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BPSC, CTET, UPSC और सभी सरकारी परीक्षाओं के लिए मुफ़्त प्रश्न व मॉक टेस्ट

BPSC TRE 4.0, Child Development, Indian Polity, General Science सहित सभी विषयों के 6000+ प्रश्न — अभी अभ्यास करें।

MCQ भारत के प्रमुख पर्वतीय दर्रों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'बुर्जिल दर्रा' (Burzil Pass) कश्मीर घाटी को देवसाइ मैदानों (गिलगित-बाल्टिस्तान) से जोड़ता है, जो प्राचीन काल में मध्य एशिया के साथ व्यापार का एक प्रमुख मार्ग था। 2. 'बड़ा लाचा ला दर्रा' (Bara-lacha La) जास्कर श्रेणी में स्थित है, जो मनाली को लेह से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है और जिससे चंद्र तथा भागा नदियाँ निकलती हैं। 3. 'दीफु दर्रा' (Diphy Pass) अरुणाचल प्रदेश और म्यांमार की सीमा पर स्थित एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दर्रा है, जो भारत, चीन और म्यांमार के त्रिसंधि (Tripoint) क्षेत्र के निकट स्थित है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'शिपकी ला दर्रा' (Shipki La) सतलज नदी के गार्ज के समीप हिमाचल प्रदेश और तिब्बत की सीमा पर स्थित है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। 1. बुर्जिल दर्रा कश्मीर घाटी को उत्तर में देवसाइ मैदानों और गिलगित-बाल्टिस्तान से जोड़ता है। 2. बड़ा लाचा ला दर्रा जास्कर श्रेणी में स्थित एक उच्च पर्वतीय दर्रा है जिससे चंद्र और भागा नदि...

1 week ago Geography
I
MCQ In a multilingual and diverse English language classroom, educators frequently encounter various linguistic difficulties, developmental errors, and interference phenomena. Consider the following four advanced propositions regarding error analysis and language difficulties in a diverse classroom: I. Interlingual errors are caused by the negative transfer (or mother tongue interference) of the native language's phonological, syntactic, or semantic structures onto the target language, reflecting the learner's reliance on existing linguistic habits when encountering unfamiliar rules. II. Intralingual and developmental errors occur due to the misapplication, overgeneralization, or incomplete mastery of target language rules (such as applying regular past tense -ed to irregular verbs like 'goed'), which are universal and naturally occur across learners from diverse linguistic backgrounds. III. In error correction pedagogy, treating all errors with immediate, punitive negative reinforcement is the most effective strategy to accelerate fossilization and ensure rapid internalization of complex morphosyntactic rules in a heterogeneous classroom. IV. Fossilization represents a persistent state where erroneous linguistic structures become permanent features of a learner's interlanguage despite continuous exposure, formal instruction, and advanced communicative competence. Identify the option that correctly evaluates the validity of propositions I, II, III, and IV according to standard English language teaching pedagogy and Error analysis principles.

Propositions I, II, and IV accurately describe key concepts in second language acquisition and error analysis: interlingual errors stem from L1 interference, intralingual errors represent universal developmental overgene...

1 week ago English Language
MCQ आनुवंशिकी और जैव विकास (Genetics and Evolution) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हार्डी-वेनबर्ग नियम (Hardy-Weinberg principle) के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संगमित होने वाले जनसंख्या में जीन आवृत्तियाँ (Allele frequencies) पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर और निरंतर बनी रहती हैं, बशर्ते उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, अनुवांशिक विचलन (Genetic drift) और जीन प्रवाह जैसे विकासवादी बल प्रभावी न हों। 2. 'अनुवांशिक अपवाह' (Genetic drift) मुख्य रूप से बड़ी आबादी में अधिक प्रभावी होता है, जो 'संस्थापक प्रभाव' (Founder effect) और 'बॉटलनेक प्रभाव' (Bottleneck effect) के माध्यम से अनुकूल जीनों की आवृत्ति को तेजी से बढ़ाता है। 3. लामार्कवाद के विपरीत, डार्विनवाद (Darwinism) में 'प्राकृतिक चयन' (Natural selection) की अवधारणा इस बात पर जोर देती है कि जीवों में उत्पन्न होने वाली विभिन्न विभिन्न वंशागत भिन्नताओं में से केवल वही भिन्नताएं प्रकृति द्वारा चुनी जाती हैं जो पर्यावरण के अनुकूल होती हैं। 4. समजात अंग (Homologous organs), जैसे व्हेल के फलिपर, चमगादड़ के पंख और मानव के हाथ, रचना और उत्पत्ति में समान होते हैं क्योंकि वे अभिसारी विकास (Convergent evolution) का परिणाम होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

