लेव वाइगोत्स्की
Asked 3 महीने पहले · Viewed 1,755 times
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-cultural Theory) और संज्ञानात्मक विकास की अवधारणा के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वायगोत्स्की के अनुसार बालक का संज्ञानात्मक विकास किसी सामाजिक या सांस्कृतिक संदर्भ से स्वतंत्र रूप से एकांत में होने वाली प्रक्रिया है, जिसमें भाषा केवल एक गौण उपकरण है जो विचार को प्रभावित नहीं करती है।
- 2. 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) उस अंतर को दर्शाता है जो बच्चे के स्वतंत्र रूप से किसी समस्या को हल करने के स्तर और किसी वयस्क या अधिक सक्षम साथी (More Knowledgeable Other - MKO) के मार्गदर्शन में समस्या हल करने के स्तर के बीच होता है।
- 3. 'चान्स्कैफल्डिंग' (Scaffolding) या मचान/पाड़ उस अस्थायी सहयोग या समर्थन को कहते हैं जो सीखने की प्रक्रिया के दौरान शुरुआती चरणों में दिया जाता है और जैसे-जैसे बच्चे की दक्षता बढ़ती जाती है, उस समर्थन को धीरे-धीरे कम कर दिया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि लेव वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार बालक का संज्ञानात्मक विकास सामाजिक अंतःक्रिया (Social Interaction), संस्कृति और भाषा के माध्यम से होता है। वायगोत्स्की मानते थे कि भाषा संज्ञानात्मक विकास में सबसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक उपकरण है, जो पहले सामाजिक भाषण के रूप में और बाद में आंतरिक भाषण के रूप में विचार को आकार देती है। कथन 2 सत्य है; ZPD वास्तविक विकास स्तर और संभावित विकास स्तर के बीच का वह क्षेत्र है जहाँ बच्चा उचित मार्गदर्शन के साथ सीख सकता है। कथन 3 सत्य है; 'स्कैफल्डिंग' (Scaffolding) का अर्थ जेरोम ब्रूनर और वायगोत्स्की के संदर्भ में उस अस्थायी समर्थन से है जो सीखने वाले को जटिल कार्यों को पूरा करने के लिए दिया जाता है।
अगला प्रश्न →
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) के…
← पिछला प्रश्न
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में लेव वायगोत्स्की…
Related Questions
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्त्वना या मचान निर्माण' (Scaffolding) की अवधारणाओं का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षिका किसी जटिल गणितीय समस्या को हल करते समय शिक्षार्थियों को प्रारंभिक संकेत, आंशिक समाधान और तार्किक मार्गदर्शन प्रदान करती है, किंतु जैसे-जैसे शिक्षार्थी उस कार्य में निपुण होते जाते हैं, वह अपनी सहायता को धीरे-धीरे कम कर देती है; तो वाइगोत्स्की के इस संवादात्मक और संज्ञानात्मक विकास के प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, जब एक अधिगमकर्ता किसी अधिक ज्ञاني अन्य (MKO) के मार्गदर्शन में 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (ZPD) के भीतर कार्य करते हुए अपनी वास्तविक विकास क्षमता और संभावित विकास क्षमता के बीच की दूरी को पाटता है, तो इस पूरी संज्ञानात्मक और सांस्कृतिक मध्यस्थता की प्रक्रिया में 'स्केफोल्डिंग' (Scaffolding) और 'सांस्कृतिक उपकरणों' (Cultural Tools/Signs) के अंतर्संबंध का निम्नलिखित में से कौन-सा तात्विक विश्लेषण सर्वाधिक सटीक है?
