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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, गेस्टाल्ट मनोवैज्ञानिक मैक्स वर्थइमर (Max Wertheimer), कोहका (Koffka) और कोहलर (Köhler) द्वारा प्रतिपादित **'अंतर्दृष्टि या सूझ का सिद्धांत' (Insight Learning / Gestalt Theory)** के अंतर्गत अंतर्निहित **'अचानक संज्ञान या आहा! अनुभव' (Aha! Experience)** की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी किसी समस्या का विश्लेषण करते समय उसके बिखरे हुए घटकों को आंशिक रूप से नहीं बल्कि समग्र रूप से (Holistically) देखता है और अचानक से मानसिक पुनर्गठन (Mental Restructuring) के माध्यम से समस्या का संपूर्ण समाधान प्राप्त कर लेता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक विहंगम अवलोकन (Overview), संरचनात्मक चिंतन और रचनात्मक समस्या-समाधान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

गेस्टाल्ट मनोवैज्ञानिकों (जैसे कोहलर, वर्थइमर और कोहका) द्वारा प्रतिपादित 'अंतर्दृष्टि या सूझ का सिद्धांत' (Insight Learning Theory) इस बात पर जोर देता है कि सीखना केवल प्रयास और त्रुटि या यांत्रिक आदतों का परिणाम नहीं है, बल्कि यह स्थिति के समग्र अवलोकन (Holistic Perception) और मानसिक पुनर्गठन पर आधारित है। जब कोई शिक्षार्थी समस्या के सभी घटकों के आपसी संबंधों को एक साथ देख लेता है, तो उसे अचानक से समाधान सूझता है जिसे 'आहा! अनुभव' (Aha! Experience) कहा जाता है। विकल्प (c) इस मनोवैज्ञानिक अवधारणा और इसके कक्षा-कक्षीय निहितार्थों का सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य वर्णन करता है, क्योंकि यह समग्रता (Totality) और आंतरिक संज्ञानात्मक पुनर्गठन को रेखांकित करता है।
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF) 2005 के अनुसार, विज्ञान शिक्षा के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक उपयुक्त है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, नॉर्मन ट्रिपलेट (Norman Triplett) तथा रॉबर्ट ज़जोंक (Robert Zajonc) द्वारा प्रतिपादित 'सामाजिक संवितरण' (Social Facilitation) तथा 'सामाजिक निष्क्रियता' (Social Loafing) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की सामूहिक सहभागिता, सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning) के दौरान व्यक्तिगत उत्तरदायित्व (Individual Accountability), और साथियों की उपस्थिति में निष्पादन की गुणवत्ता के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रिचर्ड आत्मक (Richard Atkinson) और रिचर्ड शिफ्रिन (Richard Shiffrin) द्वारा प्रतिपादित **'सूचना प्रक्रमण मॉडल' (Information Processing Model / Multi-Store Model of Memory)** के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय घटक—**'संवेदी स्मृति' (Sensory Memory / Sensory Register)**—जिसे बाहरी पर्यावरण से प्राप्त होने वाली समस्त दृश्य, श्रव्य और अन्य संवेदी सूचनाओं को बहुत ही अल्प समय (एक सेकंड से भी कम) के लिए बिना किसी संज्ञानात्मक अर्थ के त्यों का त्यों धारण करने वाले प्रथम मानसिक भंडार के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के चयनात्मक अवधान (Selective Attention), सूचना छनन (Information Filtering) और अल्पकालिक स्मृति (Short-Term Memory) में स्थानांतरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, 'कूपर और हेलर' (Cooper & Heller) तथा अन्य समकालीन मनोवैज्ञानिकों द्वारा प्रतिपादित 'कक्षा प्रबंधन और अनुशासन' (Classroom Management and Discipline) के 'सशक्तिकरण उपागम' (Empowerment Approach) के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सी शिक्षण रणनीति पारंपरिक सत्तावादी (Authoritarian) नियंत्रण के स्थान पर विद्यार्थियों में आंतरिक अनुशासन और स्वायत्तता (Autonomy) विकसित करने के लिए सर्वाधिक प्रभावी मानी जाती है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आत्म-प्रभावकारिता' (Self-Efficacy) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति के भीतर किसी विशिष्ट परिस्थिति या कार्य को सफलतापूर्वक निष्पादित करने की अपनी क्षमताओं के बारे में विश्वास या धारणा शामिल होती है, जो उसके लक्ष्य-निर्धारण, प्रयास की मात्रा और असफलताओं के सामने दृढ़ता को सीधे तौर पर प्रभावित करती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के प्रेरणा स्तर, शैक्षणिक लचीलेपन और स्व-नियमित अधिगम (Self-Regulated Learning) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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