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UPTET
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के प्राथमिक स्तर पर शिक्षण अधिगम प्रक्रिया के दौरान 'प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन की पाठ्यचर्या' (Curriculum) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा उपागम (Approach) 'राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा' (NCF 2005) के अनुसार सबसे अधिक उपयुक्त और बाल-केंद्रित माना गया है?

Detailed Explanation

राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF) 2005 के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) को अलग-अलग विषयों के रूप में नहीं पढ़ाया जाना चाहिए, बल्कि इसे विज्ञान, सामाजिक अध्ययन और पर्यावरण शिक्षा के अंतःविषयक (Interdisciplinary) या थीम आधारित (Thematic) दृष्टिकोण के रूप में एकीकृत किया जानाა चाहिए ताकि बच्चे अपने परिवेश को समग्रता से समझ सकें।
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बुद्ध कालीन शिक्षा प्रणाली और उसकी प्रमुख विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बौद्ध कालीन शिक्षा प्रणाली में मठों (Monasteries) और विहारों में प्रवेश के लिए 'प्रव्रज्या' (Pravrajya) संस्कार कराया जाता था, जो लगभग 8 वर्ष की आयु में होता था, जिसके बाद छात्र 'सामणेर' (Novice) कहलाता था। 2. बौद्ध काल में उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद लगभग 20 वर्ष की आयु में 'उपनपसंदा' (Upasampada) संस्कार संपन्न होता था, जिसके उपरांत छात्र पूर्ण भिक्षु (Bhikkhu) बनता था और संघ की सदस्यता प्राप्त करता था। 3. बौद्ध शिक्षा का माध्यम पूरी तरह से पाली और अन्य लोक भाषाएं थीं, और इस प्रणाली में वर्ण व्यवस्था या जातिगत भेदभाव को पूर्ण स्थान दिया गया था, जिसके कारण शूद्रों और महिलाओं का प्रवेश वर्जित था। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और वैदिक कालीन शिक्षा के विभिन्न पक्षों, संस्कारों तथा समावर्तन समारोह के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वैदिक कालीन शिक्षा प्रणाली में छात्र के औपचारिक अध्ययन की शुरुआत 'उपनयन संस्कार' (Upanayana Sanskara) के माध्यम से होती थी, जो सामान्यतः वर्ण के आधार पर 8 से 12 वर्ष की आयु में संपन्न होता था और इसके पश्चात बालक को 'द्विज' (Dvij) कहा जाता था। 2. शिक्षा की समाप्ति के उपरांत गुरुकुल से अपने घर लौटने वाले छात्र के लिए 'समावर्तन संस्कार' (Samavartana Sanskara) का आयोजन किया जाता था, जिसके बाद छात्र को 'स्नातक' (Snataka) कहा जाता था और वह अपना गृहस्थ जीवन शुरू करने के लिए योग्य माना जाता था। 3. वैदिक काल में उच्च शिक्षा पूरी करने वाले छात्रों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया था - 'विद्यार्थी' (जो एक वर्ष तक अध्ययन करे), 'वसतु' (जो दो वर्षों तक अध्ययन करे) और 'रुद्र' (जो तीन या अधिक वर्षों तक अध्ययन करे), तथा महिलाओं के लिए उच्च शिक्षा का कोई प्रावधान नहीं था और उन्हें वेदों के अध्ययन से पूर्णतः वंचित रखा जाता था। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'व्यक्तित्व और आत्म-संकल्प (Personality and Self-Concept) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) द्वारा प्रतिपादित 'आत्म के स्वरूप' (Real Self vs. Ideal Self) और 'बेसुरी या incongruence' के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'इंसुला' (Insula), 'एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' की स्व-मूल्यांकन, अंतःव्यक्तिगत विसंगति और संज्ञानात्मक असंगति प्रसंस्करण की सक्रियण गतिकी, तथा सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) द्वारा प्रतिपादित 'मनोविश्लेषणवादी सिद्धांत' के अंतर्गत 'अहम' (Ego) और 'परअहम' (Superego) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सकारात्मक आत्म-सम्मान के विकास और विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य व तादात्म्य (Identification) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश के भौगोलिक विभाजनों, खनिज संपदा और उद्योग-धंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में पाई जाने वाली 'कोयला' की प्राप्ति मुख्य रूप से विंध्यन क्रम की चट्टानों से होती है, जिनका उपयोग सिंगरौली और ओबरा तापीय विद्युत गृहों में विद्युत उत्पादन के लिए किया जाता है। 2. उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में देश के प्रमुख यूरेनियम (Uranium) भंडारों के साथ-साथ तांबा, डायस्पोर और रॉक फॉस्फेट जैसे खनिज भी पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। 3. कांच बालू (Silica Sand) के उत्पादन में उत्तर प्रदेश का देश में प्रमुख स्थान है, और इसके सबसे बड़े भंडार शंकरगढ़ (प्रयागराज) तथा चित्रकूट और बांदा जिलों में पाए जाते हैं, जो कांच उद्योग को कच्चा माल उपलब्ध कराते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की किस अवस्था में बालक 'संरक्षण' (Conservation), 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) और 'क्रमबद्धता' (Seriation) जैसी मानसिक योग्यताओं का पूर्ण विकास प्रदर्शित करता है?
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