वंशानुक्रम एवं वातावरण
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वंशानुक्रम और पर्यावरण (Heredity and Environment) की अंतःक्रिया के संदर्भ में, बाल विकास के मनोवैज्ञानिक अध्ययनों और वुडवर्थ (Woodworth) के प्रसिद्ध समीकरण 'विकास = (वंशानुक्रम × पर्यावरण)' के आधार पर निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक दृष्टि से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बाल विकास में वंशानुक्रम और पर्यावरण दोनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। वुडवर्थ के अनुसार विकास दोनों का गुणनफल है, जिसका अर्थ है कि दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। वंशानुक्रम व्यक्ति को संभावित क्षमताएं (Potential/Limit) प्रदान करता है, जिनका विकास पर्यावरण के अवसरों और अनुभवों के आधार पर होता है। अतः विकल्प (ए) सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक दृष्टिकोण है।
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम के अंतर्गत 'जैव विविधता और संरक्षण'…
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'पर्यावरण अध्ययन' (EVS) के अंतर्गत 'जैव विविधता एवं उसका…
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हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अंतरवैक्तिक बुद्धि या इंटरपर्सनल इंटेलिजेंस' (Interpersonal Intelligence)—जिसे उस विशिष्ट संज्ञानात्मक और सामाजिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अन्य मनुष्यों के मूड, स्वभाव, प्रेरणाओं, भावनाओं और इंटेंशन्स (इरादों) को सूक्ष्मता से समझने, उनका सटीक मूल्यांकन करने और उनके साथ प्रभावी ढंग से संवाद तथा संबंध स्थापित करने में असाधारण कौशल प्रदर्शित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning), सामाजिक बुद्धिमत्ता और समूह गतिकी (Group Dynamics) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मानव विकास के अध्ययन में 'वंशानुक्रम' (Heredity) और 'वातावरण' (Environment) की अंतःक्रिया के संदर्भ में, एनास्टासी (Anne Anastasi) और अन्य मनोवैज्ञानिकों द्वारा प्रतिपादित इस दृष्टिकोण का गहन विश्लेषण करें कि 'वंशानुक्रम और वातावरण गुणात्मक रूप से परस्पर क्रिया करते हैं न कि केवल योगात्मक रूप से'। इसके प्रकाश में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस जैविक-पारिस्थितिक अंतःक्रिया की सबसे सटीक वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करता है?
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पाउवलोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'विलोपन' (Extinction), 'स्वतः पुनःप्रकट होना' (Spontaneous Recovery), 'उद्दीपक सामान्यीकरण' (Stimulus Generalization) और 'विभेदक अनुबंधन' (Discriminative Conditioning) की प्रक्रियाओं के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के भय, पूर्वाग्रह तथा आदतों के नियमन व वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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एरिक्सन (Erik Erikson) के 'मनोसामाजिक विकास के सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादितशोधात्मक अवस्था—'पहचान बनाम भूमिका भ्रम' (Identity vs. Role Confusion) तथा इसके पूर्ववर्ती चरण 'उद्योग बनाम हीनता' (Industry vs. Inferiority)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में किशोरावस्था के दौरान विद्यार्थियों के आत्म-संकल्प (Self-Concept), व्यावसायिक अन्वेषण, और सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) शिक्षण और पारिस्थितिकी तंत्र के अंतर्गत 'जैव विविधता' (Biodiversity) और उसके संरक्षण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'हॉटस्पॉट' (Biodiversity Hotspots) की अवधारणा का प्रतिपादन ब्रिटिश पर्यावरणविद् नॉर्मन मायर्स (Norman Myers) द्वारा वर्ष 1988 में किया गया था, और किसी क्षेत्र को हॉटस्पॉट घोषित करने के लिए दो मुख्य शर्तें अनिवार्य हैं: उस क्षेत्र में कम से कम 1,500 स्थानिक (Endemic) पौधों की प्रजातियाँ होनी चाहिए और उस क्षेत्र ने अपनी मूल वानस्पतिक भूमि का कम से कम 70% या उससे अधिक हिस्सा खो दिया हो।
