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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में, प्राचीन काल का कौन सा महाजनपद वर्तमान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर जिलों के भू-भाग पर विस्तृत था, जिसकी राजधानी 'कुशीनगर' (या कुसिनारा) थी तथा जहाँ महात्मा बुद्ध को महापरिनिर्वाण प्राप्त हुआ था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
प्राचीन बौद्ध और जैन ग्रंथों के अनुसार छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 16 महाजनपदों में से 'मल महाजनपद' (Malla Mahajanapada) वर्तमान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, देवरिया, महाराजगंज और कुशीनगर जिलों के क्षेत्र में स्थित था। मल महाजनपद की दो राजधानियाँ थीं- कुशीनगर (जहाँ गौतम बुद्ध का महापरिनिर्वाण हुआ था) और पावा (जहाँ जैन तीर्थंकर महावीर स्वामी को निर्वाण प्राप्त हुआ था)। अतः सही विकल्प 'मल महाजनपद' (b) है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'क्रियाप्रसूत अनुबंध' (Operant Conditioning) के संदर्भ में, अमेरिकी मनोवैज्ञानिक बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) द्वारा प्रतिपादित सिद्धांत में 'पुनर्बलन अनुसूचियों' (Schedules of Reinforcement) के अंतर्गत, जब किसी अनुक्रिया के लिए पुनर्बलन एक निश्चित और अपरिवर्तनीय समयावधि (जैसे प्रत्येक 5 मिनट के बाद) के पश्चात प्रदान किया जाता है, तो इस विशिष्ट अनुसूची को क्या कहा जाता है और इसके कारण अनुक्रिया दर में किस प्रकार का पैटर्न देखा जाता है?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अंतर्गत 'दिव्यांग बच्चों की शिक्षा' एवं 'सक्षम भारत' की परिकल्पना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अनुसार, 'दिव्यांग बच्चों' (Children with Disabilities - CWD) के लिए स्कूली शिक्षा के अधिकार को 3 वर्ष से 18 वर्ष की आयु तक के सभी स्तरों पर गुणवत्तापूर्ण और सुलभ बनाने का विशेष प्रावधान किया गया है।
2. NEP 2020 में यह संस्तुति की गई है कि प्रत्येक विद्यालय में विशेष शिक्षकों की भारी कमी को दूर करने के लिए केवल गैर-आवासीय विशेष विद्यालयों को ही बढ़ावा दिया जाएगा और सामान्य विद्यालयों में विशेष बुनियादी ढांचे (Barrier-free Infrastructure) का निर्माण पूरी तरह से स्वैच्छिक होगा।
3. 'समग्र शिक्षा अभियान' (Samagra Shiksha Abhiyan) के अंतर्गत समावेशी शिक्षा के घटकों के तहत दिव्यांग बच्चों को निःशुल्क सहायक उपकरण (Assistive Devices), पाठ्यपुस्तकें और स्टाइपेन्ड (Stipend) जैसी वित्तीय एवं शैक्षणिक सहायता प्रदान की जाती है ताकि उनके ठहराव (Retention) को सुनिश्चित किया जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, पियाजे और वाइगोत्स्की के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांतों के व्यावहारिक अनुप्रयोग के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जीन पियाजे का संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत बाल-केन्द्रित शिक्षा और खोजपूर्ण अधिगम (Discovery Learning) पर बल देता है, जिसके अनुसार विशेष आवश्यकता वाले बालकों को उनकी विकासात्मक अवस्था के अनुरूप स्व-निर्देशित अधिगम के अवसर मिलने चाहिए।
2. लेव वाइगोत्स्की का सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (ZPD) और 'मचान' (Scaffolding) की अवधारणा पर आधारित है, जो यह स्पष्ट करता है कि समावेशी कक्षा में दिव्यांग या मंदबुद्धि बालकों को सक्षम सहयोगियों द्वारा दी जाने वाली मध्यस्थ सहायता से उनकी सीखने की क्षमता का विस्तार किया जा सकता है।
3. पियाजे के अनुसार भाषा विचार का पूर्ण निर्धारण करती है, जबकि वाइगोत्स्की यह मानते थे कि भाषा और विचार का विकास जन्म से लेकर किशोरावस्था तक पूरी तरह स्वतंत्र रूप से होता है और इनका आपस में कोई संबंध नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और वेदों के अध्ययन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राचीन गुरुकुल प्रणाली में शिक्षा का आरंभ 'उपनयन संस्कार' (नयन संस्कार) के साथ होता था, जो सामान्यतः 8 से 12 वर्ष की आयु के बीच संपन्न कराया जाता था, और इसके पश्चात छात्र को 'द्विज' की संज्ञा दी जाती थी।
2. वैदिक काल में उच्च शिक्षा पूरी होने के बाद छात्रों के समावर्तन संस्कार का विधान था, जिसके बाद वे 'स्नातक' कहलाते थे और गृहस्थ आश्रम में प्रवेश करने के लिए अपने घर लौटते थे।
3. प्राचीन काल में उत्तर प्रदेश के नैमिषारण्य को वेदों और पुराणों के अध्ययन का प्रमुख केंद्र माना जाता था, जहाँ महर्षि दधीचि और अन्य ऋषियों ने वेदों के संकलन एवं अध्यापन कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-आकृतिक स्वरूप के संदर्भ में, राज्य का कौन सा भौतिक प्रदेश प्राचीनतम 'गोंडवाना लैंड' (Gondwana Land) का भू-भाग माना जाता है, जहाँ कैमूर और सोनभद्र की पहाड़ियों के साथ-साथ विंध्यन क्रम की चट्टानें पाई जाती हैं?
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