BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

MPTET
1 views

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिग्मंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytical Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित व्यक्तित्व की तीन संरचनात्मक प्रणालियों—(1) इड (Id), (2) अहम् (Ego), और (3) पराहम् (Superego)—तथा 'रक्षा तंत्र' (Defense Mechanisms, विशेष रूप से 'उर्ध्वपातन' अर्थात् Sublimation और 'प्रक्षेपण' अर्थात् Projection) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक समायोजन, फ्रस्ट्रेशन टॉलरेंस (Frustration Tolerance), और नैदानिक मार्गदर्शन (Clinical Guidance) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

सिग्मंड फ्रायड के मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत के अनुसार, व्यक्तित्व तीन घटकों से मिलकर बनता है—इड (जो सुख के सिद्धांत पर आधारित है), अहम् (जो वास्तविकता के सिद्धांत पर कार्य करता है और मध्यस्थता करता है), तथा पराहम् (जो नैतिक और आदर्शवादी मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है)। अहम् इन दोनों विरोधी ताकतों के बीच संतुलन बनाता है। इसके अतिरिक्त, 'उर्ध्वपातन' (Sublimation) एक परिपक्व और सकारात्मक रक्षा तंत्र है जिसके माध्यम से दमित और असामाजिक आवेगों को कला, विज्ञान, खेल या समाज-कल्याण जैसे उच्च और स्वीकृत रूपों में बदल दिया जाता है। यह शिक्षकों को छात्रों के संवेगात्मक और व्यवहारिक समायोजन को वैज्ञानिक रूप से समझने में मदद करता है।
Share:

Related Questions

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, गेरहार्ड और मैरी वालिस (Graham Wallas) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक चिंतन के चरणों' (Stages of Creative Thinking) के अंतर्गत आने वाले चार प्रमुख चरणों—(1) तैयारी (Preparation), (2) उद्भवन (Incubation), (3) प्रदीप्ति/प्रस्फुटन (Illumination), और (4) सत्यापन (Verification)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की मौलिक समस्या-समाधान क्षमताओं, अंतर्दृष्टि (Insight) के विकास और अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय आयाम—**'स्थानिक बुद्धि' (Spatial Intelligence)**—जिसे दृश्य-स्थानिक दुनिया को सटीक रूप से देखने, मानसिक रूप से उसका परिवर्तन करने, स्थानिक रूपों की कल्पना करने और त्रिविम (3D) संबंधों को समझने की क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्थानिक मानचित्रण (Spatial Mapping), ज्यामितीय बोध, वास्तुकलात्मक कल्पना और दृश्य-श्रव्य अधिगम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सकारात्मक पुनर्बलन' (Positive Reinforcement) की अवधारणा—जिसके तहत किसी विशिष्ट वांछित व्यवहार या अनुक्रिया के तुरंत पश्चात किसी सुखद, अनुकूल या प्रोत्साहनपरक उद्दीपक (जैसे- प्रशंसा, पुरस्कार या प्रोत्साहन) को प्रस्तुत करने से भविष्य में उस व्यवहार या अनुक्रिया की पुनरावृत्ति की आवृत्ति और संभावना में उल्लेखनीय वृद्धि हो जाती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुशासित आचरण, सृजनात्मक सहभागिता और सतत अधिगम अभिप्रेरणा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आत्म-सिद्धि या आत्म-वास्तविकीकरण आवश्यकता' (Self-Actualization Need) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति अपनी सर्वोच्च क्षमताओं, व्यक्तिगतिक प्राथमिकताओं, आंतरिक रचनात्मकता और अपनी पूर्ण संदर्श क्षमता को विकसित करने तथा जीवन में अपने चरम यथार्थ को प्राप्त करने के लिए प्रेरित होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समग्र विकास, आंतरिक प्रेरणा और स्वायत्तता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन बॉल्बी (John Bowlby) के 'संलग्नता सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'असुरक्षित-प्रतिरोधी या उभयभावी संलग्नता' (Insecure-Resistant / Ambivalent Attachment) की अवधारणा—जिसके तहत शिशु माता-पिता (देखभाल करने वाले) की उपस्थिति में भी अत्यधिक चिपके रहने वाला व्यवहार प्रदर्शित करता है, अन्वेषण करने में असमर्थ होता है, तथा जब देखभाल करने वाला व्यक्ति कमरे से बाहर जाता है तो अत्यधिक तीव्र संकट (Extreme Distress) और रोना व्यक्त करता है, किंतु जब वह वापस लौटता है तो वह क्रोध, विरोध और सांत्वना चाहने के बीच लगातार झूलता रहता है (यानी वह एक ही समय में गले लगना चाहता है और धक्का भी देता है)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक नियमन (Emotional Regulation), विद्यालयी समायोजन और सुरक्षित शिक्षण वातावरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.