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UPTET
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बाल केंद्रित शिक्षा (Child-Centric Education) के अंतर्गत, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में 'रचनावादी उपागम' (Constructivist Approach) का पालन करते हुए एक शिक्षक को विद्यार्थियों के पूर्व ज्ञान का आकलन किस प्रकार करना चाहिए और यह कक्षा में ज्ञान के निर्माण में कैसे सहायता करता है?

Detailed Explanation

रचनावादी उपागम (Constructivist Approach) के अनुसार, ज्ञान का निर्माण शिक्षार्थी द्वारा स्वयं के अनुभवों और पूर्व ज्ञान के आधार पर सक्रिय रूप से किया जाता है। विकल्प (b) सबसे उपयुक्त है क्योंकि यह विद्यार्थियों के वास्तविक जीवन के अनुभवों और अनौपचारिक चर्चाओं को महत्व देता है, जिससे शिक्षक उनके मौजूदा मानसिक प्रारूपों (Schemata) को समझकर नए ज्ञान को सार्थक और प्रभावी ढंग से जोड़ सकता है। बाल केंद्रित शिक्षा में रटन विद्या या अनुशासन के नाम पर पूर्व ज्ञान की उपेक्षा करने के बजाय शिक्षार्थी की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया जाता है।
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