स्मृति एवं विस्मृति
Asked 2 months ago · Viewed 17 times
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'अधिगम के सिद्धांत' (Theory of Instruction) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय शिक्षण पद्धति—**'स्पाइरल पाठ्यक्रम या चक्राकार पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum)**—जिसे उस शैक्षिक अभिकल्पना के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ बुनियादी और जटिल विचारों को बार-बार (चक्राकार रूप में) कम उम्र से लेकर उच्च स्तर तक पढ़ाया जाता है, और प्रत्येक पुनरावृत्ति के साथ ज्ञान का दायरा और जटिलता का स्तर क्रमिक रूप से बढ़ता जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पूर्व-ज्ञान के समेकन, दीर्घकालिक स्मृति (Long-term Memory) और अमूर्त संरचनाओं के क्रमिक आंतरिककरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) का 'स्पाइरल पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum) इस प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक कथन पर आधारित है कि 'किसी भी विषय को किसी भी विकासात्मक अवस्था में बौद्धिक रूप से सही ढंग से सिखाया जा सकता है।' ब्रूनर के अनुसार, ज्ञान को पुनरावृत्ति के माध्यम से सरल से जटिल की ओर क्रमिक रूप से विकसित किया जाना चाहिए ताकि विद्यार्थी की बढ़ती संज्ञानात्मक क्षमताओं के साथ अधिगम का स्तर भी गहरा हो सके। यह दृष्टिकोण संज्ञानात्मक संरचना (Schema) के विकास, अंतर्ज्ञान (Intuition) और पूर्व-ज्ञान के साथ नए ज्ञान के सक्रिय एकीकरण पर बल देता है। अतः विकल्प (b) इस अवधारणा के वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक निहितार्थ को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है।
अगला प्रश्न →
उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, पक्षी विहारों और जैव-विविधता क्षेत्रों के…
← पिछला प्रश्न
रिचर्ड आत्मक (Richard Atkinson) और रिचर्ड शिफ्रिन (Richard…
Related Questions
→
'स्मृति और विस्मरण के सिद्धांत' के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक हरमन एबिंगhaus (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मृति वक्र' (Forgetting Curve), 'बचत विधि' (Savings Method), तथा जिरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) द्वारा प्रतिपादित 'अन्वेषण अधिगम' (Discovery Learning) और 'संरचनात्मक उपागम' के वैज्ञानिक स्वरूप तथा 'हस्तक्षेप सिद्धांत' (Interference Theory) के अंतर्गत 'पूर्ववर्ती हस्तक्षेप' (Proactive Interference) और 'पश्चगामी हस्तक्षेप' (Retroactive Interference) के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत' (Cognitive Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अन्वेषण अधिगम' (Discovery Learning) अथवा 'निर्देशित अन्वेषण' (Guided Discovery) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी को तैयार या पका-पकाया ज्ञान देने के बजाय उसे स्वयं अपने परिवेश, प्रयोगात्मक सामग्रियों और तार्किक अंतःक्रियाओं के माध्यम से नियमों, सिद्धांतों और प्रत्ययों (Concepts) की खोज करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे उसकी मानसिक संरचना सक्रिय होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्वतंत्र बौद्धिक विकास, आंतरिक प्रेरणा, और ज्ञान के दीर्घकालिक संग्रहण (Long-term Retention) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'अधिगम के संज्ञानात्मक सिद्धांत' (Cognitive Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'खोजपूर्ण अधिगम या अन्वेषण अधिगम' (Discovery Learning)**—जिसे उस सक्रिय और स्वायत्त शिक्षण पद्धति के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी को पूर्व-निर्मित या पचने-पचाए ज्ञान को सीधे पढ़ाने के बजाय अपने स्वयं के तर्कों, अन्वेषणों, प्रयोगों और परिकल्पनाओं के माध्यम से सिद्धांतों, नियमों और वास्तविक ज्ञान का स्वयं पता लगाने के लिए प्रेरित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन, स्वायत्त समस्या-समाधान और ज्ञानात्मक संरचना के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development and Discovery Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'सर्पिलाकार पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum)**—जिसे उस शैक्षिक पाठ्यक्रम डिजाइन के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसमें किसी विषय की बुनियादी अवधारणाओं और कठिन प्रणालियों को बच्चों की प्रारंभिक आयु में उनके संज्ञानात्मक स्तर के अनुकूल सरल रूप में (जैसे क्रियात्मक रूप से) प्रस्तुत किया जाता है, और फिर जैसे-जैसे शिक्षार्थी की आयु, परिपक्वता और संज्ञानात्मक क्षमता बढ़ती जाती है, उसी विषय को बार-बार अधिक जटिल, अमूर्त और उन्नत स्तर (जैसे प्रतीकात्मक रूप से) पर पुनः गहराई से पढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा के क्रमिक विस्तार, दीर्घकालिक स्मृति और तार्किक ज्ञान-निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
