सृजनशीलता (Creativity)
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एडवर्ड डी बोनो (Edward de Bono) के 'सृजनात्मक चिंतन और पार्श्व चिंतन' (Lateral Thinking) सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित 'सिक्स थिंकिंग हैट्स' (Six Thinking Hats) पद्धति में 'हरी टोपी' (Green Hat) की अवधारणा—जिसके तहत तार्किक आलोचना या नकारात्मकता से परे पूरी तरह से नए विचारों, सृजनात्मक विकल्पों, संभावनाओं और अपरंपरागत दृष्टिकोणों को उत्पन्न करने पर बल दिया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के मौलिक सृजन, समस्या-समाधान के वैकल्पिक मार्गों और अभिनव चिंतन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
एडवर्ड डी बोनो के 'सिक्स थिंकिंग हैट्स' (Six Thinking Hats) मॉडल में 'हरी टोपी' (Green Hat) सृजनात्मकता (Creativity), ऊर्जा, नए विचारों, विकल्पों और पार्श्व चिंतन (Lateral Thinking) का प्रतिनिधित्व करती है। इसका उपयोग कक्षा-कक्षीय शिक्षण में तब किया जाता है जब विद्यार्थियों को किसी समस्या के पारंपरिक समाधानों से हटकर लीक से हटकर (Out-of-the-box) सोचने, नए विकल्प तलाशने और रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए प्रोत्साहित करना हो। इस अवस्था में किसी भी प्रकार की आलोचना पर रोक होती है ताकि बच्चे भयमुक्त होकर अपने मौलिक विचारों को प्रस्तुत कर सकें। अत: विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य कथन है।
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रॉबर्ट गैने (Robert Gagné) के 'अधिगम के पदानुक्रम सिद्धांत' (Conditions of…
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नॉर्मन मंटगोमेरी मूक (Norman L. Munn) एवं जेरोम ब्रूनर…
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एडवर्ड डी बोनो (Edward de Bono) के 'सृजनात्मक चिंतन' (Lateral Thinking / Six Thinking Hats) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय मनोवैज्ञानिक उपकरण—**'नीला टोप (Blue Hat)'**—जिसे उस नियंत्रण और प्रबंधन की मानसिक स्थिति के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ व्यक्ति या समूह अपने संपूर्ण चिंतन प्रक्रम (Thinking Process) का संगठन, रूपरेखा तैयार करना, निष्कर्ष निकालना और अधिगम सत्र के नियंत्रण तथा मूल्यांकन का कार्य करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के metacognitive नियंत्रण, संगठनात्मक कौशल और विचार-मंथन (Brainstorming) सत्रों के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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पृथ्वी के आंतरिक भागों में उत्पन्न होने वाली विवर्तनिक हलचलों (Tectonic Movements) तथा ज्वालामुखी एवं भूकंपीय घटनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ज्वालामुखी उद्गार के दौरान निकलने वाले लावा में सिलिका की मात्रा जितनी अधिक होती है, वह उतना ही अधिक चिपचिपा (Viscous) और अम्लीय होता है, जिसके परिणामस्वरूप अत्यधिक विस्फोटक उद्गार होते हैं, जैसे हवाई-तुल्य (Hawaiian) ज्वालामुखी जो सबसे अधिक विस्फोटक होते हैं।
2. भूकंप के दौरान उत्पन्न होने वाली भूकम्पीय तरंगों में प्राथमिक तरंगें (P-Waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं, जो ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-Waves) अनुप्रस्थ (Transverse) तरंगें होती हैं जो केवल ठोस माध्यम से ही गमन करती हैं और तरल क्रोड (Liquid Outer Core) से गुजरने पर लुप्त हो जाती हैं।
3. 'रिएक्टर पैमाना' (Richter Scale) भूकंप की ऊर्जा या परिमाण (Magnitude) को मापने का एक लघुगणकीय (Logarithmic) पैमाना है, जिसका अर्थ है कि पैमाने पर प्रत्येक अगली पूर्ण संख्या पिछली संख्या की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक आयाम और लगभग 32 गुना अधिक ऊर्जा मुक्त करती है।
4. प्रशांत महासागर की परिधि को 'अग्नि वलय' (Ring of Fire) कहा जाता है, जहाँ दुनिया के लगभग 75 प्रतिशत से अधिक सक्रिय ज्वालामुखी और लगभग 90 प्रतिशत भूकंप दर्ज किए जाते हैं, जिसका मुख्य कारण पैसिफिक प्लेट का अन्य महाद्वीपीय प्लेटों के साथ अभिसरण (Convergent Boundary) होना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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डेविड कोलब (David Kolb) के 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) के अंतर्गत प्रतिपादित चार प्रमुख चरणों—(1) मूर्त अनुभव (Concrete Experience), (2) विचारपूर्ण प्रेक्षण (Reflective Observation), (3) अमूर्त अवधारणा (Abstract Conceptualization), और (4) सक्रिय प्रयोग (Active Experimentation)—तथा उनके द्वारा सुझाए गए चार अधिगम शैलियों (Convergent, Divergent, Assimilant, Accommodant) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की व्यक्तिगत अधिगम प्राथमिकताओं और अनुभवात्मक ज्ञान-निर्माण के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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गेरहार्ड और मैरी वालिस (Graham Wallas) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक चिंतन के चरणों' (Stages of Creative Thinking) के अंतर्गत आने वाले चार प्रमुख चरणों—(1) तैयारी (Preparation), (2) उद्भवन (Incubation), (3) प्रदीप्ति/प्रस्फुटन (Illumination), और (4) सत्यापन (Verification)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की मौलिक समस्या-समाधान क्षमताओं, अंतर्दृष्टि (Insight) के विकास और अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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कक्षा में 'सृजनात्मकता' (Creativity) को बढ़ावा देने के लिए कौन सा चिंतन आवश्यक है?
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शिक्षण में 'ब्रेनस्टॉर्मिंग' (Brainstorming) तकनीक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
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