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पावलोव का शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत (Classical Conditioning) इस बात पर जोर देता है कि सीखना एक उत्तेजक और अनुक्रिया के बीच संबंध (अनुबंधन) स्थापित होने से होता है।
इसे उत्तर-परंपरागत इसलिए कहते हैं क्योंकि यहाँ व्यक्ति समाज के स्थापित नियमों से ऊपर उठकर अपने व्यक्तिगत नैतिक सिद्धांतों के आधार पर निर्णय लेता है।
समस्या-समाधान विधि में छात्र स्वयं सक्रिय होकर तर्क करते हैं और समाधान निकालते हैं, जो सक्रिय अधिगम का मुख्य आधार है।
कोहलबर्ग के पूर्व-पारंपरिक स्तर (Pre-conventional Level) में नैतिकता का निर्धारण दंड और आज्ञाकारिता के आधार पर होता है।
जीवन क्षेत्र वह मनोवैज्ञानिक वास्तविकता है जिसमें व्यक्ति, उसके लक्ष्य और उसके आसपास का वातावरण शामिल होता है जो उसके व्यवहार को निर्धारित करता है।
आगमन विधि छात्रों को उदाहरणों के माध्यम से नए नियमों और सूत्रों की खोज करने में मदद करती है।
वाइगोत्सकी के अनुसार, निजी वाक बालक को अपनी जटिल गतिविधियों और चिंतन को प्रबंधित करने में एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है।
स्टैनफोर्ड-बिने स्केल का आधार मानसिक आयु (Mental Age) है, जिसके जरिए IQ मापा जाता है।
अभिप्रेरणा छात्र में सीखने के प्रति गहरी रुचि और आंतरिक इच्छाशक्ति जगाती है, जिससे अधिगम अधिक प्रभावी होता है।
समावेशी शिक्षा का अर्थ है कि बिना किसी भेदभाव के सभी बच्चों को, उनकी क्षमताओं या पृष्ठभूमि के बावजूद, एक ही कक्षा में शिक्षित करना।
सूक्ष्म शिक्षण का प्रतिपादन स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के डी.डब्ल्यू. एलन (D.W. Allen) ने 1963 में किया था।
स्वाभाविक अनुक्रिया वह है जो बिना किसी पूर्व प्रशिक्षण के स्वाभाविक उद्दीपन (भोजन) के प्रति स्वतः उत्पन्न होती है।
ZPD वह दायरा है जहाँ बच्चा अपनी वर्तमान क्षमता से थोड़ा ऊपर का कार्य किसी कुशल व्यक्ति के मार्गदर्शन में कर सकता है।
1951 में प्रथम संविधान संशोधन द्वारा नौवीं अनुसूची जोड़ी गई, जो भूमि सुधार कानूनों से संबंधित है।
वाइगोत्सकी के अनुसार, बच्चा अपने कार्यों को निर्देशित और विनियमित करने के लिए निजी वाक का सहारा लेता है।
किशोरावस्था में सामाजिक संबंध और संवेगात्मक विकास सबसे अधिक सक्रिय और गहरा होता है, जहाँ किशोरों का ध्यान सामाजिक स्वीकृति पर होता है।
अनुच्छेद 330 के तहत लोकसभा में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटों का आरक्षण है।
इस चरण में बालक की नैतिकता केवल दंड के भय से संचालित होती है, जहाँ वह बड़ों की आज्ञा का पालन करना ही सही समझता है।
अनुच्छेद 110 के अंतर्गत धन विधेयक को परिभाषित किया गया है।
गैने के अधिगम पदानुक्रम में 'समस्या समाधान' (Problem Solving) को सर्वोच्च और जटिलतम स्तर माना गया है।