कथन 1 सही है क्योंकि हार्डी-वेनबर्ग साम्यता यह बताती है कि बिना किसी विकासवादी दबाव के जीन और जीनोटाइप आवृत्तियाँ स्थिर रहती हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि अनुवांशिक अपवाह (Genetic drift) छोटी आबादी में अधिक प्रभावशाली होता ह...

1 week ago General Science
MCQ बिहार सरकार द्वारा राज्य में डिजिटल शासन को बढ़ावा देने और सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता तथा सुगमता सुनिश्चित करने के लिए शुरू किए गए प्रमुख डिजिटल पोर्टलों एवं पहलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'बिहार ई-गवर्नेंस पोर्टल' और 'राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग' द्वारा शुरू किए गए 'बिहार भूमि' (Bihar Bhumi) पोर्टल के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी जमीन के भू-नशा, जमाबंदी पंजी और दाखिल-खारिज (Mutation) की स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं तथा इसके लिए आवेदन भी कर सकते हैं। 2. शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य के विद्यालयों के सुचारू संचालन, शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति की वास्तविक समय (Real-time) निगरानी के लिए 'ई-शिक्षाकोष' (e-Shikshakosh) पोर्टल और मोबाइल ऐप की शुरुआत की गई है। 3. राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण के लिए शुरू की गई 'ई-संजीवनी' (e-Sushrut / Telemedicine) पहल के तहत मरीजों को घर बैठे ऑनलाइन चिकित्सीय परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे अस्पतालों में अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। 4. लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम (RTPS) के तहत विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र (जैसे आय, जाति, आवासीय प्रमाण पत्र) प्राप्त करने के लिए 'आरटीपीएस बिहार' पोर्टल पूरी तरह से बंद कर दिया गया है और अब सभी सेवाएं केवल ऑफलाइन माध्यम से ही प्रदान की जाती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

इस प्रश्न का सही उत्तर विकल्प (a) यानी 'केवल 1, 2 और 3' है। **स्पष्टीकरण:** कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। बिहार सरकार ने राज्य में सुशासन और डिजिटल पहलों को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण पोर्टल लॉन्च किए हैं। 'बिहा...

1 week ago BPSC TRE 4.0
MCQ भारतीय संविधान के प्रथम भाग के अंतर्गत 'संघ एवं उसके राज्य क्षेत्र' (अनुच्छेद 1-4) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 2 के तहत संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह विधि द्वारा ऐसे निबंधनों और शर्तों पर, जो वह ठीक समझे, संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना कर सकेगी, जबकि अनुच्छेद 3 संसद को किसी राज्य के क्षेत्रफल, सीमा या नाम में परिवर्तन करने की एकतरफा शक्ति प्रदान करता है। 2. अनुच्छेद 3 के अधीन नए राज्यों के निर्माण या मौजूदा राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन से संबंधित कोई भी विधेयक राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश के बिना संसद के किसी भी सदन में पुनः स्थापित नहीं किया जा सकता, तथा राष्ट्रपति के लिए यह अनिवार्य है कि वह ऐसा विधेयक संबंधित राज्य के विधानमंडल के पास उसके विचार जानने के लिए भेजे, भले ही राज्य विधानमंडल का मत संसद के लिए बाध्यकारी न हो। 3. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 'बेरुबारी यूनियन वाद' (1960) में दिए गए निर्णय के पश्चात, भारत के किसी भू-भाग को किसी अन्य देश को सौंपने (Cession of territory) के लिए अनुच्छेद 3 के तहत साधारण बहुमत से विधि बनाना पर्याप्त नहीं माना गया, बल्कि इसके लिए संविधान संशोधन अधिनियम (अनुच्छेद 368) की आवश्यकता अनिवार्य कर दी गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

भारतीय संविधान के भाग I के अंतर्गत अनुच्छेद 1 से 4 तक संघ और उसके राज्य क्षेत्रों का वर्णन किया गया है। कथन 1 सही है क्योंकि अनुच्छेद 2 'नए राज्यों के प्रवेश या स्थापना' से संबंधित है (जो भारतीय संघ के बाहरी हिस्से से जु...

