सिगमंड फ्रायड
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सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'रक्षा तंत्र या रक्षा युक्तियाँ' (Defense Mechanisms)—जिसे उस अचेतन मनोवैज्ञानिक रणनीतियों के रूप में परिभाषित किया जाता है जिनके माध्यम से अहंकार (Ego) इड (Id) की आवेगपूर्ण इच्छाओं और सुपरइगो (Super-ego) की कठोर नैतिक मांगों के बीच उत्पन्न होने वाली चिंता (Anxiety) और आंतरिक संघर्ष से स्वयं को बचाने के लिए वास्तविकता को विकृत या अस्वीकार करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक समायोजन और रक्षात्मक व्यवहारों (जैसे—दमन, युक्तिकरण या विस्थापन) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
सिगमंड फ्रायड के मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत के अनुसार, रक्षा तंत्र (Defense Mechanisms) अहंकार (Ego) द्वारा अचेतन रूप से उपयोग की जाने वाली वे युक्तियाँ हैं जो आंतरिक संघर्षों और चिंता से अस्थायी सुरक्षा प्रदान करती हैं। हालांकि ये तनाव को कम करने में मदद करती हैं, लेकिन इनका अत्यधिक उपयोग वास्तविकता से बचने (Avoidance) और स्वस्थ मानसिक विकास में बाधा का कारण बनता है। शिक्षक के रूप में यह समझना आवश्यक है कि अत्यधिक रक्षात्मक व्यवहार करने वाले छात्रों को दंडात्मक प्रतिक्रिया के बजाय सहानुभूतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाए ताकि वे यथार्थवादी समस्या-समाधान (Problem-solving) कौशल विकसित कर सकें।
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सिगमंड फ़्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषण सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'रक्षा तंत्र या डिफेंस मैकेनिज्म' (Defense Mechanism)—जिसे उस अचेतन मानसिक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके द्वारा व्यक्ति चिंता (Anxiety), तनाव, आंतरिक संघर्ष और अपराध बोध के असहनीय प्रभावों से अपने अहंकार (Ego) की रक्षा करने के लिए वास्तविकता को अचेतन रूप से विकृत या समायोजित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के भावनात्मक समायोजन, मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'रक्षा तंत्र या रक्षा युक्तियाँ' (Defense Mechanisms)—जिसे उस अचेतन मनोवैज्ञानिक रणनीतियों (Unconscious Psychological Strategies) के रूप में परिभाषित किया जाता है जिनका उपयोग अहम् (Ego) द्वारा इड (Id) की मूल प्रवृत्तियों और सुपरइगो (Superego) की नैतिक मांगों के बीच उत्पन्न होने वाली चिंता (Anxiety), तनाव और आंतरिक संघर्षों से व्यक्ति की मानसिक सुरक्षा करने के लिए किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक समायोजन, तनाव प्रबंधन और रक्षात्मक व्यवहारों (जैसे दमन, प्रक्षेपण, युक्तिकरण आदि) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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