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डिस्लेक्सिया (Dyslexia) क्या है?

डिस्लेक्सिया पढ़ने से जुड़ी एक विशिष्ट अधिगम अक्षमता है, जिसमें सामान्य या औसत से अधिक बुद्धि और पर्याप्त अवसर के बावजूद बच्चे को अक्षर पहचानने, शब्द जोड़ने और वर्तनी में कठिनाई होती है।

डिस्लेक्सिया: विस्तृत व्याख्या

डिस्लेक्सिया को समझें

यह आँखों की कमज़ोरी या आलस्य नहीं है। बच्चे को अक्षरों और उनकी ध्वनियों के बीच संबंध जोड़ने में कठिनाई होती है, इसलिए वह पढ़ने में धीमा होता है और अक्षर या शब्द उलट देता है। बहु-इंद्रिय शिक्षण, ध्वनि पर आधारित अभ्यास, पढ़ने के लिए अधिक समय और मौखिक मूल्यांकन जैसे अनुकूलन उपयोगी होते हैं।

याद रखने योग्य बिंदु

  • पढ़ने की विशिष्ट अधिगम अक्षमता
  • बुद्धि सामान्य, कठिनाई विशिष्ट
  • बहु-इंद्रिय शिक्षण और अतिरिक्त समय सहायक

उदाहरण

सातवीं कक्षा की छात्रा कहानी समझ लेती है जब कोई उसे पढ़कर सुनाए, पर स्वयं पढ़ते समय अटकती है और b तथा d को आपस में बदल देती है। उसे दंड नहीं, मदद चाहिए।

परीक्षा में कैसे पूछा जाता है

पढ़ने की कठिनाई = डिस्लेक्सिया, लिखने की = डिस्ग्राफ़िया, गणित की = डिस्कैल्कुलिया। तीनों की जोड़ी बनाकर याद रखें और ये कम बुद्धि के लक्षण नहीं हैं।

डिस्लेक्सिया पर अभ्यास प्रश्न (MCQ)

अधिगम अक्षमता के सभी प्रश्न देखें →

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संबंधित अवधारणाएँ

संदर्भ
  • भारत सरकार, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016
  • NCERT, समावेशी शिक्षा संबंधी सामग्री