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पियाजे के अनुसार, 'मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) में बच्चे की मुख्य तार्किक क्षमता क्या है?
मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (7-11 वर्ष) में बच्चा वस्तुओं को उनके आकार या भार के आधार पर क्रमबद्ध (Seriation) करने में सक्षम हो जाता है।
पियाजे के अनुसार, 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-Operational Stage) में 'जीववाद' (Animism) का क्या अर्थ है?
जीववाद (Animism) का अर्थ है कि बच्चा निर्जीव वस्तुओं (जैसे खिलौना, कुर्सी) को भी सजीव मानकर उनसे बातें करता है।
पियाजे के अनुसार, 'औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) का प्रमुख लक्षण क्या है?
इस अवस्था में किशोर परिकल्पनाएं बनाने और उनका तार्किक परीक्षण करने में सक्षम हो जाते हैं।
पियाजे के अनुसार, 'अनुकूलन' (Adaptation) की प्रक्रिया के दो प्रमुख घटक कौन से हैं?
पियाजे के अनुसार, अनुकूलन की प्रक्रिया आत्मसात्करण (नई जानकारी को पुराने ज्ञान में जोड़ना) और समायोजन (ज्ञान में परिवर्तन करना) से पूरी होती है।
पियाजे के अनुसार, 'संज्ञानात्मक विकास' (Cognitive Development) की किस अवस्था में बालक 'प्रतीकात्मक खेल' (Symbolic Play) में रुचि लेता है?
पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (2-7 वर्ष) में बालक प्रतीकों का उपयोग करता है, जिससे वह खिलौनों के साथ कल्पनाशील (प्रतीकात्मक) खेल खेलता है।
पियाजे के अनुसार, 'संवेदी-पेशीय अवस्था' (Sensory-Motor Stage) में बालक मुख्य रूप से कैसे सीखता है?
शिशु अपनी इंद्रियों (Sensory) और क्रियाओं (Motor) के माध्यम से दुनिया का अन्वेषण करता है।
पियाजे के अनुसार, 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) का विकास किस अवस्था में पूर्ण होता है?
औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था (11 वर्ष से ऊपर) में बालक अमूर्त सिद्धांतों और परिकल्पनात्मक चिंतन में निपुण हो जाता है।
पियाजे के अनुसार, 'संज्ञानात्मक विकास' (Cognitive Development) में 'समायोजन' (Accommodation) का क्या अर्थ है?
समायोजन का अर्थ है नई सूचनाओं के कारण अपने मौजूदा मानसिक ढांचे (Schema) को संशोधित या परिवर्तित करना।
पियाजे के अनुसार, 'संज्ञानात्मक विकास' (Cognitive Development) में 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence) का क्या अर्थ है?
वस्तु स्थायित्व वह समझ है जिसमें बच्चा यह जान जाता है कि कोई वस्तु तब भी मौजूद रहती है जब वह उसकी नज़रों से ओझल हो जाती है।
पियाजे के अनुसार, 'मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) में बच्चे की तार्किक क्षमता मुख्य रूप से किस पर आधारित होती है?
इस अवस्था में बालक केवल उन वस्तुओं के साथ तार्किक कार्य कर सकता है जिन्हें वह देख या छू सकता है (मूर्त वस्तुएं)।
पियाजे के अनुसार, 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-Operational Stage) में 'अहंकेन्द्रित' (Egocentrism) होने का क्या अर्थ है?
अहंकेन्द्रित होने का अर्थ है कि बच्चा दूसरों के दृष्टिकोण या विचारों को समझने में असमर्थ होता है और मानता है कि दुनिया उसके नजरिए से ही दिखती है।
पियाजे के अनुसार, 'मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) में बच्चे की मुख्य तार्किक सीमा क्या है?
इस अवस्था में बच्चा मूर्त वस्तुओं पर तर्क तो कर सकता है, लेकिन वह अमूर्त या काल्पनिक समस्याओं को हल करने में कठिनाई महसूस करता है।
पियाजे के अनुसार, 'संज्ञानात्मक विकास' (Cognitive Development) की किस अवस्था में बालक 'तार्किक रूप से' वस्तुओं और घटनाओं के बारे में चिंतन करना शुरू कर देता है?
मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (7-11 वर्ष) में बालक वस्तुओं के वर्गीकरण और उनके बीच तार्किक संबंध को समझने में सक्षम हो जाता है।
पियाजे के अनुसार, 'मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) में बच्चे की मुख्य तार्किक विशेषता क्या है?
मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था में बच्चा यह समझने लगता है कि वस्तु का आकार या रूप बदलने पर भी उसकी मात्रा या द्रव्यमान स्थिर रहता है (संरक्षण)।
पियाजे के अनुसार, 'संज्ञानात्मक विकास' (Cognitive Development) में 'स्कीमा' (Schema) का क्या अर्थ है?
स्कीमा वे मानसिक संरचनाएं या प्रतिमान हैं जो हमें दुनिया के बारे में सूचनाओं को व्यवस्थित और व्याख्या करने में मदद करते हैं।
पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था को 'तार्किक चिंतन की अवस्था' के रूप में जाना जाता है?
मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (7-11 वर्ष) में बालक वस्तुओं के साथ तर्क करना शुरू कर देता है।
जीन पियाजे के अनुसार, बच्चों का चिंतन वयस्कों से किस प्रकार भिन्न होता है?
पियाजे का मानना है कि बच्चों का सोचने का तरीका (प्रकार) वयस्कों से पूरी तरह अलग होता है, न कि केवल मात्रा में।
जीन पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था में बालक 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence) प्राप्त कर लेता है?
संवेदी-पेशीय अवस्था (0-2 वर्ष) के अंत तक बालक यह समझ जाता है कि वस्तुएँ तब भी अस्तित्व में रहती हैं जब वे दिखाई न दें।
जीन पियाजे के अनुसार, बच्चा किस अवस्था में 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) करना शुरू करता है?
औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था (11 वर्ष के बाद) में बच्चा अमूर्त विषयों और परिकल्पनाओं पर चिंतन करने में सक्षम हो जाता है।
जीन पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था में बालक 'प्रतीकात्मक खेल' (Symbolic Play) में संलग्न होता है?
पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (2-7 वर्ष) में बच्चा प्रतीकात्मक खेल खेलने लगता है, जहाँ वह निर्जीव वस्तुओं को सजीव मानकर खेलता है।