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अभ्यास का नियम (Law of Exercise) क्या है?

अभ्यास का नियम थॉर्नडाइक का नियम है कि किसी उद्दीपक-अनुक्रिया संबंध का बार-बार उपयोग उसे मज़बूत करता है (उपयोग का नियम), और लंबे समय तक उपयोग न करने पर वह कमज़ोर पड़ता है (अनुपयोग का नियम)।

अभ्यास का नियम: विस्तृत व्याख्या

अभ्यास का नियम को समझें

रटने, दोहराने और अभ्यास कार्य के पीछे यही सोच है। बाद में थॉर्नडाइक ने स्वयं पाया कि केवल दोहराव काफ़ी नहीं, उसके साथ संतोषजनक परिणाम भी चाहिए, और उन्होंने इस नियम का महत्त्व घटा दिया। फिर भी कौशल सीखने में अभ्यास की भूमिका आज भी मानी जाती है।

याद रखने योग्य बिंदु

  • उपयोग का नियम और अनुपयोग का नियम, इसके दो पक्ष
  • अभ्यास के साथ प्रभाव का नियम भी ज़रूरी
  • गणित, लेखन, वादन जैसे कौशलों में उपयोगी

उदाहरण

तबला सीखने वाला बच्चा रोज़ दस मिनट बोल दोहराता है तो ताल पक्की होती है। महीनों अभ्यास छूटने पर वही ताल लड़खड़ाने लगती है।

परीक्षा में कैसे पूछा जाता है

उपयोग और अनुपयोग के नियम इसी के उप-भाग हैं। थॉर्नडाइक के तीनों मुख्य नियम और गौण नियम (बहु-प्रतिक्रिया, मनोवृत्ति, समानता आदि) अलग-अलग याद करें।

अभ्यास का नियम पर अभ्यास प्रश्न (MCQ)

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संदर्भ
  • एडवर्ड थॉर्नडाइक, Educational Psychology (1913)
  • NCERT, मनोविज्ञान की पाठ्यपुस्तकें