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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की अवस्थाओं और लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के प्रमुख संप्रत्ययों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पियाजे के अनुसार 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage, लगभग 2 से 7 वर्ष) में बालक में 'संरक्षण' (Conservation) का गुण पूरी तरह विकसित हो जाता है, जिससे वह समझ जाता है कि किसी वस्तु के आकार या रूप बदलने पर उसकी मात्रा या द्रव्यमान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। 2. वाइगोत्स्की के सिद्धांत में 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) वास्तविक विकास स्तर (स्वयं द्वारा समस्याओं को हल करने की क्षमता) और संभावित विकास स्तर (वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य व्यक्ति के मार्गदर्शन में हल करने की क्षमता) के बीच के अंतर को दर्शाता है। 3. वाइगोत्स्की ने संज्ञानात्मक विकास में भाषा की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण माना है, और उनके अनुसार बालकों द्वारा अपने ही कार्यों को निर्देशित करने के लिए किया जाने वाला 'निजी भाषण' (Private Speech) आगे चलकर आंतरिक विचार (Inner Speech) में परिवर्तित हो जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि जीन पियाजे के अनुसार 'संरक्षण' (Conservation) का गुण पूर्व संक्रियात्मक अवस्था में नहीं बल्कि 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage, 7-11 वर्ष) के दौरान विकसित होता है; पूर्व संक्रियात्मक अवस्था में बच्चे 'केंद्रीयकरण' (Centration) और 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility) जैसी सीमाओं से ग्रसित होते हैं। कथन 2 सत्य है, क्योंकि ZPD वास्तविक विकास और संभावित विकास के बीच के अंतर को स्पष्ट करता है, जहाँ एम.के.ओ. (MKO) की सहायता की आवश्यकता होती है। कथन 3 सत्य है, क्योंकि वाइगोत्स्की के अनुसार निजी भाषण (Private Speech) बच्चों के स्वनियमन (Self-regulation) में मदद करता है और अंततः आंतरिक भाषा का रूप ले लेता है। अतः सही विकल्प (b) 'केवल 2 और 3' है।
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत, पारिस्थितिकी अनुक्रमण (Ecological Succession) की प्रक्रिया में 'चरम समुदाय' (Climax Community) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह किसी पारिस्थितिक तंत्र में अनुक्रमण का अंतिम और सर्वाधिक स्थिर चरण होता है, जो पर्यावरण के साथ पूर्ण संतुलन में रहता है। 2. चरम समुदाय में प्रजातियों की विविधता कम होती है और बायोमास (Biomass) अस्थिर होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता' (Creativity) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड और ई. टोरेंस द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: तरलता, मौलिकता, लचीलापन और विस्तार) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN: कल्पना और आंतरिक मानसिक सिमुलेशन), 'कार्यकारी नियंत्रण नेटवर्क' (Executive Control Network - ECN: विचारों के मूल्यांकन और चयनात्मक ध्यान) और 'सेलिएंस नेटवर्क' (Salience Network - SN: नेटवर्क के बीच स्विचिंग) के बीच गतिशील अंतःक्रिया, तंत्रिका सह-सक्रियण (Neural Co-activation), और संज्ञानात्मक लचीलेपन की सक्रियण गतिकी, तथा ग्राहम वालेस के 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरण' (Preparation, Incubation, Illumination, Verification) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में मौलिक समस्या-समाधान, बहु-आयामी कल्पना शक्ति व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत दी गई सूचियों (संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची) और उत्तर प्रदेश के विशेष संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान की सातवीं अनुसूची की 'समवर्ती सूची' (Concurrent List) के अंतर्गत आने वाले विषयों (जैसे शिक्षा, वन, आर्थिक और सामाजिक योजनाएँ) पर केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं, परंतु यदि दोनों के कानूनों में टकराव हो, तो संसद द्वारा बनाया गया कानून ही मान्य होता है, सिવાય इसके कि राज्य के कानून को संविधान के अनुच्छेद 254(2) के तहत राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति प्राप्त हो।
2. उत्तर प्रदेश में पंचायती राज व्यवस्था और स्थानीय स्वशासन का विषय संविधान की 'राज्य सूची' (List II) के अंतर्गत आता है, जिसके कारण उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत अधिनियम, 1961 (संशोधित) के तहत राज्य सरकार को इन निकायों के गठन और नियंत्रण का पूर्ण अधिकार प्राप्त है।
3. उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा संचालित 'राज्य मानवाधिकार आयोग' का गठन मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 21 के तहत किया गया है, जो कि केवल 'राज्य सूची' और 'समवर्ती सूची' में प्रगणित विषयों से संबंधित मानवाधिकारों के उल्लंघनों की ही जाँच कर सकता है, संघ सूची के विषयों पर इसे कोई अधिकार क्षेत्र प्राप्त नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, नदियों और उनके उद्गम स्थलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'यमुना नदी' उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के पास 'कालिंद्री' नामक स्थान (वास्तव में यमुनोत्री ग्लेशियर) से राज्य में प्रवेश करती है, तथा यह राज्य के कई जिलों से बहते हुए प्रयागराज में गंगा नदी से मिल जाती है।
2. 'शारदा नदी' (जिसे महाकाली भी कहा जाता है) का उद्गम उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में मिलाम ग्लेशियर से होता है, और यह उत्तर प्रदेश में पीलीभीत जिले के पास प्रवेश करती है।
3. 'गंडक नदी' का उद्गम नेपाल हिमालय से होता है, तथा यह उत्तर प्रदेश के महराजगंज और कुशीनगर जिलों की सीमा के पास प्रवाहित होते हुए आगे चलकर बिहार के सोनपुर में गंगा नदी में मिल जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता और अपसारी चिंतन' (Creativity and Divergent Thinking) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉय पॉल गुइफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन के घटकों' (धारावाहिक प्रवाह, लचीलापन, मौलिकता और विस्तार) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), 'कार्यकारी नियंत्रण नेटवर्क' (Executive Control Network - ECN) और 'पालि संवेदी क्षेत्र' (Salience Network) के बीच विचारों के सहज उत्पादन, संज्ञानात्मक लचीलेपन और वैकल्पिक समस्या-समाधान की सक्रियण गतिकी, तथा एलिस पॉल टॉरेंस (E.P. Torrance) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक चिंतन के परीक्षण' (Torrance Tests of Creative Thinking) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मुक्त-अंत प्रश्न आधारित शिक्षाशास्त्र (Open-Ended Pedagogy) और विद्यार्थियों में कल्पनाशीलता, मौलिक विचारों के सृजन व समग्र समस्या-समाधान दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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