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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach) एवं 'अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Experiential Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अर्थपूर्ण या अनुभवात्मक अधिगम' (Significant/Experiential Learning) की अवधारणा—जिसके तहत अधिगम केवल बौद्धिक तथ्यों का संचयन नहीं है, बल्कि यह वह प्रक्रिया है जो व्यक्ति की संपूर्णता (संपूर्ण व्यक्तित्व, भावनाओं और व्यवहार) को जोड़ती है तथा तब घटित होती है जब छात्र किसी ऐसी विषय-वस्तु को अपने व्यक्तिगत लक्ष्यों, जिज्ञासा और वास्तविक जीवन की समस्याओं से संबंधित मानते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्वायत्त ज्ञानार्जन, आंतरिक प्रेरणा और स्व-निर्देशित अधिगम (Self-Directed Learning) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कार्ल रोजर्स के मानवतावादी उपागम और अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत के अनुसार, सार्थक या अनुभवात्मक अधिगम का अर्थ है कि ज्ञान केवल बाहर से थोपा नहीं जाता, बल्कि यह छात्र द्वारा स्व-प्रारंभिक (Self-Initiated) होता है और इसमें उसकी संपूर्ण मनोवैज्ञानिक संरचना (संज्ञानात्मक और संवेगात्मक दोनों) शामिल होती है। इस प्रक्रिया में शिक्षक का मुख्य कार्य ज्ञान देना नहीं, बल्कि एक 'सुगमकर्ता' (Facilitator) के रूप में ऐसा अनुकूल मनोवैज्ञानिक वातावरण तैयार करना है जहाँ छात्र स्वतंत्र रूप से अन्वेषण कर सकें और अपने अधिगम का मूल्यांकन स्वयं कर सकें।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, पॉल टोरेन्स (E. Paul Torrance) के 'सृजनात्मक चिंतन के सिद्धांत' (Torrance Tests of Creative Thinking - TTCT) के अंतर्गत प्रतिपादित चार प्रमुख घटकों—(1) प्रवाह (Fluency), (2) लचीलापन (Flexibility), (3) मौलिकता (Originality), और (4) विस्तारण (Elaboration)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अपसारी चिंतन (Divergent Thinking), समस्या-समाधान क्षमताओं, और मौलिक विचारोत्पादक कौशलों के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आत्म-प्रभावकारिता' (Self-Efficacy) की अवधारणा—जिसके तहत किसी विशिष्ट कार्य को सफलताપूर्वक निष्पादित करने की अपनी क्षमता के बारे में व्यक्ति का व्यक्तिगत विश्वास उसके लक्ष्यों के निर्धारण, प्रयास के स्तर और विपरीत परिस्थितियों में दृढ़ता को प्रत्यक्ष रूप से संचालित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के प्रेरणा स्तर, संज्ञानात्मक पुनर्रचना और स्वनिर्देशित अधिगम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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