ब्रह्माण्ड, सौर मंडल की संरचना और खगोलीय पिंडों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हमारी आकाशगंगा (Milky Way) एक सर्पिल (Spiral) आकार की गैलेक्सी है, जिसके केंद्र में स्थित अति-विशाल ब्लैक होल को 'धनु ए*' (Sagittarius A*) कहा जाता है, तथा सौर मंडल को इस गैलेक्सी का एक चक्कर पूरा करने में लगभग 225 से 250 मिलियन वर्ष का समय लगता है, जिसे 'ब्रह्माण्ड वर्ष' (Cosmic Year) कहते हैं।
2. 'काइटो' या 'ऑर्ट क्लाउड' (Oort Cloud) सौर मंडल की सबसे बाहरी सीमा पर स्थित बर्फीले और धूमकेतु नुमा पिंडों का एक विशाल गोलाकार आवरण है, जिसे दीर्घकालिक धूमकेतुओं (Long-period Comets) का उद्गम स्थल माना जाता है।
3. क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के बीच स्थित है, और इस पेटी का सबसे बड़ा पिंड 'वेस्टा' (Vesta) है, जिसे अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ द्वारा आधिकारिक रूप से बौना ग्रह घोषित किया गया है।
4. सूर्य के वायुमंडल की सबसे बाहरी परत को 'कोरोना' (Corona) कहा जाता है, जो केवल पूर्ण सूर्य ग्रहण के समय स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, तथा सूर्य की ऊर्जा का मुख्य स्रोत नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion) है जिसमें हाइड्रोजन के चार नाभिक मिलकर हीलियम का एक नाभिक बनाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
सौर मंडल और ब्रह्माण्ड की संरचना तथा खगोलीय पिंडों की गति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हमारे सौर मंडल का अधिकांश द्रव्यमान और कोणीय संवेग सूर्य में निहित है, और सूर्य के भीतर ऊर्जा का उत्पादन मुख्य रूप से 'प्रोटॉन-प्रोटॉन श्रृंखला' (Proton-Proton Chain) नाभिकीय संलयन अभिक्रिया के माध्यम से होता है, जिसके अंतर्गत हाइड्रोजन के चार नाभिक मिलकर हीलियम के एक नाभिक का निर्माण करते हैं।
2. क्षुद्रग्रह बेल्ट (Asteroid Belt) मुख्य रूप से मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के मध्य स्थित है, जहाँ 'सीरेस' (Ceres) सबसे बड़ा बोना ग्रह (Dwarf Planet) है, तथा यह बेल्ट गुरु ग्रह के शक्तिशाली ज्वारीय बलों के कारण एक बड़े ग्रह के रूप में समेकित होने से वंचित रह गई।
3. ओर्ट क्लाउड (Oort Cloud), जो सौर मंडल की सबसे बाहरी सीमा पर स्थित बर्फीले खगोलीय पिंडों का एक विशाल गोलाकार आवरण है, दीर्घकालिक धूमकेतुओं (Long-period Comets) का मुख्य उद्गम स्थल माना जाता है, और यह सूर्य के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव क्षेत्र के अंतिम छोर पर स्थित है।
4. हबल स्पेस टेलीस्कोप और जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप के डेटा के अनुसार, ब्रह्माण्ड का विस्तार (Expansion of the Universe) स्थिर गति से हो रहा है, जिसका मुख्य कारण 'डार्क मैटर' (Dark Matter) का आकर्षक बल है, जो आकाशगंगाओं को एक-दूसरे के करीब लाने का कार्य करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित **'अग्रिम संगठक' (Advance Organizer)** की अवधारणा—जिसके तहत मुख्य शिक्षण सामग्री या नवीन ज्ञान को प्रस्तुत करने से पहले एक उच्च-स्तरीय, अधिक समावेशी और अमूर्त वैचारिक ढांचा (Concept Framework) विद्यार्थियों के सामने प्रस्तुत किया जाता है, ताकि वे अपने पूर्व-ज्ञान (Cognitive Structure) के साथ नए ज्ञान का तार्किक और सार्थक समावेश (Subsumption) कर सकें—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा विकास, दीर्घकालिक ज्ञान संधारण (Retention) और संज्ञानात्मक दक्षता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अग्रगामी संगठक या एडवांस ऑर्गेनाइज़र' (Advance Organizer) की अवधारणा—जिसके तहत मुख्य शिक्षण सामग्री या नवीन ज्ञान को प्रस्तुत करने से पहले एक उच्च-स्तरीय, समावेशी और मूर्त रूपरेखा या परिचयात्मक सामग्री विद्यार्थियों के सामने रखी जाती है, जिससे शिक्षार्थी अपने पूर्व-ज्ञान (Prior Knowledge) के साथ नए संप्रत्ययों को संज्ञानात्मक रूप से जोड़ सकें (Cognitive Anchoring)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा निर्माण, अवधारणात्मक स्पष्टता और दीर्घकालिक स्मरण (Long-term Retention) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.