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उत्तर प्रदेश के भूगोल, जलवायु और कृषि के संदर्भ में, राज्य की कृषि-जलवायु क्षेत्रीय योजना (Agro-Climatic Zones Planning) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश को कुल कितने प्रमुख कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है तथा 'मैदान और भाबर-तराई' क्षेत्र की प्रमुख विशेषता क्या है?
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Detailed Explanation
भारत के योजना आयोग द्वारा कृषि विविधीकरण और नियोजन के लिए उत्तर प्रदेश को कुल 9 (नौ) कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। भाबर और तराई क्षेत्र उत्तर प्रदेश के उत्तर में हिमालय की तलहटी में स्थित हैं। भाबर क्षेत्र में नदियाँ कंकड़ और मोटे पत्थर जमा करती हैं, जबकि तराई क्षेत्र दलदली, अधिक नमी वाला तथा सघन वनस्पतियों, गन्ने और धान की खेती के लिए अत्यधिक उपयुक्त एवं उपजाऊ होता है।
Related Questions
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प्राचीन भारतीय दर्शन प्रणालियों, उनके प्रणेताओं और मूल सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. न्याय दर्शन - महर्षि गौतम (तर्क, प्रमाण और प्रत्यक्ष-अनुमान आधारित यथार्थवादी ज्ञान)
2. वैशेषिक दर्शन - महर्षि कणाद (परमाणुवाद और पदार्थों के षड्धर्मों का सिद्धांत)
3. सांख्य दर्शन - महर्षि पतंजलि (पुरुष और प्रकृति के संयोग से सृष्टि की उत्पत्ति और योग का प्रतिपादन)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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प्राचीन भारतीय इतिहास के महाजनपद काल और उत्तर प्रदेश के भौगोलिक क्षेत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. छठी शताब्दी ईसा पूर्व के बौद्ध ग्रंथ 'अंगुत्तर निकाय' और जैन ग्रंथ 'भगवती सूत्र' में कुल 16 महाजनपदों का उल्लेख मिलता है, जिनमें से वर्तमान उत्तर प्रदेश के भौगोलिक क्षेत्र में कुल 8 महाजनपद स्थित थे।
2. 'वत्स' महाजनपद की राजधानी कौशाम्बी थी, जो वर्तमान प्रयागराज के समीप यमुना नदी के किनारे स्थित थी और यह उस समय व्यापारिक मार्ग का एक प्रमुख केंद्र था।
3. 'चेदि' महाजनपद की राजधानी शुक्तिमती (सोथीनगर) थी, जिसका विस्तार वर्तमान उत्तर प्रदेश के बांदा, महोबा और हमीरपुर (बुंदेलखंड क्षेत्र) तक था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) में प्रेक्षणात्मक अधिगम (Observational Learning) की प्रक्रिया के चार क्रमिक चरणों का सही मनोवैज्ञानिक अनुक्रम निम्नलिखित में से कौन सा है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय विभाजन तथा आर्थिक परिदृश्य के संदर्भ में 'विंध्यन पर्वतीय एवं पठारी क्षेत्र' की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिण में स्थित यह क्षेत्र मुख्य रूप से मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली और चित्रकूट जनपदों के दक्षिणी भागों में फैला हुआ है, जो कैमूर और सोनार श्रेणियों के रूप में विंध्यन क्रम की प्राचीन चट्टानों से निर्मित है।
2. इस क्षेत्र की स्थलाकृति अत्यधिक पथरीली, असमतल और सूखी होने के कारण यहाँ की मृदा मुख्य रूप से 'लाल और सघन' (Red Soil) प्रकार की है, जिसमें जल धारण क्षमता कम होने के कारण सिंचाई के लिए मुख्य रूप से पक्के कुओं और नहरों की अत्यधिक आवश्यकता होती है।
3. विंध्यन क्षेत्र में खनिज संसाधनों की दृष्टि से चूना पत्थर (Limestone), डोलोमाइट, नॉन-प्लास्टिक फायरक्ले और ग्लास सैंड (शीशा बालू) के प्रचुर भंडार पाए जाते हैं, जिसके कारण इस क्षेत्र में सीमेंट, कांच और खनन आधारित उद्योगों का अच्छा विकास हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश की राजव्यवस्था और स्थानीय शासन के संदर्भ में, 'उत्तर प्रदेश क्षेत्र एवं जिला पंचायत अधिनियम, 1961' के अंतर्गत जिला पंचायत (District Panchayat) के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्वाचन तथा उनके विरुद्ध लाए जाने वाले 'अविश्वास प्रस्ताव' (No-Confidence Motion) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जिला पंचायत के अध्यक्ष का निर्वाचन उसके निर्वाचित सदस्यों द्वारा अपने में से ही प्रत्यक्ष रूप से (direct election) किया जाता है। 2. अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के विरुद्ध पद ग्रहण करने के प्रथम एक वर्ष के भीतर अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता है। 3. अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए जिला पंचायत के कुल निर्वाचित सदस्यों का कम से कम आधे (50%) सदस्यों का लिखित समर्थन और हस्ताक्षर आवश्यक होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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