विकास के प्रमुख सिद्धांतकार — MCQ प्रश्न, व्याख्या एवं मॉक टेस्ट
Clear filterपियाजे, वाइगोत्स्की, कोहलबर्ग, एरिक्सन, ब्रूनर, बंडूरा, फ्रायड, मास्लो आदि।
पियाजे के अनुसार, 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-Operational Stage) में 'जीववाद' (Animism) का क्या अर्थ है?
जीववाद (Animism) का अर्थ है कि बच्चा निर्जीव वस्तुओं (जैसे खिलौना, कुर्सी) को भी सजीव मानकर उनसे बातें करता है।
पियाजे के अनुसार, 'क्रमबद्धता' (Seriation) की क्षमता का विकास किस अवस्था में होता है?
मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (7-11 वर्ष) में बालक वस्तुओं को उनके आकार, रंग या वजन के आधार पर क्रमबद्ध करने में सक्षम हो जाता है।
बालक के विकास में 'वाइगोत्सकी' का 'पाड़' (Scaffolding) का क्या अर्थ है?
स्कैफोल्डिंग का अर्थ है सीखने के दौरान बच्चे को वह अस्थायी सहायता देना, जिससे वह अपनी समस्याओं को स्वयं हल करना सीख सके।
पियाजे के अनुसार 'समायोजन' (Accommodation) की प्रक्रिया क्या है?
समायोजन वह प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति नई जानकारी के साथ तालमेल बिठाने के लिए अपने मौजूदा स्कीमा या मानसिक संरचनाओं में बदलाव करता है।
पियाजे के अनुसार, 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence) का गुण किस अवस्था में विकसित होता है?
वस्तु स्थायित्व का अर्थ है यह समझना कि वस्तुएं तब भी मौजूद रहती हैं जब वे दिखाई न दें। यह गुण संवेदी-पेशीय अवस्था (0-2 वर्ष) में विकसित होता है।
कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में 'परंपरागत स्तर' (Conventional Level) की मुख्य विशेषता क्या है?
परंपरागत स्तर पर व्यक्ति समाज के नियमों, परंपराओं और दूसरों की अपेक्षाओं के अनुसार व्यवहार करना सीखता है।
जीन पियाजे के अनुसार, बच्चे किस अवस्था में वस्तुओं को वर्गीकृत करने और उनके गुणों को समझने में सक्षम हो जाते हैं?
मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (7-11 वर्ष) में बच्चे वस्तुओं को वर्गीकृत करने और उनके गुणों (जैसे आकार, वजन) को समझने में सक्षम हो जाते हैं।