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जीन पियाजे
Asked 3 महीने पहले · Viewed 2,208 times
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage: लगभग 7 से 11 वर्ष) की निम्नलिखित प्रमुख विशेषताओं पर विचार कीजिए:

  1. 1. इस अवस्था में बालक वस्तुओं के वर्गीकरण (Classification) और उनके क्रमबद्ध करने (Seriation) की क्षमता प्राप्त कर लेता है, तथा वह संख्याओं और मात्राओं के 'संरक्षण' (Conservation) के सिद्धांत को भली-भांति समझने लगता है।
  2. 2. बालक में अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking), काल्पनिक परिकल्पनाओं (Hypothetical-deductive reasoning) और तार्किक रूप से बिना ठोस वस्तुओं की सहायता के जटिल समस्याओं को हल करने की पूर्ण क्षमता इसी अवस्था में विकसित हो जाती है।
  3. 3. इस चरण के दौरान बालक 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) का गुण सीख जाता है, जिसके कारण वह किसी वस्तु या समस्या को केवल एक ही पहलू या आयाम से देखने के बजाय उसके विभिन्न पक्षों को एक साथ ध्यान में रख सकता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?

Detailed Explanation

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage, 7-11 वर्ष) में बच्चे संरक्षण (Conservation), वर्गीकरण (Classification), और विकेंद्रीकरण (Decentration) की क्षमता विकसित कर लेते हैं। कथन 1 और 3 सही हैं। हालांकि, अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking) और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetical-deductive reasoning) का विकास इस अवस्था में नहीं, बल्कि इसके बाद की 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage, 11 वर्ष से आगे) में होता है। अतः कथन 2 गलत है।
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→ जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'विकेंद्रण या डीसेंट्रेशन' (Decentration)—जिसे उस उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक किसी वस्तु या परिस्थिति के केवल एक ही पहलू, आयाम या विशेषता पर अपना ध्यान केंद्रित करने (केंद्रण/Centration) के बजाय उसके एकाधिक पहलुओं या आयामों को एक साथ देखने, समझने और मानसिक रूप से समन्वित करने में सक्षम हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बहुआयामी दृष्टिकोण, तार्किक संरक्षण (Conservation) और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में प्रवेश करने वाले किशोरों में विकसित होने वाली 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thought) की क्षमताओं का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की तात्विक एवं संज्ञानात्मक विशेषताओं को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है? → पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था में बालक 'संरक्षण' (Conservation) की अवधारणा समझ जाता है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' की आयु अवधि क्या है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (Pre-operational Stage) में बच्चों के भीतर 'संरक्षण' (Conservation) का गुण पूरी तरह से विकसित हो जाता है, जिससे वे यह समझ जाते हैं कि किसी वस्तु के आकार या रूप में परिवर्तन करने से उसकी मात्रा या आयतन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। 2. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage) के दौरान बालकों में 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की क्षमता आ जाती है, जिससे वे किसी वस्तु या समस्या को केवल एक ही आयाम के बजाय एक साथ कई दृष्टियों से देखने में सक्षम होते हैं। 3. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage) लगभग 11-12 वर्ष की आयु से प्रारंभ होती है, जिसमें बालक अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking) और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetico-Deductive Reasoning) करने की योग्यता अर्जित कर लेते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) की सबसे सटीक पहचान करती है? → जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage: लगभग 11 वर्ष से वयस्कता तक) की निम्नलिखित प्रमुख विशेषताओं पर विचार कीजिए: 1. इस अवस्था में बालकों में 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) की क्षमता पूरी तरह विकसित हो जाती है, जिससे वे बिना किसी दृश्य या मूर्त सामग्री के केवल प्रतीकों, विचारों और परिकल्पनाओं के आधार पर समस्याओं को हल कर सकते हैं। 2. बालक 'परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) करने में सक्षम हो जाते हैं, जिसका अर्थ है कि वे किसी समस्या के समाधान के लिए पहले विभिन्न परिकल्पनाएं (Hypotheses) बनाते हैं और फिर तार्किक रूप से उनका परीक्षण करके सही निष्कर्ष पर पहुंचते हैं। 3. इस चरण के दौरान बालकों की सोच से 'अहमकेंद्रिता' (Egocentrism) पूरी तरह समाप्त हो जाती है और वे वैज्ञानिक पद्धति की तरह व्यवस्थित और तार्किक ढंग से सोचना शुरू कर देते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? → जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage: लगभग 2 से 7 वर्ष) की निम्नलिखित प्रमुख विशेषताओं पर विचार कीजिए: 1. इस अवस्था में बालकों में 'जीववाद' (Animism) की प्रवृत्ति पाई जाती है, जिसके तहत वे निर्जीव वस्तुओं (जैसे खिलौने, गुड़िया या बादल) को भी सजीव मानकर उनमें मानवीय भावनाएं और चेतना होने की कल्पना करते हैं। 2. बालक 'अहमकेंद्रिता' (Egocentrism) से ग्रसित होता है, जिसका अर्थ है कि वह केवल अपने दृष्टिकोण से ही दुनिया को देखता है और यह मान कर चलता है कि दूसरे लोग भी ठीक वैसे ही सोचते और महसूस करते हैं जैसा वह स्वयं करता है। 3. इस चरण के दौरान बालकों में 'पलटावी गुण' या उत्क्रमणीयता (Reversibility) की पूर्ण क्षमता विकसित हो जाती है, जिससे वे आसानी से यह समझ लेते हैं कि यदि पानी को बर्फ में बदला जा सकता है, तो बर्फ को पुनः पानी में भी परिवर्तित किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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