BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

MPTET
16 views

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण अवधारणा—**'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD)**—जिसके तहत वास्तविक विकास स्तर (जो स्वतंत्र रूप से समस्या समाधान द्वारा निर्धारित होता है) और संभावित विकास स्तर (जो वयस्क मार्गदर्शन या अधिक सक्षम साथियों के सहयोग से समस्या समाधान द्वारा निर्धारित होता है) के बीच के अंतर को स्पष्ट किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक विस्तार, सामाजिक मध्यस्थता (Social Mediation) और 'मचान' या 'मचान निर्माण' (Scaffolding) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत में 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (ZPD) उस अंतराल को दर्शाता है जो बच्चे के स्वतंत्र रूप से समस्या हल करने की क्षमता (वास्तविक विकास स्तर) और वयस्क या अधिक सक्षम साथी (MKO) के मार्गदर्शन में समस्या हल करने की क्षमता (संभावित विकास स्तर) के बीच होता है। इस प्रक्रिया में 'मचान' (Scaffolding) अस्थायी सहायता प्रदान करता है जो छात्र को उच्च संज्ञानात्मक स्तर तक पहुँचने में सक्षम बनाता है।
Share:

Related Questions

→ बुद्धिमत्ता के त्रि-आयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) के प्रतिपादक जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) के अनुसार, यदि किसी बौद्धिक कार्य में 'मूर्त वस्तुओं के प्रतीकों या आकृतियों के अर्थ को समझना और उनका वर्गीकरण करना' शामिल है, तो गिलफोर्ड के बुद्धि के घन (Intellect Cube) के आयामों के अनुसार यह मानसिक प्रक्रिया बौद्धिक संक्रिया (Operation), अंतर्वस्तु (Content) और उत्पाद (Product) के किस सटीक संयोजन को दर्शाती है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित **'प्रभाव का नियम' (Law of Effect)** की अवधारणा—जिसके तहत संतोषजनक परिणामों या पुरस्कारों से अनुक्रिया और उद्दीपक के बीच का संबंध मजबूत होता है, जबकि असंतोषजनक या कष्टदायक परिणामों से वह संबंध कमजोर हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सुदृढ़ीकरण, संतोषजनक अधिगम पथ और सकारात्मक पुनर्बलन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'खोज अधिगम सिद्धांत' (Discovery Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'स्पाइरल पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum) की अवधारणा—जिसके तहत किसी भी विषय या जटिल संप्रत्यय को बच्चे के शुरुआती विकास चरणों में सरल और मूर्त रूप में प्रस्तुत किया जाता है और जैसे-जैसे छात्र की आयु, संज्ञानात्मक परिपक्वता और अनुभव का स्तर बढ़ता जाता है, उसी विषय को अधिक अमूर्त, जटिल और उन्नत स्वरूप में बार-बार गहराई के साथ पुनरावृत्ति और विस्तार के साथ पढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पूर्व-ज्ञान के सुदृढ़ीकरण, स्कीमा के उत्तरोत्तर विकास और अवधारणात्मक स्पष्टता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित व्यक्तित्व की संरचनात्मक प्रणाली—'इदम' (Id), 'अहम्' (Ego), और 'पराअहम्' (Superego)—तथा उनके द्वारा वर्णित रक्षा तंत्रों (Defense Mechanisms), विशेष रूप से 'प्रक्षेपण' (Projection), 'प्रतिगमन' (Regression), और 'युक्तिकरण' (Rationalization) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तनाव प्रबंधन तथा भावनात्मक समायोजन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत दर्शाई गई तीन अवस्थाओं—'सक्रियतावादी अवस्था' (Enactive Stage), 'प्रतिबिम्बात्मक अवस्था' (Iconic Stage), और 'संकेतात्मक अवस्था' (Symbolic Stage)—के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन इन अवस्थाओं के विकासात्मक और शिक्षण-शास्त्रीय स्वरूप को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.