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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning / Assimilation Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अग्रिम आयोजक' (Advance Organizers) तथा 'संज्ञानात्मक संरचना में पूर्व ज्ञान के समावेश' (Subsumption) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की नई सूचनाओं के दीर्घकालिक संग्रहण, अर्थपूर्ण ज्ञान के निर्माण, और संज्ञानात्मक पुल (Cognitive Bridge) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
डेविड औसुबेल का 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) इस बात पर जोर देता है कि नया ज्ञान विद्यार्थियों के मस्तिष्क में पहले से मौजूद ज्ञान (Cognitive Structure) के साथ जुड़कर ही सार्थक बनता है। इस प्रक्रिया को 'समावेशन' (Subsumption) कहा जाता है। 'अग्रिम आयोजक' (Advance Organizers) वे प्रास्ताविक सामग्रियां या अवधारणाएं हैं जिन्हें मुख्य पाठ से पहले प्रस्तुत किया जाता है, जो विद्यार्थियों को नए ज्ञान को उनके मौजूदा स्कीमा के साथ जोड़ने के लिए एक वैचारिक ढांचा (Cognitive Bridge) प्रदान करती हैं।
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