1 week ago Indian Polity
MCQ उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage: 7-11 वर्ष) के दौरान 'संरक्षण' (Conservation) और 'वर्गीकरण' (Classification) की क्षमता के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe), 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच स्थानिक-दृश्य एकीकरण, तार्किक श्रेणीबद्ध प्रसंस्करण, और कार्यकारी स्मृति (Working Memory) के बीच समन्वय की सक्रियण गतिकी, तथा জেরोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'प्रतिनिधित्व के तरीके' (Modes of Representation: एनेक्टिव, आइकॉनिक, और सिम्बॉलिक) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-ऑपरेशनल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Operational Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में मूर्त अनुभवों से अमूर्त चिंतन की ओर सुगमता, तार्किक युक्ति-निर्माण व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7-11 वर्ष) में बच्चे संरक्षण, उत्क्रमणीयता (Reversibility) और वर्गीकरण जैसी मानसिक संक्रियाओं को समझ पाते हैं। न्यूरो-संज्ञानात्मक रूप से...

1 week ago UPTET
MCQ हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान के सुरक्षित उपयोग के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए किस नाम से एक नया राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया गया है?

हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश भर में डिजिटल भुगतान के सुरक्षित उपयोग, धोखाधड़ी से बचाव और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए 'हर भुगतान, सुरक्षित भुगतान' नामक एक नया राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है। इस...

1 week ago Current Affairs
MCQ बंगाल विभाजन (1905) और इसके विरोध में प्रारंभ किए गए 'स्वदेशी आंदोलन' के प्रारंभिक दौर, रणनीतिक प्रसार तथा इसके वैचारिक आयामों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंगाल विभाजन के निर्णय की औपचारिक घोषणा 20 जुलाई 1905 को लॉर्ड कर्जन द्वारा की गई थी, तथा इस विभाजन के विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के प्रसिद्ध टाउन हॉल में आयोजित ऐतिहासिक बैठक में स्वदेशी आंदोलन का औपचारिक प्रस्ताव पारित किया गया था। 2. स्वदेशी आंदोलन के दौरान बंगाल के राष्ट्रीय आंदोलनकारियों ने पारंपरिक सांस्कृतिक प्रतीकों का सहारा लिया, जिसके तहत अश्विनी कुमार दत्त ने 'स्वदेश बांधव समिति' की स्थापना की, जो जन-जागरण, स्वदेशी वस्तुओं के प्रचार और सामाजिक कुप्रथाओं के विरुद्ध कार्य करने वाली एक प्रमुख स्वयंसेवी संस्था बनी। 3. इस आंदोलन के दौरान उग्रवादी राष्ट्रवादियों (लाल-बाल-पाल और अरबिंदो घोष) का यह दृष्टिकोण था कि स्वदेशी और बहिष्कार (Boycott) के इस हथियार को केवल बंगाल की प्रांतीय सीमाओं तक ही सीमित रखा जाना चाहिए ताकि राष्ट्रीय स्तर पर ब्रिटिश सरकार का अनावश्यक टकराव टाला जा सके। 4. स्वदेशी आंदोलन के आर्थिक और औद्योगिक प्रभावों के परिणामस्वरूप बंगाल में कई स्वदेशी कारखानों, वस्त्र मिलों, बैंकों और बीमा कंपनियों की स्थापना हुई, जिनमें आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय द्वारा स्थापित 'बंगाल केमिकल एंड फार्मास्युटिकल वorks' एक प्रमुख उद्यम के रूप में उभरा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

बंगाल विभाजन (1905) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण मोड़ था। लॉर्ड कर्जन द्वारा 20 जुलाई 1905 को बंगाल विभाजन की घोषणा की गई, जिसके विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में स्वदेशी आंदोलन का प्रस्ताव...

1 week ago History of India
MCQ भारत में सर्वाधिक क्षेत्रफल पर किस प्रकार की मिट्टी पाई जाती है?

