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क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)
Asked 3 महीने पहले · Viewed 1,919 times
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बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंध का सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण शैक्षणिक अवधारणा—'शेपिंग या आकृति-आरोपण' (Shaping)—जिसे वांछित अंतिम जटिल व्यवहार के क्रमिक और निकटतम सन्निकटन (Successive Approximations) को सुदृढ़ीकरण प्रदान करके धीरे-धीरे स्थापित करने की एक विधिवत तकनीक के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के जटिल कौशलों के अर्जन, व्यवहार संशोधन (Behavior Modification) और क्रमिक संज्ञानात्मक प्रगति के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:

बी. एफ. स्किनर द्वारा प्रतिपादित 'क्रियाप्रसूत अनुबंध का सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) शिक्षा मनोविज्ञान में अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इस सिद्धांत के अंतर्गत 'शेपिंग' (Shaping) या आकृति-आरोपण एक ऐसी मनोवैज्ञानिक और व्यावहारिक तकनीक है जिसके माध्यम से किसी जटिल और नवीन व्यवहार को एक बार में सीखने के बजाय क्रमिक चरणों (Successive Approximations) में विभाजित करके सिखाया जाता है। जब विद्यार्थी वांछित लक्ष्य की दिशा में छोटे-छोटे कदम बढ़ाता है, तो प्रत्येक सही कदम या सन्निकटन पर उसे सकारात्मक सुदृढ़ीकरण (Positive Reinforcement) प्रदान किया जाता है। इस प्रकार, क्रमिक सुदृढ़ीकरण के जरिए अंतिम जटिल व्यवहार को धीरे-धीरे स्थापित किया जाता है। अतः विकल्प (b) इस अवधारणा का सबसे सटीक और वैज्ञानिक रूप से मान्य विवरण प्रस्तुत करता है।

📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:

  • सफलता का क्रमिक मार्ग: शेपिंग में जटिल कौशलों को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर सुदृढ़ीकरण द्वारा सिखाया जाता है।
  • विकल्प (a) का विश्लेषण: इसमें कठोर दंड और नकारात्मक सुदृढ़ीकरण की बात कही गई है, जो शेपिंग के विपरीत है क्योंकि शेपिंग सकारात्मक सुदृढ़ीकरण पर आधारित होती है।
  • विकल्प (c) का विश्लेषण: यह सिद्धांत शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning - पै Pavlov) से संबंधित नहीं है, बल्कि यह ऐच्छिक क्रियाप्रसूत व्यवहारों पर आधारित है।
  • विकल्प (d) का विश्लेषण: यह पूर्णतः पर्यावरण और बाह्य सुदृढ़ीकरण पर निर्भर करता है, अतः आंतरिक प्रेरणा मात्र ही इसका आधार नहीं है।

📖 सैद्धांतिक संदर्भ: स्किनर का क्रियाप्रसूत अनुबंधन अधिगम के क्षेत्र में बाह्य उद्दीपक और अनुक्रिया के संबंध को मजबूत करने पर बल देता है, जिसे समझने के लिए अधिगम सिद्धांतों और समावेशी शिक्षा के अंतर्गत व्यवहार संशोधन तकनीकों का व्यापक अध्ययन किया जाता है।

🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:

शिक्षक प्रतियोगिताओं जैसे CTET, UPTET और विभिन्न राज्य TET परीक्षाओं में स्किनर के प्रयोगों (जैसे स्किनर बॉक्स, कबूतर और चूहे पर प्रयोग) तथा उनकी शब्दावली (जैसे शेपिंग, चंकिंग, सुदृढ़ीकरण अनुसूचियां) से जुड़े प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं। कक्षा-कक्षीय प्रबंधन में जब कोई छात्र हस्तलेखन सुधारने, जटिल गणितीय प्रमेय हल करने या नया कौशल सीखने में कठिनाई महसूस करता है, तो शिक्षक शेपिंग तकनीक का उपयोग करके उसके छोटे-छोटे प्रयासों को सराहते हुए वांछित लक्ष्य तक पहुंचाता है। यह व्यवहार संशोधन (Behavior Modification) की सबसे प्रभावी विधियों में से एक है।

