आंतरिक अभिप्रेरणा (Intrinsic Motivation) क्या है?
आंतरिक अभिप्रेरणा वह प्रेरणा है जो गतिविधि के स्वयं के आनंद, जिज्ञासा या सीखने की संतुष्टि से आती है, किसी बाहरी इनाम या दंड से नहीं। यह दीर्घकालिक और गहरी सीख से जुड़ी मानी जाती है।
आंतरिक अभिप्रेरणा: विस्तृत व्याख्या
आंतरिक अभिप्रेरणा को समझें
जब बच्चा किसी विषय को इसलिए पढ़ता है कि उसे उसमें मज़ा आता है, तब उसकी प्रेरणा आंतरिक है। डेसी और रेयान के आत्म-निर्धारण सिद्धांत में स्वायत्तता, सक्षमता और संबद्धता को इसके मुख्य आधार बताया गया है। शिक्षक विकल्प देकर, चुनौती का स्तर सही रखकर और रुचि जगाकर इसे बढ़ा सकते हैं।
याद रखने योग्य बिंदु
- स्रोत भीतर से: रुचि, जिज्ञासा, संतुष्टि
- आत्म-निर्धारण सिद्धांत से जुड़ी
- दीर्घकालिक अधिगम के लिए अधिक उपयोगी
उदाहरण
एक बच्चा खाली समय में बिना किसी के कहे विज्ञान की किताब से प्रयोग करके देखता है, क्योंकि उसे चीज़ें समझने में मज़ा आता है। उसे इसके लिए किसी पुरस्कार की अपेक्षा नहीं है।
परीक्षा में कैसे पूछा जाता है
बिना बाहरी इनाम के, गतिविधि में ही आनंद हो तो आंतरिक अभिप्रेरणा। बाहरी अभिप्रेरणा से इसकी तुलना और दोनों के उदाहरण पूछे जाते हैं।
आंतरिक अभिप्रेरणा पर अभ्यास प्रश्न (MCQ)
- अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित…
- अब्राहम मैस्लो के आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत (Hierarchy of Needs) के अंतर्गत 'कमी की आवश्यकताएं'…
- अब्रहम मैस्लो के आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत (Hierarchy of Needs) के अंतर्गत 'अभिप्रेरणा के प्रकार'…
- कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी शिक्षण सिद्धांत' (Humanistic Theory of Learning) के अंतर्गत…
- शिक्षण में 'अभिप्रेरणा' (Motivation) का कौन सा प्रकार सबसे प्रभावी माना जाता है?
- शिक्षण प्रक्रिया में 'अभिप्रेरणा' (Motivation) का प्रमुख स्रोत क्या है?
तुलना पढ़ें
संबंधित अवधारणाएँ
- एडवर्ड डेसी और रिचर्ड रेयान, Intrinsic Motivation and Self-Determination in Human Behavior (1985)
- NCERT, मनोविज्ञान की पाठ्यपुस्तकें