भारत के लगभग 40% से अधिक भाग पर जलोढ़ मिट्टी (Alluvial Soil) पाई जाती है।

1 week ago Current Affairs
MCQ वर्ष 1857 के महान विद्रोह के परिणाम और भारत सरकार अधिनियम 1858 (क्वीन विक्टोरिया की घोषणा) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत सरकार अधिनियम 1858 के द्वारा ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त कर दिया गया और भारत का शासन सीधे ब्रिटिश क्राउन (महारानी विक्टोरिया) के अधीन आ गया, जिसके तहत कंपनी के 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' और 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स' को समाप्त कर उनके स्थान पर भारत के राज्य सचिव (Secretary of State for India) और उसकी सहायता के लिए 15 सदस्यीय 'भारत परिषद' (India Council) का गठन किया गया। 2. इलाहाबाद में आयोजित एक भव्य दरबार में 1 नवंबर 1858 को लॉर्ड कैनिंग द्वारा पढ़ी गई क्वीन विक्टोरिया की ऐतिहासिक घोषणा (जिसे भारत का मैग्नाकार्टा भी कहा जाता है) में भारतीय रियासतों के विलय की नीति को समाप्त करने की घोषणा की गई और भविष्य में ब्रिटिश साम्राज्य का विस्तार न करने का आश्वासन दिया गया। 3. इस घोषणा में धार्मिक सहिष्णुता और नस्लीय समानता का वादा करते हुए यह स्पष्ट किया गया कि ब्रिटिश भारत में बिना किसी नस्ल, जाति या धर्म के भेदभाव के सरकारी नौकरियों में योग्यता के आधार पर अवसर दिए जाएंगे, तथा भारतीय प्रजा के प्राचीन धार्मिक एवं सामाजिक आचार-विचारों में हस्तक्षेप न करने की नीति अपनाई जाएगी। 4. विद्रोह की समाप्ति के उपरांत ब्रिटिश सेना का पुनर्गठन करते हुए यूरोपीय सैनिकों का अनुपात कम किया गया और भारतीय सैनिकों की संख्या में भारी वृद्धि की गई, तथा तोपखाने जैसे रणनीतिक और संवेदनशील सैन्य विभागों का पूर्ण नियंत्रण पूरी तरह से भारतीय सैनिकों के हाथों में सौंप दिया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

वर्ष 1857 के महान विद्रोह ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रशासन की नींव को हिलाकर रख दिया, जिसके परिणामस्वरूप ब्रिटिश संसद ने भारत सरकार अधिनियम 1858 पारित किया। इस अधिनियम के तहत भारत का शासन सीधे ब्रिटिश क्राउन के अध...

1 week ago History of India
MCQ भारत के प्रमुख उद्योगों, औद्योगिक कॉриडोर और परिवहन तंत्र (राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे तथा जलमार्ग) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर' (DMIC) परियोजना भारत की एक प्रमुख अवसंरचना पहल है, जो 'पश्चिमी समर्पित मालवहन गलियारे' (Western Dedicated Freight Corridor - DFC) के समानांतर विकसित की जा रही है और इसका उद्देश्य इस क्षेत्र को वैश्विक विनिर्माण और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करना है। 2. भारत का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क लंबाई के मामले में विश्व में दूसरा सबसे बड़ा नेटवर्क है, और देश का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग 'राष्ट्रीय राजमार्ग 44' (NH 44) है, जो उत्तर में श्रीनगर से शुरू होकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक लगभग 3,745 किलोमीटर की दूरी तय करता है। 3. अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) द्वारा देश के सबसे लंबे राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) को 'गंगा-भागीरथी-हुगली नदी प्रणाली' पर विकसित किया गया है, जो हल्दिया से प्रयागराज के बीच लगभग 1,620 किलोमीटर की नौगम्य जल लंबाई प्रदान करता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का पहला आधुनिक सूती वस्त्र उद्योग वर्ष 1854 में 'मुंबई' (तत्कालीन बॉम्बे) में 'कोतावार मिल' के रूप में स्थापित किया गया था, जबकि स्वतंत्रता के पूर्व देश में लौह एवं इस्पात उद्योग का वास्तविक और समेकित औद्योगिक विकास जमशेदपुर (टाटानगर) में टिस्को (TISCO) की स्थापना के साथ शुरू हुआ। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

दिए गए सभी कथन पूरी तरह से सत्य हैं। 1. दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (DMIC) जापान के तकनीकी और वित्तीय सहयोग से पश्चिमी समर्पित मालवहन गलियारे (DFC) के दोनों ओर 150 किमी के प्रभाव क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। 2. N...

