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UPTET
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बाल केंद्रित शिक्षा (Child-Centric Education) के अंतर्गत, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में 'रचनावादी उपागम' (Constructivist Approach) का पालन करते हुए एक शिक्षक को विद्यार्थियों के पूर्व ज्ञान का आकलन किस प्रकार करना चाहिए और यह कक्षा में ज्ञान के निर्माण में कैसे सहायता करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
रचनावादी उपागम (Constructivist Approach) के अनुसार, ज्ञान का निर्माण शिक्षार्थी द्वारा स्वयं के अनुभवों और पूर्व ज्ञान के आधार पर सक्रिय रूप से किया जाता है। विकल्प (b) सबसे उपयुक्त है क्योंकि यह विद्यार्थियों के वास्तविक जीवन के अनुभवों और अनौपचारिक चर्चाओं को महत्व देता है, जिससे शिक्षक उनके मौजूदा मानसिक प्रारूपों (Schemata) को समझकर नए ज्ञान को सार्थक और प्रभावी ढंग से जोड़ सकता है। बाल केंद्रित शिक्षा में रटन विद्या या अनुशासन के नाम पर पूर्व ज्ञान की उपेक्षा करने के बजाय शिक्षार्थी की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया जाता है।
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उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थलों में से 'मार्कंडेय महादेव मंदिर' किस जनपद में स्थित है, जहाँ प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि पर एक विशाल मेला लगता है और यह स्थान वरुणा एवं गंगा नदी के संगम के समीप स्थित है?
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उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक, पुरातात्विक स्थलों और उनकी अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. हुलास (Hulas) - सहारनपुर जिला (हस्तशिल्प और चित्रित धूसर मृद्भांड/PGW संस्कृति का प्रमुख पुरास्थल)
2. राजा नल का टीला (Raja Nal Ka Tila) - महोबा जिला (यहाँ से प्राचीन लौह युगीन संस्कृति और कृषि अवशेष प्राप्त हुए हैं)
3. भगवानपुर (Bhagwanpur) - खेड़ा ज़िला / शामली जिला (हड़प्पा सभ्यता से जुड़ा एक ग्रामीण स्थल)
4. सराय नाहर राय (Sarai Nahar Rai) - प्रतापगढ़ जिला (मध्य पाषाण कालीन मानव कंकाल और समाधि स्थल)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा और अधिगम (Motivation and Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकताओं का पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रेल स्ट्रेटम' (Ventral Striatum), 'न्यूक्लियस एकुम्बेंस' (Nucleus Accumbens) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच डोपापिनर्जिक रिवॉर्ड पाथवे (Dopaminergic Reward Pathway), होमियोस्टैटिक विनियमन और आंतरिक-बाह्य अभिप्रेरणा (Intrinsic-Extrinsic Motivation) की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डेसी (Edward Deci) और रिचर्ड रायन (Richard Ryan) द्वारा प्रतिपादित 'आत्मनिर्णय सिद्धांत' (Self-Determination Theory: स्वायत्तता, सक्षमता और संबद्धता) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सकारात्मक अधिगम वातावरण और विद्यार्थियों में मनोवैज्ञानिक कल्याण व सतत शैक्षणिक जुड़ाव के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था, विद्युत परियोजनाओं और ऊर्जा संसाधनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद का गठन वर्ष 1959 में किया गया था, जिसे बाद में ऊर्जा क्षेत्र में सुधार और पुनर्गठन के तहत जून 2000 में उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) सहित कई अन्य कंपनियों में विभाजित कर दिया गया।
2. 'हरदुवागंज ताप विद्युत गृह' (Harduaganj Thermal Power Station) अलीगढ़ जिले में स्थित है, जो उत्तर प्रदेश का सबसे पुराना ताप विद्युत संयंत्र है और इसे सोवियत संघ (USSR) के सहयोग से स्थापित व पुनरुद्धारित किया गया था।
3. उत्तर प्रदेश का एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र 'नरोरा परमाणु ऊर्जा स्टेशन' (Narora Atomic Power Station - NAPS) बुलंदशहर जिले में स्थित है, जो गंगा नदी के तट पर कार्यरत है और इसकी दोनों इकाइयों से वाणिज्यिक विद्युत उत्पादन क्रमशः 1989 और 1992 में शुरू हुआ था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'उत्तर प्रदेश के भूगोल और कृषि अर्थव्यवस्था' के संदर्भ में, राज्य की प्रमुख 'कृषि-जलवायु क्षेत्र' (Agro-Climatic Zones - योजना आयोग द्वारा निर्धारित 9 विशिष्ट क्षेत्र) की भौगोलिक विशेषताओं, मृदा प्रकारों (जैसे भाभर-तराई, मध्य मैदानी और बुंदेलखंडी लाल-मृदा), जल संसाधनों (जैसे शारदा नहर प्रणाली और नलकूप सिंचाई), तथा 'बुंदेलखंड सस्य-जलवायु क्षेत्र' (Bundelkhand Agro-Climatic Zone) में पायी जाने वाली मौसमी और मृदीय बाधाओं (जैसे कंकरीली-पथरीली भूमि, कम जल धारण क्षमता और वर्षा की अनिश्चितता) के बीच पायी जाने वाली पारिस्थितिकीय गतिकी, तथा इसके स्थायी कृषि विकास, फसल विविधीकरण (जैसे दलहन और तिलहन उत्पादन), और उत्तर प्रदेश के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 'इको-एग्रीकल्चरल पेडागोजी' (Eco-Agricultural Pedagogy) के अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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