संवेगात्मक विकास
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'पर्यावरण अध्ययन' (EVS) के अंतर्गत भूमंडलीय तापन (Global Warming) और जलवायु परिवर्तन के न्यूरो-संज्ञानात्मक व पारिस्थितिक संदर्भ में, 'ग्रीनहाउस गैसों' (जैसे कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड और जल वाष्प) की विकिरण संबंधी विवशता (Radiative Forcing) तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral Prefrontal Cortex' (DLPFC - जटिल पर्यावरणीय जोखिमों का मूल्यांकन और दीर्घकालिक नीति-निर्माण), 'इंसुला कॉर्टेक्स' (Insula Cortex - पारिस्थितिकीय संकट और जलवायु परिवर्तन से संबंधित अंतःसंवेदी और भावनात्मक प्रतिक्रियाओं का प्रसंस्करण), तथा 'एपिग्डाला एवं पूर्वकाल सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Amygdala & ACC - पर्यावरणीय अनिश्चितता और विस्थापन के भय का संवेगात्मक नियमन) के बीच सहयोगात्मक न्यूरोनल सिंक्रनाइजेशन, कॉर्टिकल नेटवर्क्स के एकीकरण, तथा 'इको-कॉग्निटिव एडैप्टेबिलिटी' के अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न का सही उत्तर विकल्प (b) है। पर्यावरण अध्ययन (EVS) और भूमंडलीय तापन के न्यूरो-संज्ञानात्मक परिप्रेक्ष्य में, ग्रीनहाउस गैसों की विकिरण संबंधी विवशता (Radiative Forcing) और जलवायु परिवर्तन जैसे वृहद पर्यावरणीय संकटों का मानव मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ता है। मस्तिष्क का 'डorsolateral Prefrontal Cortex' (DLPFC) जटिल पर्यावरणीय जोखिमों की योजना और दीर्घकालिक समाधान खोजने में मदद करता है, जबकि 'इंसुला कॉर्टेक्स' और 'एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (ACC) पारिस्थितिकीय संकटों और अनिश्चितता के प्रति संवेगात्मक और अंतःसंवेदी प्रतिक्रियाओं को संसाधित करते हैं। इन क्षेत्रों के बीच सहयोगात्मक न्यूरोनल सिंक्रनाइजेशन व्यक्तियों में पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) दृष्टिकोण और व्यावहारिक निर्णय लेने की क्षमता का विकास करता है।
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के संस्तुतियों और निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धारा 29(2) के प्रावधानों का सूक्ष्मता से विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय बाल-केंद्रित शिक्षाशास्त्र को बढ़ावा देते हुए बच्चों के ज्ञान को उनके बाहरी जीवन से जोड़ता है, परीक्षा प्रणाली को लचीला बनाता है और संरागात्मक एवं संज्ञानात्मक विकास हेतु 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) को अनिवार्य रूप से लागू करता है, तो इन दोनों वैधानिक एवं शैक्षणिक दस्तावेजों के अंतर्संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मूल दर्शन तथा निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के विधिक प्रावधानों का गहन विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, यदि कोई विद्यालय बाल-केन्द्रित शिक्षा, ज्ञान को बाहरी जीवन से जोड़ने, रटने की प्रणाली से मुक्ति और सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) को लागू करते हुए प्रत्येक 6 से 14 वर्ष के बालक को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए बाध्य है, तो इन दोनों दस्तावेजों के अंतर्संबंधों और शैक्षणिक निहितार्थों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मुख्य मार्गदर्शक सिद्धांतों तथा निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धारा 29 के प्रावधानों के आलोक में, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर पर 'पाठ्यचर्या और मूल्यांकन प्रणाली' के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा वैधानिक और शैक्षणिक निष्कर्ष सर्वाधिक तार्किक एवं सटीक है?
