लेव वाइगोत्स्की
Asked 2 months ago · Viewed 21 times
लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' (Sociocultural Theory of Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्त्वन/मचान' (Scaffolding) की अवधारणाओं—विशेषकर जेरोम ब्रूनर द्वारा विस्तारित मचान की तकनीक, आंतरिक वाक् (Inner Speech), और सामाजिक अंतःक्रिया के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संज्ञान के सह-निर्माण (Co-construction of Knowledge), आत्म-नियमन (Self-Regulation), और उच्च-स्तरीय मानसिक कार्यों के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत में 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (ZPD) उस अंतर को दर्शाता है जो एक शिक्षार्थी द्वारा 'स्वयं की स्वतंत्र समस्या-समाधान क्षमता' और 'वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य (MKO) के मार्गदर्शन में समस्या-समाधान क्षमता' के बीच होता है। 'चान्त्वन' (Scaffolding), जिसे मूल रूप से जेरोम ब्रूनर द्वारा परिभाषित किया गया था, इसी ZPD के अंतर्गत दी जाने वाली वह अस्थायी सहायता है जो बच्चे को कठिन कार्यों को पार करने में सक्षम बनाती है और दक्षता आने पर धीरे-धीरे कम कर दी जाती है। यह प्रक्रिया विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक विकास, सहयोगात्मक अधिगम और स्व-नियमन को बढ़ावा देती है। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है।
अगला प्रश्न →
लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत'…
← पिछला प्रश्न
लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक…
Related Questions
→
लेव वाइगोत्स्की के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD), 'स्केफोल्डिंग' (Scaffolding) और 'संज्ञानात्मक विकास में भाषा की भूमिका' (Role of Language in Cognitive Development) के तात्विक और शैक्षणिक निहितार्थों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, वाइगोत्स्की के अनुसार बालक के संज्ञानात्मक विकास और सामाजिक अंतःक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान या पाड़' (Scaffolding) की तात्विक और शैक्षणिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, जब कोई शिक्षक किसी जटिल संज्ञानात्मक कार्य के दौरान विद्यार्थी को 'प्रारंभिक चरण में अधिकतम सहायता' प्रदान करता है और जैसे-जैसे विद्यार्थी की स्वायत्तता बढ़ती जाती है, वह अपनी सहायता को धीरे-धीरे कम (Fade out) करता जाता है, तो इस संपूर्ण प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्त्वना या मचान' (Scaffolding) की अवधारणाओं का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन एक शिक्षक की भूमिका और अधिगम प्रक्रिया की वास्तविक प्रकृति को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब एक सक्षम वयस्क या 'अधिक ज्ञानी अन्य' (MKO) बच्चे की क्षमता के वर्तमान स्तर और उसकी संभावित विकास सीमा के बीच के अंतर को पाटने के लिए अस्थायी सहायता प्रदान करता है, जिसे 'मचान निर्माण' (Scaffolding) कहा जाता है, तो इस पूरी संज्ञानात्मक अधिगम प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) तथा 'मचान या पाड़' (Scaffolding) की अवधारणाओं—जिनके तहत वास्तविक विकास स्तर और संभावित विकास स्तर के बीच के अंतराल को कुशल मार्गदर्शन (More Knowledgeable Other - MKO) द्वारा अस्थायी सहायता प्रदान करके पाटा जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सहयोगात्मक अधिगम, संज्ञानात्मक विस्तार (Cognitive Extension), और सुधारात्मक अंतःक्रियाओं के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) तथा 'मचान या पाटन' (Scaffolding) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी की वास्तविक विकास स्तर (Actual Developmental Level) और संभावित विकास स्तर (Potential Developmental Level) के बीच के अंतराल को किसी सक्षम वयस्क या सहकर्मी द्वारा दी जाने वाली अस्थायी, संरचित और संवेदनशील सहायता (Scaffolding) के माध्यम से पाटा जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सहयोगात्मक समस्या-समाधान, संज्ञानात्मक विस्तार (Cognitive Extension), और स्वतंत्र स्वायत्तता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
लेव वायगोत्สก़ी (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'स्केफोल्डिंग' (Scaffolding) की अवधारणा के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में 'सहयोगात्मक समस्या-समाधान' (Collaborative Problem Solving), 'सांस्कृतिक उपकरणों' (Cultural Tools) के संचरण और 'आंतरिक वाक्' (Inner Speech) के विकास के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) तथा 'मचान या पाड़ (Scaffolding)' की अवधारणाओं के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की आंतरिक संज्ञानात्मक प्रणालियों के विकास, सांस्कृतिक उपकरणों (Cultural Tools) के आंतरिकरण (Internalization), और सहयोगात्मक समस्या-समाधान के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.