1 week ago Geography
MCQ भारत के भौगोलिक विस्तार, अक्षांशीय व देशांतर रेखाओं तथा प्रामाणिक समय के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत की मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के मध्य है, जिसके कारण देश के सबसे दक्षिणी और सबसे उत्तरी बिंदु के बीच लगभग 30 डिग्री अक्षांशीय अंतर पाया जाता है और इस व्यापक अक्षांशीय विस्तार का प्रभाव दक्षिणी भारत में दिन और रात की अवधि के अंतर पर स्पष्ट रूप से पड़ता है। 2. भारत का देशांतरीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व देशांतर के मध्य है, जिसके परिणामस्वरूप देश के सबसे पश्चिमी छोर (गुजरात के गुहारमोती) और सबसे पूर्वी छोर (अरुणाचल प्रदेश के किबिथू) के बीच स्थानीय समय में लगभग दो घंटे (116 मिनट) का वास्तविक समयान्तर होता है। 3. भारत की मानक याम्योत्तर रेखा (Standard Meridian) 82°30' पूर्व देशांतर है, जो उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश कुल पाँच राज्यों से होकर गुजरती है तथा यह रेखा इलाहाबाद (अब प्रयागराज) के नैनी के समीप से निकलती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की भू-सीमा (Land Frontier) की कुल लंबाई लगभग 15,200 किलोमीटर है, जबकि इसकी मुख्य भूमि, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह सहित समुद्र तट की कुल कुल लंबाई 7,516.6 किलोमीटर है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। कथन 1 के अनुसार, भारत का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तरी अक्षांश से 37°6' उत्तरी अक्षांश तक है, और अधिक अक्षांशीय विस्तार के कारण विषुवत रेखा से दूरी बढ़ने पर दिन और रात की अवधि में अंतर स्...

1 week ago Geography
MCQ सौर मंडल, ग्रहों की गति और खगोलीय पिंडों (Asteroids, Comets and Meteoroids) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मंगल और बृहस्पति की कक्षाओं के बीच स्थित क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) के अधिकांश पिंडों का उद्गम मुख्य रूप से एक पूर्ण ग्रह के टूटने से हुआ था, जो बृहस्पति के शक्तिशाली ज्वारीय गुरुत्वाकर्षण बलों के कारण बिखर गया था। 2. 'क्यूपर बेल्ट' (Kuiper Belt) नेपच्यून की कक्षा के परे सूर्य से लगभग 30 AU से 50 AU की दूरी तक फैली हुई एक तश्तरीनुमा डिस्क है, जो कम अवधि वाले धूमकेतुओं (Short-period Comets) का प्रमुख स्रोत है और इसी क्षेत्र में बौना ग्रह 'प्लूटो' स्थित है। 3. उल्कापिंड (Meteoroids) जब पृथ्वी के वायुमंडल में अत्यधिक वेग से प्रवेश करते हैं, तो वायुमंडलीय घर्षण के कारण जलकर चमकने लगते हैं, जिन्हें 'टूटता तारा' या उल्का (Meteor) कहा जाता है, और जो टुकड़े बिना पूरी तरह जले पृथ्वी की सतह पर गिरते हैं, उन्हें उल्कापिंड (Meteorites) कहा जाता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार हमारे सौर मंडल के सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा पश्चिम से पूर्व की ओर (वामावर्त या Counter-clockwise) करते हैं, और शुक्र (Venus) तथा अरुण (Uranus) को छोड़कर सभी ग्रहों का घूर्णन (Rotation) भी इसी दिशा में होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

कथन 1 गलत है क्योंकि आधुनिक वैज्ञानिक सिद्धांतों (जैसे एक्रेशन मॉडल) के अनुसार, क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) के पिंड किसी एक टूटे हुए ग्रह के अवशेष नहीं हैं, बल्कि यह सौर मंडल के प्रारंभिक निर्माण के दौरान बृहस्पति क...

