बुद्धि: अवधारणा एवं सिद्धांत
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बुद्धिमत्ता के 'त्रि-आयामी सिद्धांत' (Structure of Intellect Model) के प्रतिपादक जे. पी. गिलफोर्ड (J. P. Guilford) के अनुसार, बौद्धिक योग्यताओं को कुल कितने आयामों या श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है?
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Detailed Explanation
जे. पी. गिलफोर्ड (J. P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'त्रि-आयामी बुद्धि मॉडल' (Structure of Intellect Model) के अनुसार, मानवीय बुद्धि को तीन स्वतंत्र आयामों में वर्गीकृत किया गया है: 1. संक्रियाएँ (Operations) - जैसे स्मृति, संज्ञान आदि; 2. विषय-वस्तु (Contents) - जैसे आकृतियाँ, प्रतीकात्मक आदि; तथा 3. उत्पाद (Products) - जैसे वर्ग, संबंध, प्रणाली आदि। मूल रूप से इस मॉडल में 120 (4x5x6) और बाद में संशोधन के बाद 180 स्वतंत्र बौद्धिक योग्यताओं का उल्लेख किया गया है।
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बुद्धि के त्रि-आयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) के अंतर्गत जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा बुद्धि को तीन स्वतंत्र विमाओं—संक्रियाओं (Operations), विषय-वस्तु (Contents), और उत्पादों (Products)—के रूप में वर्गीकृत किया गया है। जब इस मॉडल का विस्तार किया गया, तो इसमें कुल कारकों की संख्या कितनी हो गई तथा इस वर्गीकरण में 'स्मृति प्रतिधारण' (Memory Retention) किस विमा के अंतर्गत आता है?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) और 'बहुकारक सिद्धांत' (Multi-Factor Theory) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत का प्रतिपादन वर्ष 1904 में प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा किया गया था, जिनके अनुसार प्रत्येक मानसिक गतिविधि में दो प्रकार की मानसिक योग्यताएँ कार्य करती हैं—सामान्य कारक ('G' Factor) जो जन्मजात और सार्वभौमिक होता है, तथा विशिष्ट कारक ('S' Factor) जो अर्जित और व्यक्ति के विशेष कौशल पर निर्भर करता है।
2. ई. एल. थॉर्नडाइक (E. L. Thorndike) ने स्पीयरमैन के सिद्धांत की आलोचना करते हुए 'बहुकारक सिद्धांत' दिया, जिसके अनुसार बुद्धि किसी एक या दो कारकों का परिणाम नहीं है, बल्कि यह स्वतंत्र और असंगठित मानसिक योग्यताओं (तत्वों) का एक समूह है, और उन्होंने बुद्धि के चार प्रमुख atributos—स्तर (Level), क्षेत्र (Area), ऊंचाई (Altitude), और गति (Speed) का उल्लेख किया है।
3. स्पीयरमैन ने अपने सिद्धांत के समर्थन में सांख्यिकीय विधि 'कारक विश्लेषण' (Factor Analysis) का व्यापक उपयोग किया था, जबकि थॉर्नडाइक ने बुद्धि की तुलना विभिन्न प्रकार के ताले और चाबियों से करते हुए यह स्पष्ट किया कि व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता उसके पास मौजूद तत्वों की संख्या पर निर्भर करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) के 'द्वि-कारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के अंतर्गत प्रतिपादित **'सामान्य बुद्धि या जी-कारक' (General Intelligence / g-factor)** की अवधारणा—जिसके तहत यह माना जाता है कि 'g-factor' एक जन्मजात, सार्वभौमिक और अपरिवर्तनीय मानसिक ऊर्जा है जो व्यक्ति के जीवन के सभी प्रकार के बौद्धिक कार्यों, तार्किक प्रदर्शन और शैक्षणिक अधिगम में अनिवार्य रूप से समान रूप से संचालित होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के व्यक्तिगत बौद्धिक अंतर, योग्यता प्रबंधन और समावेशी शैक्षणिक समायोजन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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कैरोल-हॉर्न-कैरोल (CHC) बुद्धि सिद्धांत (Cattell-Horn-Caroll Theory of Cognitive Abilities) के अंतर्गत प्रतिपादित 'द्रव्यमान बुद्धि या द्रव बुद्धि' (Fluid Intelligence - Gf) की अवधारणा—जिसके तहत किसी व्यक्ति की नवीन और अपरिचित समस्याओं को तार्किक रूप से हल करने, अमूर्त संबंधों को समझने, पैटर्न पहचानने और सांस्कृतिक रूप से स्वतंत्र नई परिस्थितियों में तुरंत अनुकूलन करने की जन्मजात क्षमता शामिल होती है, जो औपचारिक स्कूली शिक्षा या पूर्व-ज्ञान पर निर्भर नहीं करती—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक लचीलेपन, आगमनात्मक-निगमनात्मक तर्क और व्यावहारिक समस्या-समाधान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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