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UPTET — Free MCQ Questions & Mock Test
Clear filterउत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की तैयारी के लिए यह विशेष शिक्षण अनुभाग है। इस पेज पर आप बाल विकास, शिक्षण विधियों, हिंदी व्याकरण और अन्य अनिवार्य विषयों के मानक प्रश्नों का अभ्यास कर सकते हैं, जो नवीनतम परीक्षा पैटर्न पर आधारित हैं।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम पठार (Plateaus of Learning) और मानसिक थकान' के संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत आने वाले सीमांत अवरोधों, तथा ब्रायन और हार्ter (Bryan & Harter) द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम पठार के निर्माण के प्रमुख कारणों'—जैसे रुचि की कमी, प्रेरणा का अभाव, जटिल विषय-वस्तु, शारीरिक या मानसिक थकान, और अनुचित शिक्षण विधि—के वैज्ञानिक स्वरूप के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) कक्षा-कक्ष प्रबंधन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमताओं और उपचारात्मक शिक्षण' के संदर्भ में, सैमुअल किर्क (Samuel Kirk) द्वारा प्रतिपादित 'डेटा-आधारित उपचारात्मक शिक्षण मॉडल' के अंतर्गत नैदानिक चरणों—जैसे त्रुटि विश्लेषण, कारण पहचान, और लक्षित हस्तक्षेप—तथा गेरहार्ड क्रूग (Gerhard Krueger) और अन्य शोधकर्ताओं द्वारा विकसित 'मेटাকॉग्निटिव स्ट्रेटेजी ट्रेनिंग' (Metacognitive Strategy Training) के अंतर्गत विद्यार्थियों की 'स्वयं-नियमन' (Self-Regulation), 'स्वयं-निगरानी' (Self-Monitoring), और 'स्वयं-मूल्यांकन' (Self-Evaluation) क्षमताओं के वैज्ञानिक स्वरूप के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक समावेशी और विशिष्ट कक्षा-कक्ष प्रबंधन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के त्रिय आयामी सिद्धांत' के संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect - SOI Model) के अंतर्गत मानसिक क्षमताओं के तीन आयामों—'संक्रियाएँ' (Operations: जैसे संज्ञान, स्मृति, अभिसारी चिंतन, अपसारी चिंतन, मूल्यांकन), 'विषय-वस्तु' (Contents: जैसे आकृतिक, प्रतीकात्मक, शब्दार्थ, व्यवहारात्मक), और 'उत्पाद' (Products: जैसे इकाइयाँ, वर्ग, संबंध, प्रणालियाँ, रूपांतरण, निहितार्थ)—के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) द्वारा प्रतिपादित 'त्रितंत्र सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) के अंतर्गत वर्णित तीन उप-सिद्धांतों—'घटकात्मक/विश्लेषणात्मक बुद्धि' (Componential/Analytical Intelligence), 'अनुभवात्मक/सृजनात्मक बुद्धि' (Experiential/Creative Intelligence), और 'व्यावहारिक/संदर्भगत बुद्धि' (Contextual/Practical Intelligence)—के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक कक्षा-कक्ष शिक्षण और समस्या-समाधान रणनीतियों में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'विस्मरण के सिद्धांतों' (Theories of Forgetting) के संदर्भ में, हरमन एबिंगहॉस (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) के अंतर्गत समय के साथ अधिगम की गई विषय-वस्तु के क्षय के मात्रात्मक स्वरूप, तथा जॉन मैकगीच (John McGeoch) और रेमंड इवांस द्वारा प्रतिपादित 'हस्तक्षेप सिद्धांत' (Interference Theory of Forgetting) के अंतर्गत वर्णित दो प्रमुख प्रकारों—'पूर्ववर्ती हस्तक्षेप' (Proactive Interference - जहाँ पुराना ज्ञान नए ज्ञान को सीखने में बाधा डालता है) और 'पश्चवर्ती हस्तक्षेप' (Retroactive Interference - जहाँ नया ज्ञान पुराने ज्ञान की स्मृति को प्रभावित करता है)—के वैज्ञानिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक कक्षा-कक्ष शिक्षण और प्रभावी स्मृति प्रबंधन (Memory Management) रणनीतियों में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'व्यक्तित्व के शील गुण (Trait) सिद्धांत' के संदर्भ में, गॉर्डन ऑलपोर्ट (Gordon Allport) द्वारा प्रतिपादित 'शील गुण सिद्धांत' के अंतर्गत वर्णित तीन श्रेणियों—'प्रमुख शील गुण' (Cardinal Traits), 'केंद्रीय शील गुण' (Central Traits), और 'गौण शील गुण' (Secondary