1 week ago Geography
I
MCQ In the pedagogical framework of English language teaching, oral proficiency and aural comprehension form the cornerstone of linguistic development. Consider the following four advanced propositions regarding the functions of language and the role of listening and speaking in second language acquisition: I. Speaking serves both an interactive function (maintaining social relationships, interpersonal rapport, and phatic communion) and a transactional function (conveying specific information, negotiating meaning, and achieving concrete real-world objectives). II. Listening is conceptualized in contemporary psycholinguistics as a passive receptive skill where the auditory cortex merely acts as an acoustic sponge, passively absorbing and mirroring incoming speech sounds without active cognitive processing or top-down schema activation. III. According to Michael Halliday's functional theory of language, spoken discourse fulfills diverse micro-functions such as the instrumental, regulatory, interactional, personal, heuristic, imaginative, and informative functions, which govern how learners express intent and make meaning in social contexts. IV. In communicative language teaching (CLT), listening and speaking are taught as integrated, reciprocal communicative processes rather than isolated mechanical drills, emphasizing conversational repair strategies, turn-taking rules, and pragmatic appropriateness. Identify the option that correctly evaluates the pedagogical, linguistic, and theoretical validity of propositions I, II, III, and IV according to standard Language pedagogy principles.

Propositions I, III, and IV are correct. Speaking clearly encompasses both transactional functions (focus on message transfer and goods/services) and interactional functions (focus on social bonding and interpersonal rel...

1 week ago English Language
MCQ उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सामाजिक अध्ययन' के अंतर्गत 'भारतीय इतिहास एवं प्राचीन सभ्यताएं' के संदर्भ में, हड़प्पा सभ्यता (सिंधु घाटी सभ्यता) के उत्तर प्रदेश में स्थित प्रमुख पुरातात्विक स्थलों—जैसे आलमगीरपुर (मेरठ), हुलास (सहारनपुर), मांडी (मुजफ्फरनगर), और सनौली (बागपत)—के भौगोलिक वितरण, इनसे प्राप्त साक्ष्यों (जैसे कपास के अवशेष, धान की खेती के प्रमाण, रथ के साक्ष्य, और समाधि स्थल), तथा स्वतंत्रता के पश्चात भारत में खोजे गए इन स्थलों के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के वैज्ञानिक एवं तार्किक विश्लेषण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

आलमगीरपुर उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में हिंडन नदी के बाएं तट पर स्थित सिंधु घाटी (हड़प्पा) सभ्यता का सबसे पूर्वी छोर है। इसकी खोज वर्ष 1958 में यज्ञदत्त शर्मा द्वारा की गई थी। यहाँ से प्राप्त पुरातात्विक अवशेषों में टूटे...

1 week ago UPTET
MCQ हिंदी भाषा शिक्षण और व्याकरण के अंतर्गत, जब वाक्य में एक प्रधान उपवाक्य हो और अन्य आश्रित उपवाक्य उसके साथ समुच्चयबोधक अव्यय (जैसे- जो, कि, क्योंकि, यदि...तो आदि) द्वारा जुड़े हों, तो ऐसे वाक्य को संरचना के आधार पर किस श्रेणी में रखा जाता है?

संरचना या अर्थ के आधार पर वाक्य के तीन प्रमुख भेद होते हैं - सरल वाक्य, संयुक्त वाक्य और मिश्र वाक्य। जिस वाक्य में एक मुख्य या प्रधान उपवाक्य हो और उसके साथ एक या एक से अधिक आश्रित उपवाक्य व्यधिकरण समुच्चयबोधक (जो, कि,...

