नैतिक एवं चारित्रिक विकास
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. कोहलवर्ग के सिद्धांत की 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Level) की अंतिम अवस्था में व्यक्ति अपने व्यक्तिगत नैतिक सिद्धांतों और सार्वभौमिक न्याय के ऐसे अंतःकरण पर आधारित होता है, जो समाज के स्थापित कानूनों से भी ऊपर हो सकते हैं (जैसे- महात्मा गांधी या मार्टिन लूथर किंग जूनियर का दृष्टिकोण)।
- 2. इस सिद्धांत की आलोचना करते हुए प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) ने तर्क दिया कि कोहलवर्ग का यह मॉडल मुख्य रूप से पुरुषों के नैतिक विकास पर आधारित है और यह महिलाओं में पाए जाने वाले 'देखभाल और संबंधों की नैतिकता' (Morality of Care) की उपेक्षा करता है।
- 3. कोहलवर्ग के अनुसार, नैतिक विकास की सभी अवस्थाएँ सार्वभौमिक और परिवर्तनशील होती हैं, जिन्हें संस्कृति और पर्यावरण के प्रभाव से आसानी से बदला या उलट-पलट (Reversed) जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि लॉरेंस कोहलवर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Level) की छठी और अंतिम अवस्था 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःकरण अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) से संबंधित है, जहाँ व्यक्ति सामाजिक कानूनों से ऊपर उठकर अपने अंतःकरण और मानव अधिकारों के सार्वभौमिक सिद्धांतों के आधार पर निर्णय लेता है। कथन 2 सही है क्योंकि कैरल गिलिगन (जो कोहलवर्ग की शिष्या थीं) ने उनके सिद्धांत की यह कहकर आलोचना की थी कि उनके शोध के नमूने में केवल पुरुषों को शामिल किया गया था, जिससे यह मॉडल न्याय (Justice) पर अधिक और देखभाल व संबंधों की नैतिकता (Care and Relationships) पर कम ध्यान देता है। कथन 3 गलत है क्योंकि कोहलवर्ग के अनुसार नैतिक विकास की अवस्थाएँ सार्वभौमिक और एक निश्चित क्रम (Invariant Sequence) में होती हैं, वे परिवर्तनशील या उलटने योग्य (Reversible) नहीं होती हैं।
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) की विभिन्न अवस्थाओं और उनके चरणों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता स्तर (Post-conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले सामाजिक अनुबंधन और व्यक्तिगत अधिकार चरण (Stage 5) में व्यक्ति यह मानता है कि नियम समाज की भलाई के लिए बनाए गए हैं, और यदि कोई नियम मानवाधिकारों या समाज के कल्याण के विरुद्ध हो, तो उसे बदला जा सकता है।
2. रूढ़िगत नैतिकता स्तर (Conventional Morality) के अंतर्गत 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' अभिविन्यास (Stage 3) में बालक का मुख्य उद्देश्य दूसरों द्वारा अनुमोदित होना, प्रशंसा प्राप्त करना और सामाजिक मानदंडों के अनुरूप व्यवहार करना होता है।
3. पूर्व-रूढ़िगत नैतिकता स्तर (Pre-conventional Morality) के पहले चरण यानी 'दण्ड एवं आज्ञापालन अभिविन्यास' (Stage 1) में बालक का नैतिक निर्णय इस बात पर आधारित होता है कि कार्य करने से उसे पुरस्कार मिलेगा या शारीरिक दंड, तथा अधिकार या सत्ता रखने वाले व्यक्ति के भय से वह नियमों का पालन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) की विभिन्न अवस्थाओं और चरणों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोहलबर्ग के सिद्धांत के 'पूर्व-पारंपरिक नैतिकता' (Pre-conventional Morality) स्तर के अंतर्गत आने वाले दूसरे चरण (व्यक्तिगत पुरस्कार और आत्म-रुचि उन्मुखीकरण) में बालक का नैतिक निर्णय इस बात पर आधारित होता है कि किस कार्य से उसकी अपनी आवश्यकताएं पूरी होती हैं और उसे क्या प्रत्यक्ष लाभ या पुरस्कार मिलता है।
2. 'पारंपरिक नैतिकता' (Conventional Morality) स्तर के चौथे चरण (कानून और व्यवस्था उन्मुखीकरण) में व्यक्ति का नैतिक दृष्टिकोण समाज के नियमों, अधिकारों और सामाजिक अनुबंध के लचीलेपन पर आधारित होता है, जहाँ वह मानता है कि यदि कोई कानून समाज के हितों के अनुकूल न हो तो उसे बदला जा सकता है।
3. 'उत्तर-पारंपरिक नैतिकता' (Post-conventional Morality) स्तर के छठे चरण (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत उन्मुखीकरण) में व्यक्ति अपने व्यक्तिगत विवेक के आधार पर न्याय, मानवाधिकार और समानता के सार्वभौमिक सिद्धांतों का पालन करता है, भले ही वे सामाजिक कानूनों या समझौतों के विरुद्ध क्यों न हों।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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शिक्षा मनोविज्ञान और बाल विकास के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत की किस अवस्था में व्यक्ति 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) को मान्यता देता है तथा यह मानता है कि नियम लचीले होते हैं और समाज के कल्याण के लिए बदले जा सकते हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत की किस अवस्था में व्यक्ति 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) के दृष्टिकोण से नैतिकता को समझता है, जहाँ कानून को सामाजिक कल्याण के लिए बदला जा सकने वाला एक लचीला समझौता माना जाता है?
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