2. भारत में वर्तमान में कुल चार आधिकारिक जैव विविधता हॉटस्पॉट क्षेत्र मान्यता प्राप्त हैं, जो हैं: पश्चिमी घाट (Western Ghats), पूर्वी हिमालय (Eastern Himalaya), इंडो-बर्मा क्षेत्र (Indo-Burma Region) और सुंडालैंड (Sundaland - जिसमें निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं)।
3. 'इन-सिटू' (In-situ - स्व-स्थाने) संरक्षण रणनीति के अंतर्गत जीवों और वनस्पतियों का संरक्षण उनके प्राकृतिक आवास से बाहर (जैसे कि वानस्पतिक उद्यान, ज़ू या जीन बैंक में) किया जाता है, जबकि 'एक्स-सिटू' (Ex-situ - बाह्य-स्थाने) संरक्षण के अंतर्गत राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभ्यारण्य और बायोस्फीयर रिजर्व आते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) शिक्षण के अंतर्गत 'जैव विविधता संरक्षण' (Biodiversity Conservation) की विधियों के संदर्भ में 'स्व-स्थाने' (In-situ) और 'बाह्य-स्थाने' (Ex-situ) संरक्षण के बीच निम्नलिखित अंतरों पर विचार कीजिए:
1. 'स्व-स्थाने' (In-situ) संरक्षण के अंतर्गत संकटग्रस्त पादप और जंतु प्रजातियों का संरक्षण उनके प्राकृतिक आवास (Natural Habitats) के भीतर ही किया जाता है, जिसके प्रमुख उदाहरणों में राष्ट्रीय उद्यान (National Parks), वन्यजीव अभ्यारण्य (Wildlife Sanctuaries), जैव मंडल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserves) और पवित्र उपवन (Sacred Groves) शामिल हैं।
2. 'बाह्य-स्थाने' (Ex-situ) संरक्षण के अंतर्गत जीवों और वनस्पतियों को उनके प्राकृतिक आवास से बाहर लाकर विशेष रूप से संरक्षित कृत्रिम वातावरण में रखा जाता है, जिसके अंतर्गत वानस्पतिक उद्यान (Botanical Gardens), प्राणि उद्यान (Zoos), जीन बैंक (Gene Banks), क्रायोप्रिजर्वेशन (Cryopreservation) और बीज बैंक (Seed Banks) आते हैं।
3. 'सफारी पार्क' (Safari Parks) और 'अर्बोरटम' (Arboretum) को 'स्व-स्थाने' संरक्षण का सर्वोत्तम उदाहरण माना जाता है, क्योंकि इनमें वन्यजीवों को उनके मूल प्राकृतिक जंगलों में किसी भी प्रकार के मानवीय हस्तक्षेप के बिना पूर्णतः स्वतंत्र रूप से छोड़ा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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कुर्ट लेविन (Kurt Lewin) के 'क्षेत्र सिद्धांत' (Field Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'जीवन स्पेस या जीवन क्षेत्र' (Life Space)—जिसे उस कुल मनोवैज्ञानिक परिवेश या क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसमें किसी विशिष्ट समय पर व्यक्ति और उसका मनोवैज्ञानिक वातावरण (Psychological Environment) अंतःक्रिया करते हैं (जहाँ $B = f(P, E)$ अर्थात व्यवहार व्यक्ति और उसके पर्यावरण का फलन है)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के व्यवहारगत परिवर्तन, प्रेरणा और संज्ञानात्मक पुनर्विन्यास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानववादी मनोविज्ञान' (Humanistic Psychology) के अंतर्गत प्रतिपादित 'पूर्णतः कार्यशील व्यक्ति' (Fully Functioning Person) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति अपने अनुभवों के प्रति खुलापन, अस्तित्वगत जीना (Existential Living), अपने जीव पर भरोसा रखना, अनुभवात्मक स्वतंत्रता और रचनात्मकता जैसे लक्षणों का प्रदर्शन करते हुए अपनी पूरी मनोवैज्ञानिक क्षमता को आत्मसात करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आत्म-स्वीकार, आंतरिक अभिप्रेरणा और भय-मुक्त वातावरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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