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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, मानसिक स्वास्थ्य विज्ञान (Mental Hygiene) के जनक क्लिफफोर्ड बियर्ज़ (Clifford Beers) के सिद्धांतों तथा समायोजन (Adjustment) की प्रक्रिया के अंतर्गत प्रयुक्त होने वाली प्रत्यक्ष विधियों (Direct Methods)—जैसे कि 'लक्ष्य का प्रतिस्थापन' (Substitution of Goal), 'बाधाओं का निराकरण' (Removal of Obstacles), और 'विश्लेषण व निर्णय' (Analysis and Decision)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ तथा कक्षा-कक्षीय शिक्षण में कुसमायोजन (Maladjustment) के लक्षणों को दूर करने में एक शिक्षक की भूमिका के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

समायोजन (Adjustment) की प्रक्रिया में व्यक्ति अपने पर्यावरण के साथ संतुलन स्थापित करने का प्रयास करता है। जब उसके मार्ग में बाधाएँ आती हैं, तो वह दो प्रकार की विधियों का प्रयोग करता है: प्रत्यक्ष विधियाँ (Direct Methods) और अप्रत्यक्ष विधियाँ (Indirect Methods/Defense Mechanisms)। प्रत्यक्ष विधियाँ सचेत, तर्कसंगत और वास्तविक समाधान पर आधारित होती हैं, जैसे बाधाओं को दूर करना, वैकल्पिक या नए लक्ष्य का निर्धारण करना (Substitution of Goal), और समस्याओं का विश्लेषण करना। यह मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और कुसमायोजन को रोकने में सहायक होती हैं।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, नॉर्मन मनूएल (Norman Munn) एवं अन्य मनोवैज्ञानिकों द्वारा विश्लेषित **'समायोजन की प्रत्यक्ष विधियाँ' (Direct Methods of Adjustment)** के अंतर्गत प्रतिपादित **'लक्ष्य-विश्लेषण और विकल्प अन्वेषण' (Goal Analysis and Alternative Exploration)** की प्रक्रिया—जिसके तहत कोई व्यक्ति किसी आंतरिक या बाह्य बाधा के कारण उत्पन्न कुंठा (Frustration) की स्थिति में, अपनी विफलता के कारणों का तार्किक, बौद्धिक और वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन करता है तथा अपने मूल उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए नए वैकल्पिक मार्ग या रणनीतियाँ विकसित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समस्या-समाधान कौशल, संवेगात्मक स्थिरता और रचनात्मक अनुकूलन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कर्ट लेविन (Kurt Lewin) के 'क्षेत्र सिद्धांत' (Field Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'जीवन स्पेस' (Life Space) की संकल्पना तथा अधिगम प्रक्रिया में विभिन्न प्रकार के मनोवैज्ञानिक संघर्षों—जैसे कि 'गम-गम संघर्ष' (Approach-Approach Conflict), 'परिहार-परिहार संघर्ष' (Avoidance-Avoidance Conflict), और 'गम-परिहार संघर्ष' (Approach-Avoidance Conflict)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ तथा कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थी के व्यवहार एवं निर्णय लेने की प्रक्रिया पर इनके प्रभाव के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की मुख्य विशेषता—अर्थात 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी तर्क' (Combinatorial Logic)—तथा 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच, बहु-चरणीय समस्या-समाधान, और उच्च-स्तरीय बौद्धिक क्षमताओं के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रतिरूपण या मॉडलिंग' (Modeling) की प्रक्रिया के भीतर आने वाले 'आत्म-प्रभावकारिता' (Self-Efficacy) संप्रत्यय—जिसके तहत व्यक्ति में किसी विशिष्ट परिस्थिति में सफलता प्राप्त करने के लिए अपने संज्ञानात्मक संसाधनों, प्रेरणा और क्रियाओं को संगठित एवं निष्पादित करने की अपनी क्षमता के बारे में व्यक्तिगत विश्वास और आंतरिक मूल्यांकन शामिल होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के शैक्षणिक अभिप्रेरण, लक्ष्य-निर्धारण और संज्ञानात्मक स्वायत्तता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की अवधारणा—जिसके तहत बच्चा किसी वस्तु या घटना के केवल एक ही आयाम (जैसे केवल लंबाई या केवल चौड़ाई) पर ध्यान केंद्रित करने की अपनी पूर्व प्रवृत्ति (Centration) से ऊपर उठकर एक ही समय में एक से अधिक आयामों, पक्षों या दृष्टिकोणों को एक साथ देखने, मानसिक रूप से समन्वय स्थापित करने और तार्किक विचार करने की क्षमता अर्जित कर लेता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बहु-आयामी चिंतन, संरक्षण (Conservation) के संप्रत्यय और तार्किक अवबोध के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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