शास्त्रीय अनुबंधन (पावलोव)
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इवान पावलोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'विलोपन' (Extinction) की अवधारणा—जिसके तहत जब किसी अनुबंधित उद्दीपन (Conditioned Stimulus - CS) को बार-बार बिना अस्वाभाविक या अननुबंधित उद्दीपन (Unconditioned Stimulus - US) के प्रस्तुत किया जाता है, तो अनुबंधित अनुक्रिया (Conditioned Response - CR) धीरे-धीरे कमजोर होकर लुप्त होने लगती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अवांछित व्यवहारों के संशोधन, आदतों के परिमार्जन और मनोवैज्ञानिक अनुबंधन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
इवान पावलोव के शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत में 'विलोपन' (Extinction) का अर्थ है कि जब अनुबंधित उद्दीपन (घंटी) को बार-बार बिना भोजन (Unconditioned Stimulus) के बजाया जाता है, तो लार का निकलना (CR) धीरे-धीरे बंद हो जाता है। कक्षा-कक्षीय शिक्षण और व्यवहार प्रबंधन में इसका उपयोग अवांछित आदतों, जैसे कि बिना बात के ध्यान आकर्षित करने वाले व्यवहार या अनावश्यक प्रतिक्रियाओं को तब तक नजरअंदाज करना है जब तक कि उनका पुनर्बलन समाप्त न हो जाए और वे स्वतः समाप्त (विलुप्त) न हो जाएं। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक वैज्ञानिक और प्रामाणिक कथन है।
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एडवर्ड टॉलमैन (Edward Tolman) के 'चिह्न अधिगम सिद्धांत' (Sign Learning Theory…
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इवान पावलोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय मनोवैज्ञानिक संप्रत्यय—'विलोपन या क्षय' (Extinction)—जिसे उस प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ अनुबंधित उद्दीपक (Conditioned Stimulus - CS) को बिना अननुबंधित उद्दीपक (Unconditioned Stimulus - US) के बार-बार प्रस्तुत किए जाने पर अनुबंधित अनुक्रिया (Conditioned Response - CR) धीरे-धीरे कम होने लगती है और अंततः समाप्त हो जाती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अवांछित व्यवहारों के शमन, आदत में सुधार और अनुकूलित प्रतिक्रियाओं के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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इवान पावलोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय मनोवैज्ञानिक अवधारणा—'विलोपन' (Extinction)—जिसे तब घटित होने वाली प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जब अनुबंधित उद्दीपक (CS - Conditioned Stimulus जैसे घंटी) को बार-बार बिना अननुबंधित उद्दीपक (UCS - Unconditioned Stimulus जैसे भोजन) के प्रस्तुत किया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप अनुबंधित अनुक्रिया (CR - Conditioned Response जैसे लार आना) धीरे-धीरे कमजोर होकर अंततः समाप्त हो जाती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अवांछित व्यवहारों के संशोधन, अव्यवस्थित आदतों के परिष्करण और अनुकूलित प्रतिक्रियाओं के वैज्ञानिक नियंत्रण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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इवान पावलोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय मनोवैज्ञानिक अवधारणा—'विलोपन या क्षय' (Extinction)—जिसे उस स्थिति के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ जब एक बार अनुबंधित उद्दीपक (Conditioned Stimulus - CS) को बिना किसी अननुबंधित उद्दीपक (Unconditioned Stimulus - US) के बार-बार प्रस्तुत किया जाता है, तो अनुबंधित प्रतिक्रिया (Conditioned Response - CR) धीरे-धीरे कम होने लगती है और अंततः समाप्त हो जाती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अवांछित व्यवहार के परिमार्जन, भावनात्मक प्रतिक्रियाओं के नियंत्रण और आदत निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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