Traits)—के मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा रेमंड कैटल (Raymond Cattell) द्वारा प्रतिपादित 'स्रोत शील गुण' (Source Traits) और 'सतह शील गुण' (Surface Traits) की संकल्पनाओं (16PF प्रश्नावली के आधार पर) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक कक्षा-कक्ष प्रबंधन और विद्यार्थियों के व्यक्तिगत भिन्नताओं (Individual Differences) के अध्ययन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'भाषा विकास के मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, नोम चॉम्स्की (Noam Chomsky) द्वारा प्रतिपादित 'भाषा अर्जन उपकरण' (Language Acquisition Device - LAD) और 'सार्वभौमिक व्याकरण' (Universal Grammar) की संकल्पनाओं के अंतर्गत अंतर्जात जैविक क्षमताओं के स्वरूप, तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' (Sociocultural Theory of Development) के अंतर्गत भाषा और विचार के विकास के अंतर्संबंधों—विशेष रूप से 'सामाजिक भाषण' (Social Speech), 'निजी भाषण' (Private Speech), और 'आंतरिक भाषण' (Inner Speech)—के वैज्ञानिक स्वरूप के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक कक्षा-कक्ष शिक्षण और भाषाई समावेशन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'प्रेरणा के सिद्धांतों' (Theories of Motivation) के संदर्भ में, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'मानवतावादी आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत वर्णित शारीरिक आवश्यकताओं, सुरक्षा आवश्यकताओं, अपनेपन और प्रेम की आवश्यकताओं, सम्मान की आवश्यकताओं, तथा 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा डेविड मैक्लेलैंड (David McClelland) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता का सिद्धांत' (Need Theory / Three Needs Theory) के अंतर्गत वर्णित तीन प्रमुख अभिप्रेरकों—'उपलब्धि की आवश्यकता' (Need for Achievement - nAch), 'संबद्धता की आवश्यकता' (Need for Affiliation - nAff), और 'सत्ता की आवश्यकता' (Need for Power - nPow)—के वैज्ञानिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक कक्षा-कक्ष शिक्षण, अधिगम अभिप्रेरणा और छात्र विकास में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के बहु-कारक एवं पदानुक्रमित सिद्धांतों' के संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि का बहु-कारक सिद्धांत' (Multifactor Theory of Intelligence) के अंतर्गत वर्णित बुद्धि के चार प्रमुख atributos—'स्तर' (Level), 'क्षेत्र' (Area), 'क्षेत्राधिकार' (Range), और 'गति' (Speed)—के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा फिलिप वर्नोन (Philip Vernon) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि का पदानुक्रमित सिद्धांत' (Hierarchical Theory of Intelligence) के अंतर्गत 'सामान्य कारक (g)' से लेकर 'प्रमुख समूह कारकों' (verbal-educational, practical-mechanical) और 'विशिष्ट कारकों (s)' तक के विभाजन के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक बहु-स्तरीय कक्षा-कक्ष शिक्षण और विभेदित अनुदेशन (Differentiated Instruction) रणनीतियों में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता और प्रज्ञा के संबध' के संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) के चार प्रमुख घटकों—'धाराप्रवाहता' (Fluency), 'लचीलापन' (Flexibility), 'मौलिकता' (Originality), और 'विस्तार' (Elaboration)—के मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा ग्राहम वालेस (Graham Wallas) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरणों' (Four Stages of Creative Process)—'तैयारी' (Preparation), 'उद्भावन/प्रभवन' (Incubation), 'प्रकटीकरण/अंतर्दृष्टि' (Illumination), और 'सत्यापन/मूल्यांकन' (Verification)—के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक समस्या-समाधान आधारित कक्षा-कक्ष शिक्षण और सृजनात्मक बालकों के विकास में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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