एरिक एरिक्सन
Asked 2 months ago · Viewed 15 times
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, एरिक्सन (Erik Erikson) के मनोसामाजिक विकास के सिद्धांत की किस अवस्था में बालक 'उद्योग बनाम हीनता' (Industry vs. Inferiority) के द्वंद का सामना करता है और उसकी यह अवस्था सामान्यतः किस आयु वर्ग से संबंधित होती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
एरिक्सन के मनोसामाजिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'उद्योग बनाम हीनता' (Industry vs. Inferiority) की अवस्था लगभग 6 से 12 वर्ष (उत्तर बाल्यावस्था या विद्यालय जाने की आयु) के दौरान आती है। इस चरण में बच्चे अपने साथियों के बीच अपनी योग्यता साबित करने, नए कौशल सीखने और अकादमिक या सामाजिक कार्यों में सफलता पाने का प्रयास करते हैं। यदि उन्हें प्रोत्साहन मिलता है तो उनमें 'उद्योग' (सक्षमता) की भावना विकसित होती है, अन्यथा वे स्वयं को हीन समझने लगते हैं।
अगला प्रश्न →
बाल विकास और मनोविज्ञान के संदर्भ में, 'एरिक एरिक्सन' के मनोसामाजिक विकास के…
← पिछला प्रश्न
एरिक एरिक्सन (Erik Erikson) के 'मनोसामाजिक विकास के…
Related Questions
→
मनोसामाजिक विकास का सिद्धांत (Psychosocial Development) किसने दिया?
→
इरेक एरिक्सन के अनुसार, मनोसामाजिक विकास की कितनी अवस्थाएं हैं?
→
विकास के सामाजिक प्रवर्तक कौन माने जाते हैं?
→
एरिक एरिक्सन (Erik Erikson) के मनो-सामाजिक विकास के सिद्धांत (Psychosocial Development Theory) में व्यक्तित्व के विकास को जीवन भर की प्रक्रिया माना गया है। यदि कोई व्यक्तिशोध्य अवस्था (यौवनारंभ) से लेकर किशोरावस्था के दौरान अपने भीतर एक स्पष्ट आत्म-पहچان विकसित करने में असमर्थ रहता है और अपनी सामाजिक भूमिकाओं को लेकर भ्रमित रहता है, तो एरिक्सन के अनुसार वह मनो-सामाजिक संकट के किस विशिष्ट चरण का सामना कर रहा है और इसका परिणाम क्या हो सकता है?
→
बाल विकास के 'मनोसामाजिक विकास सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory) के प्रप्रणेता एरिक एरिक्सन (Erik Erikson) के अनुसार, किशोरावस्था (Adolescence) की अवधि में मुख्य संघर्ष (Crisis) निम्नलिखित में से कौन सा होता है, जो व्यक्ति की पहचान के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाता है?
→
विकास के मनोसामाजिक सिद्धांत (Psychosocial Development Theory) के प्रतिपादक एरिक एरिक्सन (Erik Erikson) के अनुसार, किशोरावस्था (Adolescence) के दौरान उत्पन्न होने वाला मुख्य संकट या द्वंद्व निम्नलिखित में से कौन सा है?
→
एरिक्सन (Erik Erikson) के 'मनोसामाजिक विकास सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'पहचान बनाम भूमिका संभ्रम' (Identity vs. Role Confusion) की अवस्था—जिसके तहत किशोरावस्था (Adolescence) के दौरान युवा व्यक्ति अपने व्यक्तिगत मूल्यों, मान्यताओं, भविष्य के करियर, लैंगिक भूमिका और सामाजिक पहचान को स्थापित करने के लिए गंभीर आत्म-चिंतन और प्रयोग करता है, तथा अपनी स्वतंत्र अस्मिता की खोज करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-संकल्प (Self-Concept), आंतरिक स्थिरता और सकारात्मक आत्म-छवि के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
एरिक्सन (Erik Erikson) के 'मनोसामाजिक विकास सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अहंता पहचान बनाम भूमिका संभ्रम' (Identity vs. Role Confusion - किशोरावस्था) की अवस्था के दौरान प्रकट होने वाली 'मनोसामाजिक संकट' (Psychosocial Crisis) की अवधारणा—जिसके तहत किशोर बालक अपने आत्म-मूल्यों, विश्वासों, भविष्य के करियर और लिंग-भूमिका को लेकर गहन आत्म-चिंतन करता है और यदि वह एक सुसंगत पहचान विकसित करने में विफल रहता है, तो उसे गंभीर भूमिका संभ्रम या पहचान संकट का सामना करना पड़ता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के व्यक्तिगत संवीक्षा, स्व-संकल्पना (Self-Concept) और मनोवैज्ञानिक समायोजन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.