अभिप्रेरणा एवं प्रेरक
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कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी अधिगम सिद्धांत' (Humanistic Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रयोगभावी या अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) की अवधारणा—जिसके तहत अधिगम तब सार्थक और परिवर्तनकारी बनता है जब शिक्षार्थी किसी प्रत्यक्ष, वास्तविक और समस्या-मूलक परिस्थिति में सक्रिय रूप से भाग लेता है, अपनी जिज्ञासाओं और आंतरिक प्रेरणाओं के आधार पर विषय-वस्तु को अपने व्यक्तिगत जीवन से जोड़ता है, तथा शिक्षक एक 'सुविधादाता या सहजकर्ता' (Facilitator) की भूमिका निभाते हुए उसके स्व-निर्देशित (Self-Directed) विकास का समर्थन करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्वायत्त ज्ञान-निर्माण, आंतरिक अभिप्रेरणा और सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
कार्ल रोजर्स के मानवतावादी अधिगम सिद्धांत (Humanistic Learning Theory) के अनुसार, 'अनुभवात्मक या प्रयोगभावी अधिगम' (Experiential Learning) वह प्रक्रिया है जो शिक्षार्थी के व्यक्तिगत अनुभवों, आंतरिक प्रेरणा और पूर्णतः कार्यशील व्यक्ति बनने की क्षमता पर जोर देती है। इस उपागम में, अधिगम सबसे अधिक सार्थक और गहरा तब होता है जब छात्र स्वयं अपनी समस्याओं का सामना करते हैं और शिक्षक एक 'सहजकर्ता या सुविधादाता' (Facilitator) के रूप में उनकी स्वतंत्रता, आत्म-स्वीकृति और आंतरिक अभिप्रेरणा को बढ़ावा देते हैं। विकल्प (b) इस अवधारणा के वैज्ञानिक और कक्षा-कक्षीय निहितार्थों को पूरी तरह से सही रूप में प्रस्तुत करता है।
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हाल ही में बिहार सरकार द्वारा राज्य में युवाओं के कौशल विकास, रोजगार सृजन और…
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रिचर्ड एम. रायन (Richard M. Ryan) और एडवर्ड एल. डेसी…
Related Questions
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कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach to Education) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सुगमकर्ता के रूप में शिक्षक' (Teacher as a Facilitator) और 'स्वायत्त अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षक ज्ञान का एक सत्तावादी प्रेषक न बनकर एक ऐसा सहायक या सुगमकर्ता होता है जो कक्षा में एक मनोवैज्ञानिक रूप से सुरक्षित, गैर-न्यायसंगत और सहानुभूतिपूर्ण वातावरण (Empathetic Environment) का निर्माण करता है, ताकि शिक्षार्थी अपनी आंतरिक प्रेरणा और आत्म-बोध के आधार पर स्वयं अपने अनुभवों से सार्थक ज्ञान का अर्जन कर सकें—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-निर्देशित अधिगम (Self-Directed Learning), संवेगात्मक स्वतंत्रता और सकारात्मक आत्म-संकल्पना (Positive Self-Concept) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानववादी मनोविज्ञान' (Humanistic Psychology) के अंतर्गत प्रतिपादित 'पूर्णतः कार्यशील व्यक्ति' (Fully Functioning Person) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति अपने अनुभवों के प्रति खुलापन, अस्तित्वगत जीना (Existential Living), अपने जीव पर भरोसा रखना, अनुभवात्मक स्वतंत्रता और रचनात्मकता जैसे लक्षणों का प्रदर्शन करते हुए अपनी पूरी मनोवैज्ञानिक क्षमता को आत्मसात करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आत्म-स्वीकार, आंतरिक अभिप्रेरणा और भय-मुक्त वातावरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) के 'मानवीय आवश्यकताओं के पदानुक्रम सिद्धांत' (Theory of Human Motivation / Hierarchy of Needs) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर की आवश्यकता—अर्थात् 'आत्म-सिद्धि या आत्म-वास्तविकीकरण की आवश्यकता' (Need for Self-Actualization)—की अवधारणा, जिसके तहत व्यक्ति अपनी पूरी क्षमता, प्रतिभा और अंतर्निहित संभावनाओं का पूर्ण विकास और सदुपयोग करने के लिए प्रेरित होता है, और यह आवश्यकता तभी सक्रिय होती है जब उसकी पिछली सभी शारीरिक, सुरक्षा, अपनेपन और सम्मान संबंधी आवश्यकताएं संतोषजनक रूप से पूरी हो चुकी होती हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की आंतरिक अभिप्रेरणा, रचनात्मकता के विकास और उनके संपूर्ण व्यक्तित्व के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवीय आवश्यकताओं के पदानुक्रम सिद्धांत' (Theory of Human Motivation / Hierarchy of Needs) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आत्म-सिद्धि या आत्म-वास्तविकीकरण' (Self-Actualization) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति अपनी सर्वोच्च क्षमताओं, रचनात्मकता, आत्म-विकास और आंतरिक संभावनाओं को पूरी तरह से साकार करने की तीव्र मनोवैज्ञानिक ड्राइव का अनुभव करता है, जो शारीरिक, सुरक्षा, अपनेपन और सम्मान जैसी सभी बुनियादी और मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं के संतुष्ट होने के बाद शीर्ष स्तर पर प्रकट होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की उच्च-स्तरीय प्रेरणा, सृजनात्मकता के संवर्धन और सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2023 और खेलकूद के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 2023 के लिए देश का सर्वोच्च खेल सम्मान 'मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार' बैडमिंटन खिलाड़ी चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी की जोड़ी को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया है।
