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UPTET — Free MCQ Questions & Mock Test
Clear filterउत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की तैयारी के लिए यह विशेष शिक्षण अनुभाग है। इस पेज पर आप बाल विकास, शिक्षण विधियों, हिंदी व्याकरण और अन्य अनिवार्य विषयों के मानक प्रश्नों का अभ्यास कर सकते हैं, जो नवीनतम परीक्षा पैटर्न पर आधारित हैं।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, एडवर्ड टोलमैन (Edward Tolman) द्वारा प्रतिपादित 'चिह्न अधिगम सिद्धांत' (Sign Learning Theory / Purposive Behaviorism) के अंतर्गत वर्णित 'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map) और 'अव्यक्त अधिगम' (Latent Learning) की संकल्पनाओं के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा वुल्फगैंग कोहलर (Wolfgang Köhler) द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) के अंतर्गत 'गेस्टाल्ट' (Gestalt) दृष्टिकोण यानी 'संपूर्णता के प्रत्यक्षीकरण' (Perception of Whole) और 'सहसा मानसिक पुनर्गठन' (Sudden Cognitive Restructuring) की प्रक्रियों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक समस्या-समाधान आधारित कक्षा-कक्ष शिक्षण और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय तार्किक क्षमताओं के विकास में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास के मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास का सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत वर्णित तीन प्रमुख स्तरों (पूर्व-पारंपरिक, पारंपरिक, और उत्तर-पारंपरिक) और उनके छह चरणों—विशेष रूप से 'आज्ञापालन और दंड अभिविन्यास', 'व्यक्तिगत पुरस्कार/सापेक्षवादी अभिविन्यास', 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास', 'कानून और व्यवस्था अभिविन्यास', 'सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास', और 'सार्वभौमिक नैतिक अंतरात्मा अभिविन्यास'—के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप, तथा कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) द्वारा कोहलबर्ग के सिद्धांत की आलोचना करते हुए प्रतिपादित 'देखभाल की नैतिकता' (Ethics of Care) के सिद्धांत—जिसमें न्याय के दृष्टिकोण के स्थान पर सहानुभूति, संबंधों और उत्तरदायित्व के आयाम को प्राथमिकता दी जाती है—के वैज्ञानिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मूल्य-आधारित शिक्षा और नैतिक दुविधा (Moral Dilemma) आधारित शिक्षण रणनीतियों में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के क्षेत्र और कक्षा-कक्ष शिक्षण' के संदर्भ में, बेंजामिन ब्लूम (Benjamin Bloom) द्वारा प्रतिपादित 'शैक्षिक उद्देश्यों के वर्गीकरण' (Taxonomy of Educational Objectives) के अंतर्गत 'संज्ञानात्मक पक्ष' (Cognitive Domain) के छह प्रमुख स्तरों—'ज्ञान' (Knowledge), 'बोध' (Comprehension), 'अनुप्रयोग' (Application), 'विश्लेषण' (Analysis), 'संश्लेषण/सर्जन' (Synthesis/Creation), और 'मूल्यांकन' (Evaluation)—के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा डेविड क्राथवोल (David Krathwohl) और बेंजामिन ब्लूम द्वारा प्रतिपादित 'भावात्मक पक्ष' (Affective Domain) के पाँच क्रमिक स्तरों—'ग्रहण करना' (Receiving), 'आकलन/अनुक्रिया करना' (Responding), 'मूल्य निर्धारण' (Valuing), 'संगठन' (Organization), और 'चरित्रिकरण' (Characterization)—के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक बहु-आयामी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मूल्य-आधारित पाठ्यक्रम और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय बौद्धिक एवं भावनात्मक क्षमताओं के समेकित विकास में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'विकास के मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों और परिपक्वता' के संदर्भ में, अर्नोल्ड गेसेल (Arnold Gesell) द्वारा प्रतिपादित 'परिपक्वता सिद्धांत' (Maturation Theory) के अंतर्गत जैविक रूप से निर्धारित विकास अनुक्रमों (Developmental Schedules) और 'पारस्परिक संच्छेदन' (Reciprocal Interweaving) की संकल्पनाओं के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत' के अंतर्गत 'आत्मसातीकरण' (Assimilation), 'समायोजन' (Accommodation), और 'साम्यधारण' (Equilibration) की प्रक्रियाओं के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक बाल-केंद्रित कक्षा-कक्ष शिक्षण, विकासात्मक रूप से उपयुक्त प्रथाओं (Developmentally Appropriate Practices) और विद्यार्थियों की अधिगम तत्परता के निर्धारण में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम स्थानांतरण के आधुनिक मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, चार्ल्स जड (Charles Judd) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization) के अंतर्गत सीखे गए सिद्धांतों और नियमों के प्रत्यक्ष अनुप्रयोग के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा सी.