क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)
Asked 3 महीने पहले · Viewed 2,642 times
बी. एफ. स्किनर (B.F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'शेपिंग' (Shaping/आकृतिकरण) और 'चेनिंग' (Chaining/श्रृंखलन) की तकनीकों के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के जटिल व्यावहारिक कौशलों के विकास, तत्कालिक एवं आंशिक पुनर्बलन अनुसूचियों (Schedules of Reinforcement) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
व्याख्या: बी. एफ. स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) के अनुसार, 'शेपिंग' (Shaping) या आकृतिकरण वह विधि है जिसमें किसी नए या जटिल वांछित व्यवहार को स्थापित करने के लिए 'क्रमिक सन्निकटन' (Successive Approximations) यानी लक्ष्य की ओर बढ़ने वाले छोटे-छोटे कदमों को पुनर्बलित किया जाता है। वहीं, 'चेनिंग' (Chaining) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा कई अलग-अलग और पहले से सीखे गए सरल व्यवहारों को एक क्रमबद्ध श्रृंखला (Sequence) में जोड़ा जाता है ताकि एक समग्र जटिल क्रिया पूरी की जा सके। विकल्प 'a' इन दोनों मनोवैज्ञानिक संकल्पनाओं को उनके वास्तविक निहितार्थ के साथ सही ढंग से परिभाषित करता है, अतः यही सबसे प्रामाणिक कथन है।
अगला प्रश्न →
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant…
← पिछला प्रश्न
बुरुस फ्रेडरिक स्किनर (B.F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत…
Related Questions
→
अधिगम के मनोविज्ञान के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक के 'मुख्य नियमों' (Primary Laws of Learning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के सुदृढ़ीकरण (Reinforcement) के संप्रत्यय का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, थार्नडाइक के किस विशिष्ट नियम का प्रत्यक्ष वैचारिक विस्तार और प्रायोगिक परिमार्जन आगे चलकर स्किनर के 'पुनर्बलन अनुसूची' (Schedules of Reinforcement) और अनुक्रिया-प्रतिक्रिया गतिकी का आधार बना?
→
अधिगम के क्षेत्र में इवान पावलव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning) के मध्य के तात्विक और सैद्धांतिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों के बीच के सबसे महत्वपूर्ण और मौलिक अंतर को रेखांकित करता है?
→
इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) सिद्धांत और बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) सिद्धांत के बीच की मूलभूत सैद्धांतिक और क्रियात्मक मान्यताओं का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों के मध्य के सबसे सटीक अंतर को स्पष्ट करता है?
→
अधिगम (Learning) के अध्ययन में थार्नडाइक के 'प्रभाव के नियम' (Law of Effect), पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) और स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) में 'पुनर्बलन' (Reinforcement) की भूमिका और उद्दीपक-अनुक्रिया के स्वरूप का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों के मध्य तात्विक और क्रियात्मक अंतर को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'शेपिंग' (Shaping) या 'रूप देना / आकृति प्रदान करना' की अवधारणा—जिसके तहत किसी जटिल, वांछित या नवीन व्यवहार को क्रमिक रूप से प्राप्त करने के लिए 'समीपस्थ सन्निकटन विधि' (Method of Successive Approximations) का उपयोग किया जाता है, जिसमें प्रत्येक चरण पर सही प्रतिक्रिया के लिए सुदृढीकरण (Reinforcement) प्रदान किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के कठिन कौशल अर्जन, चरणबद्ध प्रगति, और सकारात्मक व्यवहार संशोधन के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियापूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'शेपिंग' (Shaping / आकृति-निर्माण) या 'सन्निकट सन्निकटन का क्रमिक उपागम' (Successive Approximation Method) की अवधारणा—जिसके तहत किसी जटिल, नए या अवांछित रूप से अनुपस्थित वांछित व्यवहार को सीधे प्राप्त करने के बजाय, उस अंतिम लक्ष्य की ओर बढ़ने वाले छोटे-छोटे और क्रमिक चरणों (Steps) या व्यवहारों को सुदृढ़ीकरण (Reinforcement) प्रदान करके धीरे-धीरे ढाला जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के नए व्यावहारिक कौशल के अर्जन, चरणबद्ध प्रगति, और जटिल आदतों के वैज्ञानिक निर्माण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'पुनर्बलन अनुसूचियों' (Schedules of Reinforcement)—विशेष रूप से 'चर अनुपात अनुसूची' (Variable-Ratio Schedule) तथा 'नियत अंतराल अनुसूची' (Fixed-Interval Schedule)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के वांछित व्यवहारों के स्थायित्व, विलोपन (Extinction) के प्रतिरोध, और आंतरिक अभिप्रेरण के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'पुनर्बलन अनुसूचियों' (Schedules of Reinforcement—जैसे निश्चित अंतराल, परिवर्तनशील अनुपात आदि) तथा 'आकार देने की प्रक्रिया' (Shaping) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के वांछित व्यवहारों के समेकन, विलोपन (Extinction) की रोकथाम, और जटिल अधिगम प्रणालियों के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.