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Indian Polity
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भारत में 'राष्ट्रपति का अध्यादेश' (Ordinance) अधिकतम कितनी अवधि के लिए प्रभावी रह सकता है?

Detailed Explanation

संसद के पुनर्गठन के बाद इसे 6 सप्ताह के भीतर पारित करना होता है, अन्यथा अध्यादेश समाप्त हो जाता है।
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→ भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की अधिकारिता, शक्तियों तथा न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत उच्चतम न्यायालय की मूल (Original) अधिकारिता के अंतर्गत केंद्र और एक या अधिक राज्यों के बीच अथवा दो या अधिक राज्यों के बीच उत्पन्न होने वाले किसी कानूनी विवाद का निर्णय शामिल है, जिसमें संसद या राज्य विधानमंडल द्वारा बनाए गए किसी विधि की संवैधानिक वैधता से जुड़े विवाद भी पूर्ण रूप से शामिल होते हैं। 2. अनुच्छेद 143 के तहत राष्ट्रपति को यह अधिकार प्राप्त है कि वह विधि या तथ्य के किसी ऐसे प्रश्न पर, जो सार्वजनिक महत्व का हो, उच्चतम न्यायालय से परामर्श मांग सकता है, और उच्चतम न्यायालय के लिए यह अनिवार्य होता है कि वह ऐसे प्रत्येक संदर्भ (Reference) पर अपनी राय राष्ट्रपति को प्रेषित करे। 3. उच्चतम न्यायालय के 'अभिलेख न्यायालय' (Court of Record) होने के नाते, इसके सभी निर्णय, अभिलेख और कार्रवाइयां साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखी जाती हैं, तथा इसे अपनी अवमानना (Contempt of Court) के लिए, जिसमें संसद की अवमानना का अधिकार भी सम्मिलित है, दंड देने की शक्ति प्राप्त है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान के भाग IV-क के अंतर्गत वर्णित 'मूल कर्तव्यों' (Fundamental Duties) के प्रावधानों, उनके विधिक आयामों तथा स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मूल कर्तव्यों का विचार तत्कालीन सोवियत संघ (USSR) के संविधान से प्रेरित होकर भारतीय संविधान में जोड़ा गया था, तथा मूल रूप से स्वर्ण सिंह समिति ने कर अदायगी (Payment of Taxes) को भी नागरिकों का एक कर्तव्य बनाने की संस्तुति की थी, जिसे संविधान संशोधन अधिनियम में शामिल नहीं किया गया था। 2. संविधान के अनुच्छेद 51-क के अंतर्गत प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करे और उसे अक्षुण्ण रखे, तथा यह विशिष्ट कर्तव्य मूल कर्तव्यों की सूची में सबसे पहला (क्रम संख्या 'क') स्थान रखता है। 3. यद्यपि मूल कर्तव्यों की प्रकृति न्यायोचित (Non-justiciable) है, तथापि संसद को यह संवैधानिक शक्ति प्राप्त है कि वह विधि बनाकर इनके उल्लंघन या अवहेलना के लिए यथारूप दंड या शास्ति (Penalty) आरोपित कर सकती है, जैसा कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम जैसे कानूनों के माध्यम से किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारत के प्रथम मुख्य निर्वाचन आयुक्त (Chief Election Commissioner) कौन थे? → भारतीय संविधान के भाग-IV के अंतर्गत वर्णित राज्य के नीति निर्देशक तत्वों (DPSP) और उनके विशिष्ट अनुच्छेदों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 44 में वर्णित 'समान नागरिक संहिता' (Uniform Civil Code) का उद्देश्य पूरे भारत के क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक कानून सुरक्षित करना है, तथा गोवा एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ पुर्तगाली सिविल कोड, 1867 के रूप में इसे साम्प्रदायिक या पारिवारिक मामलों में बड़े पैमाने पर लागू किया गया है। 2. अनुच्छेद 45 के मूल पाठ में यह प्रावधान था कि राज्य इस संविधान के प्रारंभ से दस वर्ष की अवधि के भीतर सभी बालकों के लिए चौदह वर्ष की आयु पूरी होने तक नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा देने का उपबंध करने का प्रयास करेगा, जिसे 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा संशोधित करके इसे प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख और शिक्षा (ECCV) का रूप दे दिया गया। 3. नीति निर्देशक तत्वों के अंतर्गत उल्लिखित अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि से संबंधित प्रावधान अनुच्छेद 48 में दिए गए हैं, जो केवल कृषि और पशुपालन के आधुनिकीकरण और गाय, बछड़ों तथा अन्य दुधारू पशुओं के वध पर प्रतिबंध लगाने से संबंधित हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारत के निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) और चुनाव सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मूल संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग को एक स्थायी और स्वतंत्र निकाय के रूप में उपबंधित किया गया था तथा इसमें यह प्रावधान था कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के अतिरिक्त राष्ट्रपति समय-समय पर जितने चाहें उतने अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति कर सकता है, जिससे यह सदैव से एक बहु-सदस्यीय निकाय रहा है। 2. दिनेश गोस्वामी समिति (1990) ने चुनाव सुधारों पर अपनी सिफारिश देते हुए यह संस्तुति की थी कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति करते समय प्रधानमंत्री को लोकसभा के विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से परामर्श करना चाहिए ताकि नियुक्ति प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष बनाया जा सके। 3. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (Representation of the People Act, 1951) की धारा 8 के अंतर्गत यदि संसद या राज्य विधानमंडल के किसी सदस्य को किसी आपराधिक मामले में दोषी ठहराया जाता है और उसे कम से कम दो वर्ष या उससे अधिक की कारावास की सजा सुनाई जाती है, तो उसकी सदस्यता सजा की तिथि से स्वतः समाप्त (Disqualified) हो जाती है तथा वह सजा की समाप्ति के बाद अगले 6 वर्षों तक चुनाव लड़ने के लिए भी अयोग्य रहता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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