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→ कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach) और 'व्युत्क्रमित या अनुभवजन्य अधिगम सिद्धांत' (Experiential Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अर्थपूर्ण अनुभवात्मक अधिगम' (Significant Experiential Learning) की अवधारणा—जिसके तहत अधिगम तब होता है जब छात्र की व्यक्तिगत जिज्ञासा, उसकी अपनी समस्याओं और उसके स्व-सचेतन (Self-initiated) अनुभवों के साथ विषय-वस्तु जुड़ जाती है, और शिक्षक केवल एक 'सहायक या सुविधाप्रदाता' (Facilitator) की भूमिका निभाता है न कि एक पारंपरिक ज्ञान के प्रदाता की—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आत्म-निर्देशित अधिगम, संवेगात्मक संलग्नता और व्यक्तिगत स्वायत्तता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → 'क्रियाप्रसूत अनुबंध सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के संदर्भ में, अमेरिकी मनोवैज्ञानिक बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) द्वारा प्रतिपादित इस सिद्धांत के अंतर्गत 'पुनर्बलन अनुसूचियाँ' (Schedules of Reinforcement) में से 'आंशिक या अंतरावल पुनर्बलन अनुसूची' (Intermittent or Partial Reinforcement Schedule)—विशेषकर 'परिवर्ती अनुपात अनुसूची' (Variable Ratio Schedule)—के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा वैज्ञानिक कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → ई.एल. थार्नडाइक (E.L. Thorndike) के संबंधवाद (Connectionism) के अंतर्गत प्रदत्त 'मुख्य नियमों' (Primary Laws of Learning) तथा इवान पावलव (Ivan Pavlov) के शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) एवं बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) के क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) के सुदृढ़ीकरण प्रतिमान का गहन तुलनात्मक अध्ययन करने पर, थार्नडाइक के 'प्रभाव के नियम' (Law of Effect) और स्किनर के 'सकारात्मक एवं नकारात्मक सुदृढ़ीकरण' (Reinforcement) की संकल्पना के मध्य निम्नलिखित में से कौन-सा सबसे तात्विक और वैज्ञानिक अंतर स्पष्ट होता है? → एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित 'समान अवयव का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) जो कि अधिगम के स्थानांतरण (Transfer of Learning) से संबंधित है, तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) में 'शेपिंग' (Shaping) और 'चेनिंग' (Chaining) की अवधारणाओं का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तात्विक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है? → बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय मनोवैज्ञानिक अवधारणा—'नकारात्मक पुनर्बलन' (Negative Reinforcement)—जिसे उस प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ किसी अवांछित, कष्टदायक या प्रतिकूल उद्दीपक (Aversive Stimulus) को हटाकर या रोककर वांछित अनुक्रिया (Desirable Response) की संभावना या आवृत्ति को बढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुकूली व्यवहार, तनाव मुक्ति और सकारात्मक आदत निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय मनोवैज्ञानिक संप्रत्यय—'नकारात्मक पुनर्बलन' (Negative Reinforcement)—जिसे उस प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ किसी अवांछित या कष्टदायक उद्दीपक (Aversive Stimulus) को हटाकर या रोककर किसी वांछित अनुक्रिया या व्यवहार की आवृत्ति, संभावना और दर को बढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुकूली व्यवहारों के संवर्धन, प्रेरणा प्रबंधन और तनाव मुक्ति के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'नकारात्मक सुदृढ़ीकरण' (Negative Reinforcement)—जिसके तहत किसी अप्रिय, कष्टदायक या प्रतिकूल उद्दीपक (Aversive Stimulus) को हटाकर या रोककर किसी वांछित वांछनीय व्यवहार या अनुक्रिया (Desired Response) की आवृत्ति, संभावना और दर को बढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुकूली व्यवहार, अनुशासन प्रबंधन और सकारात्मक प्रेरणा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'नकारात्मक सुदृढ़ीकरण' (Negative Reinforcement) की अवधारणा—जिसके तहत किसी अवांछनीय, कष्टदायक या प्रतिकूल उद्दीपक (Aversive Stimulus) को हटाकर या रोककर किसी वांछित सकारात्मक व्यवहार या अनुक्रिया की आवृत्ति, संभावना और दर को बढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुकूली व्यवहार, तनाव प्रबंधन और आंतरिक अभिप्रेरणा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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