस्तुति, बहुविध अभिव्यक्ति, और बहुविध जुड़ाव) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सुलभ अधिगम वातावरण के निर्माण और विद्यार्थियों में स्वायत्त ज्ञान निर्माण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'समावेशी शिक्षा और सार्वभौमिक डिजाइन (Universal Design for Learning - UDL)' के संदर्भ में, डेविड रोज़ (David Rose) और सेंटर फॉर अप्लाइड स्पेशल टेक्नोलॉजी (CAST) द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम के लिए सार्वभौमिक रूपरेखा' के तीन मुख्य सिद्धांतों—'प्रस्तुति के बहुविध साधन' (Multiple Means of Representation), 'अभिव्यक्ति और कार्रवाई के बहुविध साधन' (Multiple Means of Action and Expression), और 'संलग्नता के बहुविध साधन' (Multiple Means of Engagement)—के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'मान्यता नेटवर्क' (Recognition Networks), 'रणनीतिक नेटवर्क' (Strategic Networks), और 'भावात्मक नेटवर्क' (Affective Networks) की सहयोगात्मक सक्रियण प्रक्रिया, तथा लेव वाइगोत्स्की के 'अंतःक्रियात्मक जोन' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सुलभ पाठ्यचर्या निर्माण और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक अभिगम्यता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में 'सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन मुख्य सिद्धांतों—अभिप्रेरणा के लिए बहुવિધ साधन, प्रतिनिधित्व के लिए बहुવિધ साधन, और अभिव्यक्ति के लिए बहुવિધ साधन—का गहन तात्विक और पेड़ागोजी संबंधी विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक अपनी कक्षा में विभिन्न प्रकार की विशिष्ट आवश्यकताओं वाले बच्चों (जैसे श्रवण बाधित, दृष्टि बाधित और अधिगम अक्षम) की विविध अधिगम शैलियों को समायोजित करने के लिए इन सिद्धांतों को लागू करता है, तो UDL के दार्शनिक और क्रियात्मक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
आरंभिक बाल्यावस्था और बाल्यावस्था के दौरान बच्चों के सामाजिक-भावनात्मक विकास के अध्ययन में, 'जॉन बाल्बी' (John Bowlby) के लगाव सिद्धांत (Attachment Theory) और 'मैरी एन्सवर्थ' (Mary Ainsworth) के 'स्ट्रेंज सिचुएशन' (Strange Situation) प्रयोग के संदर्भ में, निम्नलिखित में से किस प्रकार के लगाव पैटर्न वाले बच्चे को उसकी देखभाल करने वाले (Caregiver) की अनुपस्थिति में सबसे अधिक गंभीर और असांत्वनीय संकट (Severe Distress) का सामना करते हुए देखा जाता है, और जब देखभाल करने वाला वापस लौटता है, तो बच्चा एक साथ निकटता की तलाश करने तथा अत्यधिक क्रोध या विरोध (Ambivalent/Resistant behavior) प्रदर्शित करने का अनूठा द्वंद्व दिखाता है?
→
जॉन बॉल्बी (John Bowlby) के 'लग्नता या लगाव सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'असुरक्षित-प्रतिरोधी लगाव' (Insecure-Resistant / Ambivalent Attachment) तथा 'असुरक्षित-अवरुद्ध लगाव' (Insecure-Avoidant Attachment) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक नियमन (Emotional Regulation), साथियों के साथ सामाजिक अंतःक्रिया, और शिक्षक-विद्यार्थी संबंध (Teacher-Student Relationship) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉन बॉर्बी (John Bowlby) द्वारा प्रतिपादित 'अनुलग्नक सिद्धांत' (Attachment Theory: सुरक्षित, असुरक्षित-चिंतित और असुरक्षित-टालने वाला अनुलग्नक) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'एमिकडाला' (Amygdala), 'हाइपोथैलेमस-पिट्यूटरी-एड्रेनल (HPA) अक्ष', और 'ऑक्सीटोसिन-वैसोप्रेसिन न्यूरोसेंसरी पाथवे' के बीच तनाव नियमन (Stress Regulation), संवेगात्मक सुरक्षा (Emotional Security), और सामाजिक-संबंध निर्माण की सक्रियण गतिकी, तथा मेरी एनसवर्थ (Mary Ainsworth) के 'स्ट्रेंज सिचुएशन' (Strange Situation) प्रतिमान के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-अटैचमेंट ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Attachment Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में विश्वास का वातावरण, सुरक्षित अधिगम परिवेश व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'अधिगम मूल्यांकन एवं सतत व्यापक मूल्यांकन' (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, कैरोल ड्वेर्क (Carol Dweck) द्वारा प्रतिपादित 'विकासवादी मानसिकता बनाम नियतिवादी मानसिकता' (Growth Mindset vs. Fixed Mindset) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच त्रुटि आधारित प्लास्टिसिटी (Error-based Plasticity), संज्ञानात्मक लचीलेपन (Cognitive Flexibility), और न्यूरोप्लास्टिक रीवायरिंग (Neuroplastic Rewiring) की सक्रियण गतिकी, तथा जॉन हattie (John Hattie) के 'दृश्यमान अधिगम' (Visible Learning और Feedback Loops) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-असेसमेंट ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Assessment Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में रचनात्मक प्रतिक्रिया (Constructive Feedback), स्व-नियमन (Self-Regulation) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.