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डिस्लेक्सिया बनाम डिस्कैल्कुलिया: अंतर और तुलना

दोनों विशिष्ट अधिगम अक्षमताएँ हैं, पर डिस्लेक्सिया में पढ़ने और वर्तनी की कठिनाई होती है, जबकि डिस्कैल्कुलिया में संख्याओं और गणितीय प्रक्रियाओं की। दोनों में बच्चे की बुद्धि सामान्य हो सकती है।

डिस्लेक्सिया और डिस्कैल्कुलिया में मुख्य अंतर

डिस्लेक्सिया बनाम डिस्कैल्कुलिया — तुलना तालिका
आधारडिस्लेक्सियाडिस्कैल्कुलिया
प्रभावित क्षेत्रपढ़ना और वर्तनी।संख्या-बोध और गणित।
मुख्य लक्षणअक्षर पहचानने, शब्द जोड़ने और धाराप्रवाह पढ़ने में कठिनाई।गिनती, जोड़-घटाव, पहाड़े और स्थानीय मान समझने में कठिनाई।
आम त्रुटियाँb और d जैसे अक्षर उलट देना, शब्द छोड़ देना।संख्याएँ उलट देना, चिह्न भूलना, समय देखने में कठिनाई।
बुद्धिसामान्य या उससे अधिक हो सकती है।सामान्य या उससे अधिक हो सकती है।
सहायता के तरीकेबहु-इंद्रिय शिक्षण, ध्वनि पर आधारित अभ्यास, मौखिक मूल्यांकन।ठोस वस्तुएँ, चित्र, छोटे चरण, बार-बार अभ्यास।
सामान्य भ्रमइसे आँखों की कमज़ोरी या आलस्य समझ लेना।इसे केवल गणित का डर समझ लेना।
अन्य अक्षमता से संबंधलेखन की कठिनाई (डिस्ग्राफ़िया) के साथ भी मिल सकती है।डिस्लेक्सिया या डिस्ग्राफ़िया के साथ भी मिल सकती है।

पहचान और सहायता

दोनों का निदान विशेषज्ञ करते हैं, पर शिक्षक पहला संकेत पकड़ सकता है। जब बच्चा प्रयास करने के बाद भी किसी एक क्षेत्र में लगातार पिछड़े, जबकि बाकी क्षेत्रों में ठीक हो, तब अभिभावकों से बात करके मूल्यांकन की सलाह देनी चाहिए। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 में विशिष्ट अधिगम अक्षमता को मान्य दिव्यांगता माना गया है।

परीक्षा के लिए याद रखें

पढ़ना: डिस्लेक्सिया। गणित: डिस्कैल्कुलिया। लिखना: डिस्ग्राफ़िया। तीनों कम बुद्धि के लक्षण नहीं हैं, और सही अनुकूलन से बच्चे आगे बढ़ते हैं।

अभ्यास प्रश्न

संदर्भ
  • भारत सरकार, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016
  • NCERT, समावेशी शिक्षा संबंधी सामग्री