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के संकलित प्रावधानों और दार्शनिक संस्तुतियों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय बाल-केंद्रित शिक्षा प्रणाली को अपनाते हुए ज्ञान के निर्माण में बच्चों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करता है, रटने की प्रवृत्ति (Rote Learning) का पूर्णतः निषेध करता है, तथा प्रारंभिक शिक्षा के स्तर पर किसी भी प्रकार की प्रवेश परीक्षा या साक्षात्कार को प्रतिबंधित करते हुए गुणवत्तापूर्ण समावेशी शिक्षा का प्रावधान करता है, तो इन दोनों वैधानिक एवं शैक्षणिक दस्तावेजों के अंतर्संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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भौतिकी के अंतर्गत यांत्रिकी (Mechanics) के विभिन्न नियमों और सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. केपलर के ग्रहों की गति के द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम) के अनुसार, किसी ग्रह को सूर्य से मिलाने वाली रेखा समान समय में समान क्षेत्रफल तय करती है, जो मुख्य रूप से कोणीय संवेग संरक्षण (Conservation of Angular Momentum) के सिद्धांत पर आधारित है।
2. 'बर्नोली की प्रमेय' (Bernoulli's Theorem), जो आदर्श तरल के धाराखीय प्रवाह (Streamline Flow) पर लागू होती है, के अनुसार किसी नली में तरल के बहने पर प्रति एकांक आयतन की कुल ऊर्जा (दाब ऊर्जा, गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा का योग) नियत रहती है, तथा वेग बढ़ने पर दाब कम हो जाता है।
3. 'जड़त्व आघूर्ण' (Moment of Inertia) किसी वस्तु का वह गुण है जो उसके घूर्णन गति में परिवर्तन का विरोध करता है, और इसका मान केवल वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर करता है, उसके द्रव्यमान वितरण या घूर्णन अक्ष की स्थिति पर निर्भर नहीं करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भौतिक राशियों और उनके SI मात्रकों (SI Units) तथा विमीय सूत्रों (Dimensional Formulae) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity) का SI मात्रक 'पास्कल-सेकंड' (Pa·s) या 'किलोग्राम प्रति मीटर-सेकंड' (kg/(m·s)) होता है, और इसका विमीय सूत्र $[ML^{-1}T^{-1}]$ होता है।
2. प्लांक नियतांक (Planck's Constant) का SI मात्रक 'जूल-सेकंड' (J·s) है, तथा ऊर्जा और आवृत्ति के अनुपात के रूप में इसकी विमाएँ कोणीय संवेग (Angular Momentum) की विमाओं के बिल्कुल समान यानी $[ML^2T^{-1}]$ होती हैं।
3. पृष्ठ तनाव (Surface Tension) का SI मात्रक न्यूटन प्रति मीटर ($N/m$) या जूल प्रति वर्ग मीटर ($J/m^2$) है, और इसका विमीय सूत्र $[ML^0T^{-2}]$ होता है।
4. सार्वत्रिक गैस नियतांक (Universal Gas Constant - R) का मान प्रति मोल के आधार पर व्यक्त किया जाता है, और इसका SI मात्रक 'जूल प्रति मोल-केल्विन' (J/(mol·K)) होता है, जिसकी विमा $[ML^2T^{-2} heta^{-1}mol^{-1}]$ होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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जॉन बॉल्बी (John Bowlby) के 'संलग्नता सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'सुरक्षित संलग्नता' (Secure Attachment)**—जिसे उस प्रारंभिक भावनात्मक बंध के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ शिशु प्राथमिक देखभालकर्ता (Primary Caregiver) को एक 'सुरक्षित आधार' (Secure Base) के रूप में अनुभव करता है, जिससे वह आत्मविश्वास के साथ बाहरी दुनिया का अन्वेषण करने निकलता है और संकट या भय की स्थिति में तुरंत सांत्वना पाने के लिए वापस लौटता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के भावनात्मक नियमन (Emotional Regulation), सामाजिक-सांस्कृतिक अनुकूलन और शैक्षणिक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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जॉन बॉल्बी (John Bowlby) के 'लग्नता या संलग्नता सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित **'असुरक्षित-प्रतिरोधी / उभयभावी संलग्नता' (Insecure-Resistant / Ambivalent Attachment)**—जिसके तहत शिशु अपनी प्राथमिक देखभाल करने वाले (माता-पिता) के प्रति अत्यधिक निकटता और आसक्ति तो प्रदर्शित करता है, परंतु जब देखभाल करने वाला व्यक्ति वापस लौटता है, तो शिशु एक ही समय में उससे चिपकने और अत्यधिक क्रोध या विरोध (Resistance) प्रकट करने की मिश्रित एवं विरोधाभासी प्रतिक्रिया देता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक नियमन (Emotional Regulation), विद्यालयी समायोजन और अनिश्चितता के प्रति सहिष्णुता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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