एरिक एरिक्सन
Asked 3 महीने पहले · Viewed 16 times
बाल विकास के 'मनोसामाजिक विकास सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory) के प्रप्रणेता एरिक एरिक्सन (Erik Erikson) के अनुसार, किशोरावस्था (Adolescence) की अवधि में मुख्य संघर्ष (Crisis) निम्नलिखित में से कौन सा होता है, जो व्यक्ति की पहचान के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
एरिक एरिक्सन के मनोसामाजिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, किशोरावस्था (लगभग 12 से 18 वर्ष) की अवस्था 'पहचान बनाम भूमिका भ्रांति' (Identity vs. Role Confusion) के संघर्ष से जुड़ी होती है। इस चरण में किशोर अपने मूल्यों, विश्वासों और भविष्य के लक्ष्यों को तलाशते हैं और अपनी एक स्वतंत्र पहचान बनाने का प्रयास करते हैं।
अगला प्रश्न →
विकास के मनोसामाजिक सिद्धांत (Psychosocial Development Theory) के प्रतिपादक…
← पिछला प्रश्न
बाल विकास और मनोविज्ञान के संदर्भ में, 'एरिक एरिक्सन' के…
Related Questions
→
एरिक एरिक्सन (Erik Erikson) के मनो-सामाजिक विकास के सिद्धांत (Psychosocial Development Theory) में व्यक्तित्व के विकास को जीवन भर की प्रक्रिया माना गया है। यदि कोई व्यक्तिशोध्य अवस्था (यौवनारंभ) से लेकर किशोरावस्था के दौरान अपने भीतर एक स्पष्ट आत्म-पहچان विकसित करने में असमर्थ रहता है और अपनी सामाजिक भूमिकाओं को लेकर भ्रमित रहता है, तो एरिक्सन के अनुसार वह मनो-सामाजिक संकट के किस विशिष्ट चरण का सामना कर रहा है और इसका परिणाम क्या हो सकता है?
→
एरिक्सन (Erik Erikson) के 'मनोसामाजिक विकास के सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory) के अंतर्गत किशोरावस्था से संबंधित अवस्था 'पहचान बनाम भूमिका संभ्रम' (Identity vs. Role Confusion) तथा प्रारंभिक वयस्कता से संबंधित अवस्था 'अंतरंगता बनाम अलगाव' (Intimacy vs. Isolation) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण व परामर्श प्रक्रियाओं में विद्यार्थियों के 'स्वयं की पहचान' (Self-Identity) के सुदृढ़ीकरण और सामाजिक समायोजन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
एरिक्सन (Erik Erikson) के 'मनोसामाजिक विकास के सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'पहचान बनाम भूमिका भ्रम' (Identity vs. Role Confusion) अवस्था के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं किशोरावस्था (Adolescence) के दौरान विद्यार्थियों में 'अहम् पहचान' (Ego Identity) के निर्माण, व्यावसायिक एवं वैचारिक अन्वेषण तथा समवयस्क समूह (Peer Group) के साथ घनिष्ठता के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
एरिक्सन (Erik Erikson) के 'मनोसामाजिक विकास के सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादितशोधात्मक अवस्था—'पहचान बनाम भूमिका भ्रम' (Identity vs. Role Confusion) तथा इसके पूर्ववर्ती चरण 'उद्योग बनाम हीनता' (Industry vs. Inferiority)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में किशोरावस्था के दौरान विद्यार्थियों के आत्म-संकल्प (Self-Concept), व्यावसायिक अन्वेषण, और सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
एरिक्सन (Erik Erikson) के 'मनोसामाजिक विकास के सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'पहचान बनाम भूमिका भ्रम' (Identity vs. Role Confusion)—जिसे उस मनोवैज्ञानिक संकट (Psychosocial Crisis) के रूप में परिभाषित किया जाता है जो सामान्यतः किशोरावस्था (Adolescence) के दौरान उत्पन्न होता है, जिसके अंतर्गत युवा व्यक्ति अपने स्व-अस्तित्व, मूल्यों, भविष्य के करियर, लैंगिक भूमिकाओं और सामाजिक अपेक्षाओं के बीच सामंजस्य बैठाते हुए एक सुसंगत और एकीकृत व्यक्तिगत पहचान (Identity) को स्थापित करने का प्रयास करता है, और इस प्रक्रिया में असफल रहने पर उसे अपनी भूमिकाओं को लेकर अस्पष्टता और भटकाव का सामना करना पड़ता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आत्म-खोज, वैचारिक परिपक्वता और सकारात्मक स्व-संकल्पना (Self-Concept) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, एरिक्सन (Erik Erikson) के मनोसामाजिक विकास के सिद्धांत की किस अवस्था में बालक 'उद्योग बनाम हीनता' (Industry vs. Inferiority) के द्वंद का सामना करता है और उसकी यह अवस्था सामान्यतः किस आयु वर्ग से संबंधित होती है?
→
एरिक एरिक्सन (Erik Erikson) के 'मनोसामाजिक विकास के सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'पहचान बनाम भूमिका भ्रम' (Identity vs. Role Confusion - किशोरावस्था, लगभग 12 से 18 वर्ष) की अवस्था के भीतर निहित 'मनोवैज्ञानिक मोरेटोरियम' (Psychosocial Moratorium) की अवधारणा—जिसके तहत किशोरावस्था के दौरान समाज युवाओं को अपने वयस्क दायित्वों और कैरियर की कठोर प्रतिबद्धताओं से एक अस्थायी छूट या 'छूट का समय' देता है ताकि वे विभिन्न भूमिकाओं, मूल्यों, विचारधाराओं और आत्म-छवियों का सुरक्षित रूप से प्रयोग और अन्वेषण (Exploration) कर सकें—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्वायत्तता विकास, आत्म-पहचान के निर्माण औरशोधात्मक अधिगम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.