BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
1 views

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता' (Creativity) और 'मस्तिष्क विप्लव' (Brainstorming) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एलेक्स ऑस्बॉर्न (Alex Osborn) द्वारा प्रतिपादित 'ब्रेनस्टॉर्मिंग विधि' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN - सहज विचार उत्पादन और मन की भटकन), 'एक्जीक्यूटिव कंट्रोल नेटवर्क' (Executive Control Network - ECN - विचारों के मूल्यांकन और निस्पंदन), और 'सैलियंस नेटवर्क' (Salience Network - प्रासंगिक और नवीन विचारों का चयन) के बीच गतिशील स्विचिंग (Dynamic Network Switching), न्यूरोनल समन्वय, और डिफ्यूज-फोकस्ड अटेंशन गतिकी, तथा जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) के 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: प्रवाहिता, लचीलापन और मौलिकता) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रीएक्टिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में अभिनव समस्या-समाधान, मौलिक विचार सृजन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

इस प्रश्न में सृजनात्मकता (Creativity), मस्तिष्क विप्लव (Brainstorming), और गिलफोर्ड के अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) के न्यूरो-संज्ञानात्मक आधारों का गहन विश्लेषण किया गया है। आधुनिक न्यूरोसाइंस के अनुसार, सृजनात्मक विचार प्रक्रिया केवल एक मस्तिष्क क्षेत्र का काम नहीं है, बल्कि यह 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (DMN - विचारों के सहज उत्पादन के लिए), 'एक्जीक्यूटिव कंट्रोल नेटवर्क' (ECN - विचारों के मूल्यांकन के लिए), और 'सैलियंस नेटवर्क' (जो दोनों नेटवर्कों के बीच स्विचिंग को नियंत्रित करता है) के बीच जटिल और गतिशील समन्वय पर आधारित होती है। विकल्प (b) इस समूची न्यूरो-बायोलॉजिकल और शैक्षणिक गतिकी का सबसे सटीक और वैज्ञानिक रूप से सत्यापित वर्णन करता है, जो UPTET के उच्च स्तरीय बाल विकास और शिक्षणशास्त्र के मानकों के अनुकूल है।
Share:

Related Questions

सामाजिक अध्ययन (Social Studies) के अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के इतिहास में 'असहयोग आंदोलन' (Non-Cooperation Movement) के स्थगन के तत्कालिक कारणों और उसके ऐतिहासिक प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं विश्लेषणात्मक रूप से सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'विशेष आवश्यकता वाले बालक और जेंडर संवेदनशीलता' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग के 'जेंडर स्कीमा सिद्धांत' और सैंड्रा बेम (Sandra Bem) द्वारा प्रतिपादित 'जेंडर स्कीमा थ्योरी' (Gender Schema Theory) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), 'टेम्पोपैरिएटल जंक्शन' (TPJ) और 'अमिगडाला' के बीच सांस्कृतिक रूढ़ियों का आंतरिककरण, सामाजिक-संवेगात्मक श्रेणीकरण और संज्ञानात्मक लचीलेपन की सक्रियण गतिकी, तथा कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) के 'नैतिक विकास के परिप्रेक्ष्य' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, जेंडर-समावेशी समतावादी शिक्षाशास्त्र (Gender-Inclusive Egalitarian Pedagogy) और विद्यार्थियों में पूर्वाग्रह-मुक्त सोच, तार्किक समता व समग्र सामाजिक-संवेगात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के अंतर्गत 'सविनय अवज्ञा आंदोलन' (Civil Disobedience Movement, 1930) और उससे जुड़ी प्रमुख घटनाओं तथा समझौतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस आंदोलन की आधिकारिक शुरुआत महात्मा गांधी द्वारा 12 मार्च 1930 को अपने 78 चुने हुए अनुयायियों के साथ साबरमती आश्रम से दांडी तक की 240 मील की ऐतिहासिक पदयात्रा (दांडी मार्च) के साथ की गई थी, और 6 अप्रैल 1930 को दांडी में नमक कानून तोड़कर सविनय अवज्ञा का श्रीगणेश किया गया था। 2. आंदोलन के दौरान उत्तर प्रदेश (तत्कालीन संयुक्त प्रांत) में राजस्व अदायगी के विरोध में 'नो-टेक्स' (कर-बंदी) आंदोलन चलाया गया, विशेषकर किसानों द्वारा मालगुजारी न देने का व्यापक अभियान चलाया गया था। 3. आंदोलन की चरम सीमा के समय मार्च 1931 में संपन्न हुए 'गांधी-इरविन समझौते' के तहत ब्रिटिश सरकार ने सविनय अवज्ञा आंदोलन से जुड़े सभी कैदियों को बिना किसी शर्त के तुरंत रिहा करने तथा हिंसा के आरोपियों सहित सभी पर चल रहे मुकदमों को पूरी तरह से वापस लेने की घोषणा की थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? उत्तर प्रदेश की कृषि जलवायु प्रदेशों (Agro-Climatic Zones) और वहाँ की प्रमुख फसलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. योजना आयोग (अब नीति आयोग) द्वारा उत्तर प्रदेश को कुल 9 स्पष्ट कृषि-जलवायु प्रदेशों में विभाजित किया गया है, जो राज्य की विभिन्न भौगोलिक, मृदा और मानसूनी विशेषताओं को दर्शाते हैं। 2. 'भाबर और तराई क्षेत्र' (उत्तर-पूर्वी मैदानी क्षेत्र) में अत्यधिक नमी और उपजाऊ जलोढ़ मृदा के कारण धान और गन्ने की बंपर पैदावार होती है, साथ ही यह क्षेत्र उच्च कोटि के गेहूं उत्पादन के लिए भी जाना जाता है। 3. 'बुंदेलखंड क्षेत्र' (दक्षिण-पश्चिमी शुष्क क्षेत्र) में कम वर्षा और पथरीली-लाल मृदा (Parwa and Mar soils) की अधिकता के कारण मुख्य रूप से रबी के मौसम में चने (Gram), मटर और तिलहनी फसलों (जैसे सरसों और अलसी) की खेती की जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'व्यक्तित्व के सिद्धांत (Theories of Personality)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) द्वारा प्रतिपादित 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory: इड, एगो और सुपरएगो का संरचनात्मक मॉडल) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'लिम्बिक सिस्टम' (Limbic System / Amygdala), 'वेंट्रोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (VLPFC), और 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC) के बीच आदिम आवेग नियंत्रण (Primitive Impulse Control), नैतिक दमन (Moral Repression), और कार्यकारी निर्णय लेने की सक्रियण गतिकी, तथा कार्ल जुंग (Carl Jung) के 'विश्लेषणात्मक मनोविज्ञान' (Analytical Psychology: व्यक्तिगत और सामूहिक अचेतन) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-पर्सनालिटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Personality Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में संवेगात्मक संतुलन, आंतरिक अनुशासन व समग्र व्यक्तित्व विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.