2. अर्जुन पुरस्कार 2023 से सम्मानित होने वाली आर. प्रज्ञानानंद की बहन आर. वैशाली शतरंज के क्षेत्र में इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को प्राप्त करने वाली पहली महिला ग्रैंडमास्टर बनी हैं।
3. राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार 2023 'ओडिशा माइनिंग कॉर्पोरेट लिमिटेड' (OMC) को खेल के विकास और प्रोत्साहन में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया है।
4. मौलाना अबुल कलाम आजाद (MAKA) ट्रॉफी 2023 में समग्र रूप से शीर्ष प्रदर्शन करने के लिए 'गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर' को प्रदान की गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार में हाल ही में शुरू की गई 'मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना' और स्टार्टअप नीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस योजना के तहत राज्य की महिलाओं को नया उद्योग या व्यवसाय शुरू करने के लिए कुल 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें 5 लाख रुपये अनुदान (Subsidy) के रूप में और शेष 5 लाख रुपये ब्याज-मुक्त ऋण (Interest-free loan) के रूप में होते हैं जिसे 84 किस्तों में वापस करना होता है।
2. 'बिहार स्टार्टअप नीति' के तहत स्टार्टअप्स को सीड फंडिंग के रूप में अधिकतम 10 लाख रुपये तक की राशि बिना किसी ब्याज के 10 वर्षों के लिए प्रदान की जाती है, और महिला उद्यमियों के नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को अतिरिक्त 5% 'सीड फंड' प्रोत्साहन के रूप में दिया जाता है।
3. इस योजना के क्रियान्वयन के लिए 'बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन' (BIA) को नोडल एजेंसी बनाया गया है, जो सीधे तौर पर लाभार्थियों के चयन से लेकर उनके तकनीकी प्रशिक्षण और मॉनिटरिंग का कार्य करती है।
4. बिहार सरकार के उद्योग विभाग द्वारा इस योजना के सुचारू संचालन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 'उद्यमी बिहार' (Udyami Bihar) नामक एक विशेष मोबाइल ऐप और पोर्टल लॉन्च किया गया है, जिसके माध्यम से आवेदक ऑनलाइन आवेदन और दस्तावेजों का सत्यापन कर सकते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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आरंभिक बाल्यावस्था और बाल्यावस्था के दौरान बच्चों के व्यक्तित्व और प्रेरणा (Motivation) के विकास के संदर्भ में, एडवर्ड डीसी (Edward Deci) और रिचर्ड रायन (Richard Ryan) द्वारा प्रतिपादित 'आत्म-निर्णय सिद्धांत' (Self-Determination Theory - SDT) के अनुसार, मानव विकास और आंतरिक प्रेरणा (Intrinsic Motivation) को बनाए रखने के लिए किन तीन बुनियादी मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं (Basic Psychological Needs) का होना सबसे अधिक अनिवार्य है?
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'अभिप्रेरणा के सिद्धांतों' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs: शारीरिक सुरक्षा से लेकर आत्म-सिद्धि तक) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रलग्रुप ऑफ़ न्यूक्लियस एक्यूम्बेंस' (Ventral Striatum / Nucleus Accumbens - डोपामिनर्जिक रिवार्ड पाथवे और मूलभूत प्रेरणा), 'लिम्बिक सिस्टम और हाइपोथैलेमस' (Limbic System & Hypothalamus - होमियोस्टैटिक और भावनात्मक आवश्यकताएं), तथा 'डorsolateral Prefrontal Cortex' (DLPFC - उच्च-स्तरीय आत्म-सिद्धि, लक्ष्य निर्धारण और मूल्य मूल्यांकन) के बीच न्यूरोट्रांसमीटर मॉड्यूलेशन, होमियोस्टैटिक संतुलन, और पदानुक्रमित तंत्रिका सक्रियण गतिकी, तथा डेविड मैक्लांड (David McClelland) के 'आवश्यकता सिद्धांत' (Need for Achievement, Affiliation, and Power) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मोटिवेशन ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Motivation Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में आंतरिक अभिप्रेरणा (Intrinsic Motivation), मनोवैज्ञानिक सुरक्षा व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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