एच. जुड और जी.एस. बागल द्वारा समर्थित एवं गेस्टाल्ट मनोवैज्ञानिकों के विचारों पर आधारित 'सामंजस्य और रूपान्तरण के सिद्धांतों' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक बहु-विषयक (Multidisciplinary) कक्षा-कक्ष शिक्षण, संज्ञानात्मक लचीलेपन और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय ज्ञान के अंतरण (Transfer of Learning) में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities)' के संदर्भ में, सैमुअल किर्क (Samuel Kirk) द्वारा प्रतिपादित 'पठन अक्षमता' या 'डिफ्लेक्सिया' (Dyslexia) के न्यूरो-लॉजिकल स्वरूप और फोनेटिक्स प्रसंस्करण में बाधाओं के वैज्ञानिक विश्लेषण, तथा सुसान वार्नके (Susan Warnock) द्वारा प्रतिपादित 'समावेशी शिक्षा की वार्नॉक रिपोर्ट' (Warnock Report) के अंतर्गत 'विशेष शैक्षिक आवश्यकताओं' (Special Educational Needs - SEN) की संकल्पना और संस्थागत मुख्यधाराकरण (Mainstreaming) के सिद्धांतों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, बहुसंवेदी अनुदेशन (Multisensory Instruction) और विद्यार्थियों में व्यक्तिगत शैक्षिक योजनाओं (IEP) के निर्धारण में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियों और संज्ञानात्मक रणनीतियों' के संदर्भ में, डेविड कोल्ब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'प्रयोगात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) के अंतर्गत वर्णित चार प्रमुख अधिगम शैलियों—'अभिसारी' (Converging), 'आत्मसातीकरण' (Assimilating), 'समायोजनकारी' (Accommodating), और 'अपसारी' (Diverging)—के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा एंथनी ग्रेगोरिया (Anthony Gregorc) द्वारा प्रतिपादित 'ग्रेगोरिया अधिगम शैली मॉडल' (Gregorc Mind Styles Model) के अंतर्गत मस्तिष्क के प्रक्रमण के दो प्राथमिक तरीकों—'मूर्त-अमूर्त' (Concrete-Abstract) धारणा और 'क्रमिक-यादृच्छिक' (Sequential-Random) व्यवस्था—के वैज्ञानिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक बहु-संवेदी कक्षा-कक्ष शिक्षण, विभेदित अनुदेशन (Differentiated Instruction) और विद्यार्थियों की व्यक्तिगत संज्ञानात्मक प्राथमिकताओं के निर्धारण में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमताओं और सुधारात्मक शिक्षण' के संदर्भ में, कर्ट लेविन (Kurt Lewin) द्वारा प्रतिपादित 'क्षेत्र सिद्धांत' (Field Theory) के अंतर्गत 'जीवन स्थान' (Life Space) और 'टोपोलॉजी' (Topology) की संकल्पनाओं के मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा हर्बर्ट वाल्टन और रिचर्ड श्लाव द्वारा विकसित एवं डेविड ऑसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Theory of Meaningful Verbal Learning) में वर्णित 'अग्रिम आयोजक' (Advance Organizer) मॉडल के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, संज्ञान-आधारित सुधारात्मक अनुदेशन (Cognitive Remedial Instruction) और विद्यार्थियों में अधिगम संबंधी बाधाओं के न्यूनीकरण में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के स्थानांतरण और मानसिक अनुशासन के सिद्धांतों' के संदर्भ में, विलियम जेम्स और ई.एल. थॉर्नडाइक द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के अंतर्गत पूर्व-अधिगम और नवीन अधिगम के बीच समान साक्ष्यों, विधियों और विषय-वस्तु के संचरण के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा सी.डब्ल्यू. बागल (C.W. Bagley) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्यीकरण और आदर्शों का सिद्धांत' (Theory of Ideals) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक बहु-विषयक कक्षा-कक्ष शिक्षण, संज्ञानात्मक हस्तांतरण और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय जीवन मूल्यों के निर्माण में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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