आंतरिक बनाम बाह्य अभिप्रेरणा: अंतर और तुलना
आंतरिक अभिप्रेरणा गतिविधि के स्वयं के आनंद और जिज्ञासा से आती है, जबकि बाह्य अभिप्रेरणा इनाम पाने या दंड से बचने जैसे बाहरी कारणों से। दोनों कक्षा में काम आती हैं, पर दीर्घकालिक सीखने में आंतरिक अधिक असरदार मानी जाती है।
आंतरिक अभिप्रेरणा और बाह्य अभिप्रेरणा में मुख्य अंतर
| आधार | आंतरिक अभिप्रेरणा | बाह्य अभिप्रेरणा |
|---|---|---|
| स्रोत | व्यक्ति के भीतर: रुचि, जिज्ञासा, संतुष्टि। | व्यक्ति के बाहर: इनाम, अंक, प्रशंसा, दंड का डर। |
| कार्य का कारण | कार्य स्वयं में आनंददायक लगता है। | कार्य किसी बाहरी परिणाम का साधन है। |
| स्थायित्व | अधिक टिकाऊ, इनाम हटने पर भी बनी रहती है। | इनाम हटने पर अक्सर घट जाती है। |
| सीखने की गुणवत्ता | गहरी समझ और रचनात्मकता से जुड़ी। | सतही याद और परीक्षा-केंद्रित अध्ययन की संभावना अधिक। |
| उदाहरण | बच्चा पुस्तक इसलिए पढ़ता है कि कहानी में मज़ा आता है। | बच्चा पुस्तक इसलिए पढ़ता है कि अच्छे अंक पर इनाम मिलेगा। |
| शिक्षक की भूमिका | विकल्प देना, चुनौती का सही स्तर रखना, रुचि जगाना। | प्रशंसा, तारे, प्रमाणपत्र और स्पष्ट नियम देना। |
| संबंधित सिद्धांत | डेसी और रेयान का आत्म-निर्धारण सिद्धांत। | व्यवहारवादी सिद्धांत, पुनर्बलन। |
संतुलन की ज़रूरत
शोधों में पाया गया है कि जिस काम में पहले से रुचि हो, उस पर बहुत ज़्यादा बाहरी इनाम देने से आंतरिक रुचि घट सकती है। इसलिए बाह्य प्रोत्साहन का उपयोग सोच-समझकर और शुरुआती सहारे के रूप में करना ठीक रहता है।
परीक्षा के लिए याद रखें
भीतर से रुचि और संतुष्टि हो तो आंतरिक, बाहर से इनाम या दंड हो तो बाह्य। परीक्षा में दोनों के उदाहरण पहचानने वाले प्रश्न आते हैं।
अभ्यास प्रश्न
- आंतरिक अभिप्रेरणा पर MCQ
- बाह्य अभिप्रेरणा पर MCQ
- अवधारणा: आंतरिक अभिप्रेरणा
- अवधारणा: बाह्य अभिप्रेरणा
संदर्भ
- एडवर्ड डेसी और रिचर्ड रेयान, Intrinsic Motivation and Self-Determination in Human Behavior (1985)
- NCERT, मनोविज्ञान की पाठ्यपुस्तकें