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RTE की 25 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था (25% Reservation under RTE Act) क्या है?

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 12(1)(ग) के अनुसार निजी गैर-सहायता प्राप्त विद्यालयों को प्रवेश स्तर की कम से कम 25 प्रतिशत सीटें कमज़ोर और वंचित वर्गों के बच्चों के लिए रखनी होती हैं, जिनकी पढ़ाई का ख़र्च सरकार उठाती है।

RTE की 25 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था: विस्तृत व्याख्या

RTE की 25 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था को समझें

इस प्रावधान का उद्देश्य अलग-अलग सामाजिक पृष्ठभूमि के बच्चों को साथ पढ़ने का अवसर देना है। सरकार प्रति बच्चा खर्च की प्रतिपूर्ति करती है, जो सरकारी विद्यालय के प्रति बच्चा खर्च से अधिक नहीं हो सकती। सर्वोच्च न्यायालय ने 2012 में इसे वैध ठहराया, पर यह अल्पसंख्यक संस्थानों पर लागू नहीं होता।

याद रखने योग्य बिंदु

  • धारा 12(1)(ग), प्रवेश स्तर की 25 प्रतिशत सीटें
  • सरकार प्रतिपूर्ति करती है
  • अल्पसंख्यक विद्यालयों पर लागू नहीं

उदाहरण

किसी निजी विद्यालय में पहली कक्षा की चालीस सीटें हैं, तो उनमें से दस सीटें कमज़ोर वर्ग के बच्चों के लिए रखनी होंगी, और उन बच्चों की फीस सरकार भरेगी।

परीक्षा में कैसे पूछा जाता है

धारा संख्या 12(1)(ग), आरक्षण का प्रतिशत और किस श्रेणी के विद्यालयों पर लागू होता है, ये तीन तथ्य परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं।

RTE की 25 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था पर अभ्यास प्रश्न (MCQ)

RTE अधिनियम 2009 के सभी प्रश्न देखें →

संबंधित अवधारणाएँ

संदर्भ
  • भारत सरकार, निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009, धारा 12
  • Society for Unaided Private Schools of Rajasthan बनाम भारत संघ (सर्वोच्च न्यायालय, 2012)