त्वरित लिंक्स
UPTET
1 views
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, 'कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत' की किस अवस्था में व्यक्ति यह मानता है कि नियमों और कानूनों का पालन करना समाज में व्यवस्था बनाए रखने और सामाजिक अनुबंध (Social Contract) के प्रति अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए आवश्यक है, भले ही वे नियम व्यक्तिगत हित के विरुद्ध क्यों न हों?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के पारंपरिक स्तर (Conventional Level) के अंतर्गत चौथे चरण को 'सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का अभिविन्यास' (Social Order Maintaining Orientation) कहा जाता है। इस अवस्था में व्यक्ति कानून और व्यवस्था के प्रति सम्मान प्रदर्शित करता है, क्योंकि वह समझता है कि यदि नियमों का पालन न किया जाए तो समाज में अराजकता फैल सकती है। व्यक्ति का मुख्य फोकस समाज के नियमों को बनाए रखने और अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से पालन करने पर होता है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप और प्रशासनिक संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 2,40,928 वर्ग किलोमीटर है, जो भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 7.33 प्रतिशत है और क्षेत्रफल की दृष्टि से यह देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है।
2. उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था के अंतर्गत राज्य में कुल 18 मंडल (Divisions) और 75 जिले हैं, तथा इसमें नवीनतम गठित मंडल 'अलीगढ़' है जिसकी स्थापना वर्ष 2008 में की गई थी।
3. उत्तर प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा केवल एक देश 'नेपाल' के साथ लगभग 579 किलोमीटर की लंबाई तक साझा होती है, जो राज्य के महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत जिलों को स्पर्श करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के चरण' (विशेष रूप से उत्तर-रूढ़िगत स्तर / Post-conventional Level के सामाजिक अनुबंध और सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), 'इंसुला' (Insula), और 'एंटिरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (ACC) के बीच संवेगात्मक समानुभूति (Empirical Empathy), सामाजिक न्याय मूल्यांकन, और संज्ञानात्मक दुविधा समाधान की सक्रियण गतिकी, तथा कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) के 'देखभाल की नैतिकता' (Ethics of Care) के दृष्टिकोण के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मॉरल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Moral Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में नैतिक तार्किकता (Moral Reasoning), न्यायपरायणता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Development) के संदर्भ में, रूसी मनोवैज्ञानिक लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित इस सिद्धांत के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) की अवधारणा तथा इसके साथ प्रयुक्त 'मचान या पाड़' (Scaffolding) तकनीक के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा वैज्ञानिक कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक ई. एल. थॉर्नडाइक (E. L. Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के अनुसार, यदि किसी एक परिस्थिति में सीखा गया ज्ञान या कौशल दूसरी परिस्थिति में सीखने में पूरी तरह से बाधक बनता है और नकारात्मक प्रभाव डालता है, तो थॉर्नडाइक के इस सिद्धांत और आधुनिक संज्ञानात्मक परिप्रेक्ष्य के तहत इस प्रक्रिया की सबसे सटीक वैज्ञानिक व्याख्या निम्नलिखित में से कौन सी होगी?
→
हिंदी भाषा शिक्षण और अधिगम प्रक्रिया में 'उपचारात्मक शिक्षण' (Remedial Teaching) का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की अधिगम संबंधी कठिनाइयों और त्रुटियों को दूर करना है। इस संदर्भ में, उपचारात्मक शिक्षण की प्रक्रिया का सबसे पहला और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक चरण निम्नलिखित में से कौन सा माना जाता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.