संज्ञानात्मक विकास
Asked 3 महीने पहले · Viewed 4,419 times
रॉबर्ट जे. स्टर्नबर्ग (Robert J. Sternberg) के 'त्रितंत्र बुद्धि सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) के अंतर्गत प्रतिपादित 'घटकिय या विश्लेषणात्मक बुद्धिमत्ता' (Componentual / Analytical Intelligence) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति अमूर्त चिंतन करने, समस्याओं का विश्लेषण करने, सूचनाओं को संसाधित करने और शैक्षणिक रूप से तार्किक निर्णय लेने की क्षमता का प्रदर्शन करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन, तार्किक विश्लेषण, और अकादमिक उत्कृष्टता के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
रॉबर्ट स्टर्नबर्ग के त्रितंत्र बुद्धि सिद्धांत के अनुसार, घटकिय या विश्लेषणात्मक बुद्धिमत्ता (Componentual / Analytical Intelligence) का संबंध व्यक्ति की सूचना प्रक्रमण (Information Processing) दक्षता से है। इसके अंतर्गत मेटा-घटक (योजना बनाना और मूल्यांकन करना), निष्पादन घटक (योजनाओं को क्रियान्वित करना), और ज्ञान-अधिगम घटक (नई जानकारी प्राप्त करना) शामिल होते हैं। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में यह विद्यार्थियों को आलोचनात्मक चिंतन, तार्किक विश्लेषण, और शैक्षणिक समस्याओं को सटीकता से हल करने में सक्षम बनाती है। अतः विकल्प (b) इस संदर्भ में सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक कथन है।
अगला प्रश्न →
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत' (Cognitive…
← पिछला प्रश्न
रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagné) के 'अधिगम के अनुक्रमिक…
Related Questions
→
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के संदर्भ में, 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के तात्विक और प्रायोगिक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों संकल्पनाओं के बीच के अंतर्संबंध, उद्देश्य और व्यापकता को सर्वाधिक सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत अधिगम अक्षमता (Learning Disability) से ग्रसित बालकों, जैसे डिस्लेक्सिया (Dyslexia) या डिस्ग्राफिया (Dysgraphia) से पीड़ित विद्यार्थियों के आकलन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सी मूल्यांकन पद्धति सबसे अधिक न्यायसंगत और वैज्ञानिक मानी जाती है?
→
शैक्षणिक आकलन (Assessment) और मूल्यांकन (Evaluation) की अवधारणाओं तथा उनके तकनीकी भेदों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों प्रक्रियाओं के उद्देश्य, कार्यक्षेत्र और प्रकृति के बीच के अंतर को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
'बुद्धि परीक्षण और मापन' के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक अल्फ्रेड बिने (Alfred Binet) और थियोडोर साइमन द्वारा विकसित प्रथम बुद्धि परीक्षण (Binet-Simon Intelligence Scale) तथा विलियम स्टर्न (William Stern) और लुई टरमन (Lewis Terman) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि लब्धि' (Intelligence Quotient - IQ) की संकल्पना के गणितीय और मनोवैज्ञानिक आधार के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत' (Cognitive Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - 11 वर्ष से आगे) की सर्वोच्च विशेषता के रूप में वर्णित 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) तथा 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) की अवधारणा—जिसके तहत किशोर शिक्षार्थी केवल प्रत्यक्ष या मूर्त वस्तुओं तक सीमित न रहकर किसी समस्या के सभी संभावित समाधानों की मानसिक रूप से परिकल्पना कर सकता है, वैज्ञानिक रूप से चरों को अलग कर सकता है, और तार्किक रूप से निष्कर्षों का परीक्षण कर सकता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय वैज्ञानिक दृष्टिकोण, आलोचनात्मक चिंतन, और सुव्यवस्थित समस्या-समाधान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
रॉबर्ट गैने (Robert Gagné) के 'अधिगम के पदानुक्रम' (Conditions of Learning / Hierarchy of Learning) सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर की अधिगम प्रकार—अर्थात् 'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)—की अवधारणा, जिसके तहत शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित सिद्धांतों, नियमों और संप्रत्ययों का एक नए और जटिल संयोजन के रूप में उपयोग करके किसी अज्ञात स्थिति या चुनौती का तार्किक और सृजनात्मक समाधान खोजता है, के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, तार्किक विश्लेषण और बौद्धिक स्वायत्तता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रयोगात्मक शिक्षावाद' (Experimentalism) एवं 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित 'चिंतनशील चिंतन' (Reflective Thinking) की पाँच चरणों वाली प्रक्रिया—जिसमें 'सुझाव', 'समस्या का बौद्धिकरण', 'परिकल्पना', 'तर्क', और 'परिकल्पना का परीक्षण' शामिल हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण, समस्या-समाधान की क्षमता, और अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
रॉबर्ट गैने (Robert Gagné) के 'अधिगम के पदानुक्रम सिद्धांत' (Conditions of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर के अधिगम—अर्थात 'समस्या-समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)—की अवधारणा, जिसके तहत शिक्षार्थी आंतरिक नियमों, सिद्धांतों और संकल्पनाओं का उपयोग करके एक जटिल, नवीन और अनूठी स्थिति में उत्पन्न समस्या का तार्किक समाधान खोजता है, के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक क्षमताओं, सर्जनात्मक चिंतन (Creative Thinking), और बौद्धिक स्वायत्तता के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.