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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalistic Intelligence) और 'अस्तित्ववादी बुद्धि' (Existentialist Intelligence) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ तथा कक्षा-कक्षीय शिक्षण में 'पर्यावरणीय संवेदनशीलता' और 'दार्शनिक चिंतन' के समावेश के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

हॉवर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत के अनुसार, प्रकृतिवादी बुद्धि (Naturalistic Intelligence) व्यक्तियों को प्रकृति के विभिन्न तत्वों, पौधों, जानवरों और पर्यावरण के साथ सामंजस्य बिठाने और उन्हें वर्गीकृत करने की क्षमता देती है। बाद में जोड़े गए 'अस्तित्ववादी बुद्धि' (Existentialist Intelligence) के तहत व्यक्ति मानव जीवन के गहरे और दार्शनिक पहलुओं (जैसे 'हम कौन हैं?', 'जीवन का उद्देश्य क्या है?') पर विचार करते हैं। विकल्प (b) इन दोनों बुद्धियों के वास्तविक मनोवैज्ञानिक और शैक्षणिक निहितार्थों को सटीक रूप से परिभाषित करता है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and Error Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय गौण नियम—**'बहु-अनुक्रिया का नियम' (Law of Multiple Responses)**—जिसे किसी प्राणी द्वारा किसी नवीन या अनजान समस्या के समाधान के समय तब तक विभिन्न प्रकार के अनेक अलग-अलग व्यवहार या प्रतिक्रियाएं करने की प्रवृत्ति के रूप में परिभाषित किया जाता है जब तक कि वांछित सफलता प्राप्त न हो जाए—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के लचीले समस्या-समाधान, संज्ञानात्मक अन्वेषण और अनुकूली व्यवहार के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित व्यक्तित्व की संरचनात्मक प्रणाली के तीन मूलभूत घटकों—(1) इड (Id), (2) ईगो (Ego), और (3) सुपरईगो (Superego)—के साथ-साथ 'रक्षा तंत्र' (Defense Mechanisms, जैसे दमन, प्रक्षेपण और युक्तीकरण) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक संघर्षों, आंतरिक तनावों, और अनैतिक आवेगों के सामाजिक रूप से स्वीकार्य व्यवहारों में रूपांतरण के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कर्ट लेविन (Kurt Lewin) के 'क्षेत्र सिद्धांत' (Field Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'जीवन स्पेस' (Life Space) की संकल्पना तथा अधिगम प्रक्रिया में विभिन्न प्रकार के मनोवैज्ञानिक संघर्षों—जैसे कि 'गम-गम संघर्ष' (Approach-Approach Conflict), 'परिहार-परिहार संघर्ष' (Avoidance-Avoidance Conflict), और 'गम-परिहार संघर्ष' (Approach-Avoidance Conflict)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ तथा कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थी के व्यवहार एवं निर्णय लेने की प्रक्रिया पर इनके प्रभाव के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हर्बर्ट गार्डनर (Howard Gardner) अथवा डेविड पर्किंस (David Perkins) की 'वितरित बुद्धि' (Distributed Intelligence / Cognition in the Wild) तथा एडविन हचिंस (Edwin Hutchins) के विचारों पर आधारित 'वितरित संज्ञान' (Distributed Cognition) की अवधारणा—जिसके तहत संज्ञान केवल मस्तिष्क के भीतर सीमित न रहकर व्यक्तियों, सांस्कृतिक उपकरणों, भौतिक माध्यमों और सामाजिक अंतःक्रियाओं के बीच वितरित (Distributed across persons, environment, and tools) होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सहयोगात्मक समस्या-समाधान, डिजिटल/तकनीकी साधनों के उपयोग, और सामाजिक-सांस्कृतिक अधिगम परिवेश के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, उरी ब्रॉन्फेनब्रेनर (Urie Bronfenbrenner) के 'पारिस्थितिकी प्रणालियों के सिद्धांत' (Ecological Systems Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'मीसोसिस्टम या मध्यतंत्र' (Mesosystem) की अवधारणा—जिसके तहत विकासशील व्यक्ति की विभिन्न सूक्ष्म प्रणालियों (Microsystems) यानी उसके परिवार, विद्यालय, सहपाठियों और पड़ोस के बीच होने वाले आपसी संबंधों, अंतःक्रियाओं और संपर्कों को शामिल किया जाता है (उदाहरणार्थ, माता-पिता और शिक्षकों के बीच की बैठक या सहपाठियों और परिवार के बीच समन्वय)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समग्र विकास, सामाजिक अनुकूलन और संज्ञानात्मक स्थिरता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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