पर्यावरण अध्ययन (EVS) शिक्षण
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प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण-अधिगम में 'मानचित्र कौशल' (Mapping Skills) के विकास के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. प्राथमिक कक्षाओं में मानचित्र पठन और अंकन सिखाने का मुख्य उद्देश्य बच्चों में दिशाओं का सापेक्षिक ज्ञान, स्थानों की स्थिति का अनुमान और प्रतीकों (Symbols) को समझने की तार्किक क्षमता का विकास करना है, न कि उन्हें पेशेवर कार्टोग्राफर बनाना।
- 2. पर्यावरण अध्ययन के पाठ्यक्रम में मानचित्र का प्रयोग केवल उच्च प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं के भूगोल विषय के लिए आरक्षित होना चाहिए, क्योंकि प्राथमिक स्तर के बच्चे अमूर्त संकेतों और पैमाना (Scale) आधारित गणनाओं को समझने में पूरी तरह अक्षम होते हैं।
- 3. प्राथमिक स्तर पर बच्चों को उनके घर से विद्यालय तक के मार्ग का रेखाचित्र (Sketch) बनाने के लिए प्रोत्साहित करना उनकी स्थानिक समझ (Spatial Understanding) और अवलोकन कौशल को मजबूत करने की एक अत्यंत प्रभावी शिक्षण रणनीति है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन में मानचित्र कौशल का उद्देश्य बच्चों में दिशाओं की समझ, स्थानिक संबंध (Spatial Relationships) और प्रतीकों के प्रयोग की बुनियादी क्षमता विकसित करना है। कथन 2 गलत है क्योंकि NCF-2005 और प्राथमिक EVS पाठ्यक्रम के अनुसार, मानचित्र कौशल प्राथमिक स्तर की ईवीएस का एक अभिन्न अंग है और इसे बच्चों की आयु के अनुकूल सरल रूप में शामिल किया जाता है। कथन 3 सही है क्योंकि बच्चों को अपने घर या आसपास के क्षेत्रों का स्केच बनाने के अवसर देने से उनकी स्थानिक समझ और मानसिक मानचित्रण (Mental Mapping) की क्षमता का विकास होता है। अतः सही विकल्प (c) है।
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प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण-अधिगम में 'क्षेत्र भ्रमण'…
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NCF 2005 सिफारिश करता है कि :
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) तथा निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों में 'ज्ञान को स्कूल के बाहरी जीवन से जोड़ने', 'रटन प्रणाली से मुक्ति दिलाने' तथा 'कक्षा-कक्ष को लोकतांत्रिक एवं लचीला बनाने' के दार्शनिक आधारों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय बाल-केंद्रित शिक्षाशास्त्र (Child-centric Pedagogy) को लागू करते हुए योगात्मक परीक्षा (Summative Assessment) के स्थान पर सतत और व्यापक मूल्यांकन (CCE) को अपनाता है तथा बच्चों की स्थानीय संस्कृति, मातृभाषा और उनकी अनुभवात्मक समझ को पाठ्यक्रम का मुख्य आधार बनाता है, तो इन दोनों नीतिगत एवं वैधानिक दस्तावेजों के अंतर्निहित दृष्टिकोण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 (NCF 2005) के अनुसार प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन का मुख्य उद्देश्य क्या होना चाहिए?
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मार्गदर्शक सिद्धांतों और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धाराओं के अंतर्संबंधों का सूक्ष्म शैक्षणिक एवं विधिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा प्रावधान NCF 2005 के इस मूल विचार—'ज्ञान को स्कूल के बाहरी जीवन से जोड़ना'—को RTE Act 2009 की किस विधिक धारा या बाध्यता के साथ सर्वाधिक प्रत्यक्ष रूप से संरेखित करता है?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में 'प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन के पाठ्यक्रम' को कितने प्रमुख 'थीम्स' (Themes) या विषयों के अंतर्गत विभाजित किया गया है, और निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प उन मुख्य थीम्स में शामिल है?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण-अधिगम में 'प्राथमिक स्तर पर एकीकृत पर्यावरण अध्ययन' (Integrated EVS) के उपागम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF) 2005 के अनुसार, प्राथमिक स्तर (कक्षा 3 से 5) पर पर्यावरण अध्ययन को विज्ञान, सामाजिक अध्ययन और पर्यावरण शिक्षा के पृथक् विषयों के रूप में न पढ़ाकर एक 'एकीकृत' (Integrated) विषय के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
2. इस एकीकृत दृष्टिकोण का मुख्य उद्देश्य यह है कि शिक्षार्थी अपने परिवेश को एक समग्र (Holistic) रूप में देखे, न कि खंडित टुकड़ों में, जिससे वह प्राकृतिक और सामाजिक सांस्कृतिक वातावरण के बीच अंतःसंबंधों को आसानी से समझ सके।
3. प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन के पाठ्यक्रम को कुल 8 (आठ) प्रमुख 'थीम्स' (Themes) में विभाजित किया गया है, जिसमें 'परिवार और मित्र' (Family and Friends) मुख्य थीम के अंतर्गत 'पौधे और पशु' इसके उप-थीम (Sub-themes) के रूप में शामिल हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण तथा जैव-रासायनिक चक्रों (Biogeochemical Cycles) के संदर्भ में 'नाइट्रोजन चक्र' (Nitrogen Cycle) और इसकी विभिन्न जैविक प्रक्रियाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायुमंडलीय नाइट्रोजन (N2) को पौधों द्वारा सीधे सीधे रूप में ग्रहण नहीं किया जा सकता है, इसलिए 'नाइट्रोजन स्थिरीकरण' (Nitrogen Fixation) प्रक्रिया के तहत कुछ विशिष्ट सूक्ष्मजीव जैसे राइजोबियम (Rhizobium), एजोटोबैक्टर (Azotobacter) और नीले-हरे शैवाल (Cyanobacteria) इसे अमोनिया या नाइट्रेट यौगिकों में बदलते हैं।
2. 'नाइट्रीकरण' (Nitrification) वह प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत मृदा में मौजूद अमोनिया को पहले नाइट्रोसोमोनास (Nitrosomonas) बैक्टीरिया द्वारा नाइट्राइट में और फिर नाइट्रोबैक्टर (Nitrobacter) बैक्टीरिया द्वारा नाइट्रेट में परिवर्तित किया जाता है, जिसे पौधे आसानी से अवशोषित कर लेते हैं।
3. 'डिट्रीफिकेशन' (Denitrification) या विनाइट्रीकरण प्रक्रिया के दौरान स्यूडोमोनास (Pseudomonas) जैसे विनाइट्रीकारी बैक्टीरिया मृदा में उपस्थित नाइट्रेट्स को वापस गैसीय नाइट्रोजन (N2) में बदलकर वायुमंडल में मुक्त कर देते हैं, जिससे नाइट्रोजन का वैश्विक संतुलन बना रहता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण शास्त्र और पाठ्यचर्या के संदर्भ में, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन को एक एकीकृत (Integrated) विषय के रूप में पढ़ाने का मुख्य शैक्षिक उद्देश्य निम्नलिखित में से किस दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है?
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