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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'संबंधवाद' (Connectionism) या 'प्रयत्न एवं भूल सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ और कक्षा-कक्ष शिक्षण में इसके अनुप्रयोग के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
एडवर्ड थार्नडाइक के 'संबंधवाद' सिद्धांत के मुख्य तीन नियमों में से एक 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness) यह स्पष्ट करता है कि जब कोई तंत्रिका संबंध (Neural Conduction Unit) कार्य करने के लिए तैयार होता है और उसे ऐसा करने दिया जाता है, तो व्यक्ति को संतुष्टि मिलती है, जिससे अधिगम अधिक प्रभावी होता है। इसके विपरीत, यदि तंत्रिका पथ तैयार नहीं हैं और उन्हें जबरन कार्य में लगाया जाता है या बाधा पहुंचाई जाती है, तो असंतोष (Annoyance) उत्पन्न होता है। कक्षा-कक्ष शिक्षण में इसका अर्थ यह है कि शिक्षक को बच्चों की मानसिक और शारीरिक तत्परता (Readiness/Maturation) को ध्यान में रखकर ही नए ज्ञान का संयोजन करना चाहिए।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) के प्रमुख लक्षणों—जैसे 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning), 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking), और 'combinatorial reasoning' (संयोजनवादी तर्क)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय वैज्ञानिक चिन्तन, वैचारिक लचीलेपन और समस्या-समाधान (Problem Solving) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage: 2-7 वर्ष) में बालकों द्वारा प्रदर्शित किए जाने वाले 'जीववाद' (Animism) और 'अहमकेन्द्रिता' (Egocentrism) की संकल्पनाओं के बीच क्या मुख्य मनोवैज्ञानिक संबंध है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्नी (Robert Gagne) के 'अधिगम के पदानुक्रम सिद्धांत' (Conditions of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर के अधिगम —'समस्या-समाधान अधिगम' (Problem-Solving Learning)— की अवधारणा, जिसके तहत विद्यार्थी केवल पूर्व नियमों या सिद्धांतों का यांत्रिक अनुप्रयोग करने के बजाय उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं, अंतर्दृष्टि और तार्किक चिंतन का उपयोग करते हुए एक नवीन, जटिल और अप्रत्याशित समस्या का सफलतापूर्वक समाधान करते हैं, तथा इस प्रक्रिया में नए सिद्धांतों या नियमों का अर्जन करते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन, सृजनात्मक अभिव्यक्ति और स्वतंत्र बौद्धिक क्षमताओं के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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