1 week ago UPTET
I
MCQ In the pedagogy of English language teaching, evaluating the design and implementation of Teaching Learning Materials (TLMs), graded textbooks, and remedial teaching frameworks requires a nuanced pedagogical approach. Consider the following four advanced propositions: I. Graded English readers and instructional TLMs should be meticulously scaffolded to align with the learner's current cognitive development and linguistic threshold, ensuring that instructional input provides an optimal level of challenge rather than overwhelming decontextualized complexity. II. Remedial teaching should rely strictly on repeating the identical classroom instructional methods, pacing, and materials that initially contributed to the learner's comprehension breakdown, ensuring strict uniformity across all student demographics. III. According to contemporary critical literacy and material evaluation frameworks, effective English textbooks must move beyond isolated structural grammar drills to incorporate authentic discourse genres, cultural contexts, and communicative tasks that foster genuine pragmatic competence. IV. Comprehensive diagnostic evaluation must precede any structured remedial intervention program in order to accurately isolate the specific phonological, morphological, or cognitive deficits of individual learners before targeted pedagogical strategies are deployed. Identify the option that correctly evaluates the pedagogical, theoretical, and methodological validity of propositions I, II, III, and IV according to standard English language teaching methodology and Remedial education principles.

Proposition II is invalid because remedial teaching is not about repeating the exact same ineffective methods that caused the original learning failure; rather, it requires alternative instructional strategies, different...

1 week ago English Language
MCQ बिहार की जलवायु, नदी तंत्र और प्रमुख कृषि पद्धतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बिहार की जलवायु मुख्य रूप से मानसूनी प्रकार की है, जिसमें उत्तर-पश्चिमी भाग में बंगाल की खाड़ी की शाखा से अधिक वर्षा होती है, जबकि राज्य के दक्षिण-पश्चिम भाग (जैसे रोहतास और औरंगाबाद) में महाद्वीपीय प्रभाव के कारण तापमान की अधिकता और अपेक्षाकृत कम वर्षा दर्ज की जाती है। 2. कोसी नदी, जिसे 'बिहार का शोक' कहा जाता है, अपने मार्ग परिवर्तन और भारी मात्रा में गाद (Silt) के निक्षेपण के लिए कुख्यात है, और यह नदी नेपाल के रास्ते मधेपुरा और सुपौल जिलों से होते हुए बिहार के मैदान में प्रवेश करती है तथा कटिहार के पास गंगा में मिलती है। 3. बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी (Retreating Monsoon) के दौरान अक्टूबर और नवंबर के महीनों में हल्की वर्षा होती है, जो राज्य के टाल क्षेत्रों और मैदानी भागों में रबी की फसलों (विशेषकर अरहर, चना और गेहूं) की प्रारंभिक बुवाई के लिए अत्यंत लाभदायक मानी जाती है। 4. सोन नदी, जो अमरकंटक पठार से निकलती है, बिहार में रोहतास जिले के सोननगर के पास प्रवेश करती है, और इसके जल का उपयोग त्रिवेणी नहर प्रणाली के माध्यम से उत्तरी चंपारण के कृषि क्षेत्रों की सिंचाई के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। बिहार की जलवायु मानसूनी है और दक्षिण-पश्चिम मानसून के साथ-साथ लौटते मानसून से होने वाली वर्षा कृषि के लिए महत्वपूर्ण है। कोसी नदी अपने मार्ग परिवर्तन के लिए जानी जाती है और कटिहार के नजदीक...

1 week ago BPSC TRE 4.0
MCQ उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम पठार (Plateaus of Learning) और मानसिक थकान के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, आर्थर जिट्स (Arthur Jersild) और विलियम ब्रिग्ज (William Briggs) द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम पठार के कारणों' के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पिट्यूटरी-एड्रेनल अक्ष' (Hypothalamic-Pituitary-Adrenal Axis - HPA Axis) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' की अत्यधिक संज्ञानात्मक भार (Cognitive Load) तथा न्यूरो-ट्रांसमीटर 'डोपामाइन और नॉरएपिनेफ्राइन' की कमी से उत्पन्न होने वाली विफलता की प्रक्रिया, तथा सेली (Hans Selye) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्य अनुकूलन सिंड्रोम' (General Adaptation Syndrome - GAS) के अंतर्गत 'चेतावनी चरण' (Alarm Phase), 'प्रतिरोध चरण' (Resistance Phase), और 'थकान चरण' (Exhaustion Phase) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, विश्राम रणनीतियों और विद्यार्थियों में अधिगम दक्षता के पुनरुत्थान में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

यह प्रश्न 'अधिगम पठार', 'मानसिक थकान', और 'न्यूरो-मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों' पर आधारित है। विकल्प (b) सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से सत्य है क्योंकि अधिगम पठार केवल बाहरी कारकों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये मस्तिष्क क...

1 week ago UPTET