→
'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास का सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्त्वन पाटन या मचान निर्माण' (Scaffolding) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC), और 'भाषा नेटवर्क' (Broca's & Wernicke's Areas) के बीच सामाजिक मध्यस्थता (Social Mediation), संज्ञानात्मक नियंत्रण, और अंतःविषयी सिंक्रनाइज़ेशन की सक्रियण गतिकी, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'स्कैफोल्डिंग अवधारणा' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-सोशियोकॉग्निटिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Sociocognitive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सहयोगात्मक समस्या-समाधान, विनियमित संज्ञान (Regulated Cognition) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्फल्डिंग' या 'मचान' (Scaffolding) की अवधारणाओं के बीच के गतिक और कार्यात्मक संबंध को निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Development) और उससे जुड़ी प्रमुख अवधारणाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वाइगोत्स्की के अनुसार बालक का संज्ञानात्मक विकास मुख्य रूप से एकाकी खोज (Solo discovery) और जैविक परिपक्वता का परिणाम नहीं है, बल्कि यह सामाजिक अंतःक्रिया (Social interaction), संस्कृति (Culture) और भाषा (Language) के सह-प्रभाव से होता है।
2. 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) वास्तविक विकास स्तर (independent problem-solving) और संभावित विकास स्तर (adult-guided problem-solving) के बीच का अंतर है।
3. 'चान्स स्केफोल्डिंग' (Scaffolding) उस स्थायी शारीरिक और मानसिक संरचना को कहा जाता है जो आनुवंशिक रूप से माता-पिता से बच्चों में स्थानांतरित होती है और इसे जीवन भर बदला नहीं जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) और उनके द्वारा दिए गए 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) तथा 'मचान या पाड़' (Scaffolding) की अवधारणाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ZPD (Zone of Proximal Development) वास्तविक विकास स्तर (जो बच्चा बिना किसी सहायता के अकेले कर सकता है) और संभावित विकास स्तर (जो बच्चा किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य व्यक्ति की मदद से कर सकता है) के बीच का अंतर या क्षेत्र होता है।
2. 'मचान' (Scaffolding) से तात्पर्य उस अस्थायी सहायता या मार्गदर्शन से है जो किसी कुशल व्यक्ति द्वारा बच्चे को सीखने के दौरान दी जाती है, और जैसे-जैसे बच्चा स्वतंत्र रूप से कार्य करना सीख जाता है, इस सहायता को धीरे-धीरे कम या समाप्त कर दिया जाता है।
3. वायगोत्स्की के अनुसार बच्चों में भाषा का विकास मुख्य रूप से उनके अपने व्यक्तिगत विचारों को निर्देशित करने के लिए पहले 'सामाजिक भाषण' के रूप में होता है, जो बाद में 'अन्तर्वाक्' (Inner Speech) में परिवर्तित हो जाता है, और यह संज्ञानात्मक विकास को संचालित करने में केंद्रीय भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वाइगोत्स्की के अनुसार बालक के संज्ञानात्मक विकास में संस्कृति, भाषा और सामाजिक अंतःक्रिया (Social Interaction) सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और उनका यह मानना था कि भाषा पहले 'सामाजिक भाषण' (Social Speech) के रूप में और बाद में आंतरिक विचारों (Inner Speech) के रूप में विकसित होती है।
2. 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) उस वास्तविक विकास स्तर और संभावित विकास स्तर के बीच का अंतर है, जिसे बालक स्वतंत्र रूप से प्राप्त कर सकता है और जो किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य (More Knowledgeable Other - MKO) के मार्गदर्शन में हासिल किया जा सकता है।
3. 'मचान' या 'पाड़' (Scaffolding) वाइगोत्स्की द्वारा दिया गया एक ऐसा स्थायी मानसिक ढांचा है जिसके तहत शिक्षक या वयस्क द्वारा दी जाने वाली सहायता आजीवन बनी रहती है, भले ही बालक कठिन कार्यों को स्वतंत्र रूप से करना क्यों न सीख जाए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-cultural Theory of Development) और संज्ञानात्मक विकास की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वाइगोत्स्की के अनुसार बालक का संज्ञानात्मक विकास मुख्य रूप से जैविक परिपक्वता और स्वतंत्र अन्वेषण का परिणाम नहीं है, बल्कि यह सामाजिक अंतःक्रिया (Social Interaction), संस्कृति (Culture) और भाषा (Language) के आपसी तालमेल से होता है।
2. 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) उस वास्तविक विकास स्तर और संभावित विकास स्तर के बीच का अंतर है, जिसे बालक किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य (More Knowledgeable Other - MKO) के निर्देशन या सहयोग से प्राप्त कर सकता है।
3. 'मचान' या 'पाड़' (Scaffolding) उस स्थायी और अपरिवर्तनीय जैविक समर्थन को कहा जाता है जो आनुवंशिक रूप से माता-पिता द्वारा बच्चों को उनकी किशोरावस्था के दौरान प्रदान किया जाता है ताकि वे स्वतंत्र रूप से जटिल समस्याओं को हल कर सकें।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.