क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)
Asked 2 months ago · Viewed 15 times
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित **'अंशकालिक या आंतरायिक सुदृढीकरण अनुसूचियां' (Intermittent / Partial Reinforcement Schedules)** की अवधारणा—जिसके तहत प्रत्येक सही अनुक्रिया पर पुरस्कार देने के बजाय एक निश्चित या अनिश्चित समय अंतराल (Interval) या अनुक्रियाओं की संख्या (Ratio) के बाद सुदृढीकरण प्रदान किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अधिगम स्थायित्व, विलुप्तिकरण (Extinction) के प्रतिरोध और दीर्घकालिक प्रेरणा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र पाठ्यक्रम के अनुसार, स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन में आंतरायिक या अंशकालिक सुदृढीकरण (Intermittent Reinforcement) का विशेष महत्व है। जब किसी अनुक्रिया को हर बार पुरस्कृत (Continuous Reinforcement) न करके बीच-बीच में (कभी-कभी) सुदृढ़ किया जाता है, तो शिक्षार्थी को यह निश्चित रूप से पता नहीं होता कि अगला पुरस्कार कब मिलेगा। इसके परिणामस्वरूप, अधिगम का स्थायित्व बहुत बढ़ जाता है और वह व्यवहार विलोपन (Extinction) के प्रति अत्यधिक प्रतिरोधी (Resistant to extinction) हो जाता है। विशेष रूप से 'परिवर्तनशील अनुपात अनुसूची' (Variable Ratio Schedule) जुआ और लॉटरी की तरह सबसे अधिक स्थिर अनुक्रिया दर प्रदान करती है। अतः विकल्प (ए) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य कथन है।
अगला प्रश्न →
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant…
← पिछला प्रश्न
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन…
Related Questions
→
एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित अधिगम के मुख्य नियमों (Primary Laws of Learning) में से 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) इस बात पर जोर देता है कि संतोषजनक परिणाम किसी अनुक्रिया को मजबूत करते हैं और असंतोषजनक परिणाम उसे कमजोर करते हैं। इस नियम की प्रत्यक्ष रूप से मनोवैज्ञानिक व सैद्धांतिक आलोचना करते हुए स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) और पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) के परिप्रेक्ष्य में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक विश्लेषणात्मक रूप से सही है?
→
एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के प्रमुख नियमों—विशेषकर 'अभ्यास का नियम' (Law of Use and Disuse) तथा 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect)—का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) और इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) से इसकी तात्विक भिन्नता को दर्शाने वाला सर्वाधिक सटीक कथन कौन-सा है?
→
अधिगम के 'पुनर्बलन सिद्धांत' (Reinforcement Theory) के मुख्य प्रतिपादक कौन थे?
→
अधिगम के किस सिद्धांत में 'पुनर्बलन' (Reinforcement) को सीखने का आधार माना गया है?
→
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित **'नकारात्मक सुदृढ़ीकरण' (Negative Reinforcement)** की अवधारणा—जिसके तहत किसी अवांछनीय, कष्टदायक या प्रतिकूल उद्दीपक (Aversive Stimulus) को हटाकर या रोककर किसी वांछित सकारात्मक व्यवहार या अनुक्रिया की आवृत्ति, संभावना और दर को बढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुकूली व्यवहार, तनाव प्रबंधन और आंतरिक अभिप्रेरणा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित **'नकारात्मक सुदृढ़ीकरण' (Negative Reinforcement)**—जिसके तहत किसी अप्रिय, कष्टदायक या प्रतिकूल उद्दीपक (Aversive Stimulus) को हटाकर या रोककर किसी वांछित वांछनीय व्यवहार या अनुक्रिया (Desired Response) की आवृत्ति, संभावना और दर को बढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुकूली व्यवहार, अनुशासन प्रबंधन और सकारात्मक प्रेरणा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
नॉर्मन क्राउडर (Norman Crowder) द्वारा प्रतिपादित **'शाखीय अभिक्रमित अनुदेशन' (Branching Programmed Instruction)** की अवधारणा—जिसके तहत पारंपरिक रेखीय अनुदेशन की सीमाओं को पार करते हुए विद्यार्थियों की व्यक्तिगत भिन्नताओं, त्रुटियों और बौद्धिक क्षमताओं के आधार पर विभिन्न शाखाओं (विस्तृत उपचारात्मक पथ या उन्नत संवर्धन पथ) का प्रावधान किया जाता है, ताकि प्रत्येक शिक्षार्थी अपनी अनूठी गति से सीख सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के व्यक्तिगत स्वायत्त अधिगम, सुधारात्मक पृष्ठपोषण (Remediate Feedback) और संज्ञानात्मक पुनर्बलन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियापूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सकारात्मक पुनर्बलन' (Positive Reinforcement) की अवधारणा—जिसके तहत किसी विशिष्ट वांछित व्यवहार के तुरंत बाद एक अनुकूल या सुखद उद्दीपक (जैसे प्रशंसा, प्रोत्साहन या पुरस्कार) को प्रस्तुत करने से उस अनुक्रिया की पुनरावृत्ति की संभावना में उल्लेखनीय वृद्धि हो जाती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुकूली व्यवहारों के स्थिरीकरण, आंतरिक-बाह्य अभिप्रेरण के संतुलन और व्यवस्थित कक्षा प्रबंधन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.