विकास के सिद्धांत (Principles)
Asked 3 महीने पहले · Viewed 1,781 times
बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'समीप-दूरी विकास का सिद्धांत' (Proximodistal Trend) यह इंगित करता है कि शारीरिक विकास शरीर के केंद्रीय भाग (धड़) से शुरू होकर बाहर की ओर (हाथों और उंगलियों की दिशा में) अग्रसर होता है।
- 2. 'मस्तकोधुमुखी विकास का सिद्धांत' (Cephalocaudal Trend) के अनुसार विकास हमेशा पैर के अंगूठे से शुरू होकर सिर की दिशा में ऊपर की ओर बढ़ता है।
- 3. विकास की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है, जो गर्भाधान से शुरू होती है और मृत्युपर्यंत चलती है, किंतु इसकी गति जीवन के विभिन्न चरणों में एक समान (एक जैसी) रहती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि 'समीप-दूरी विकास का सिद्धांत' (Proximodistal Trend) के अनुसार विकास केंद्र से परिधि की ओर (धड़ से हाथों व उंगलियों की तरफ) होता है। कथन 2 गलत है क्योंकि 'मस्तकोधुमुखी विकास का सिद्धांत' (Cephalocaudal Trend) इसके विपरीत सिर से पैर की दिशा (Head-to-toe) में कार्य करता है। कथन 3 गलत है क्योंकि विकास निरंतर तो होता है, लेकिन इसकी गति जीवन के विभिन्न चरणों में अलग-अलग (अपरिवर्तनीय नहीं बल्कि असमान) होती है; जैसे शैशवावस्था और किशोरावस्था में विकास की गति तीव्र होती है जबकि बाल्यावस्था में धीमी हो जाती है।
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बाल विकास के दौरान 'समीप-दूरमुखी विकास' (Proximodistal Trend) और 'सिर से पैर की ओर विकास' (Cephalocaudal Trend) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समीप-दूरमुखी विकास के अंतर्गत बच्चे का शारीरिक नियंत्रण पहले रीढ़ की हड्डी और धड़ जैसे केंद्रीय अंगों पर स्थापित होता है, और उसके बाद कंधे, कोहनी, हाथ तथा अंत में उंगलियों जैसे बाहरी अंगों पर नियंत्रण विकसित होता है।
2. सिर से पैर की ओर विकास के नियम के अनुसार, शैशवावस्था में बच्चे का ऊपरी शरीर (विशेषकर सिर और मस्तिष्क का भाग) निचले अंगों की तुलना में अधिक तेजी से विकसित होता है और वह सिर पर नियंत्रण पहले प्राप्त करता है।
3. ये दोनों प्रवृत्तियाँ केवल शारीरिक और गत्यात्मक (Motor) विकास तक ही सीमित हैं, और इनका संज्ञानात्मक या मानसिक विकास की गतियों से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बाल विकास के दौरान 'मस्तिष्क से नीचे की ओर' (Cephalocaudal Trend) और 'निकट से दूर की ओर' (Proximodistal Trend) के विकास के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सिर से पैर की ओर का विकास नियम यह बताता है कि शारीरिक विकास हमेशा शरीर के ऊपरी हिस्से (यानी सिर और मस्तिष्क) से शुरू होकर नीचे की ओर (पैरों की तरफ) बढ़ता है, जिसके कारण शिशु चलने से पहले अपने सिर और गर्दन पर नियंत्रण स्थापित करना सीखता है।
2. निकट से दूर का विकास नियम यह इंगित करता है कि शारीरिक विकास हमेशा शरीर के केंद्रीय अक्ष (Center of the body) से शुरू होकर परिधि (Periphery) की ओर यानी बाहर की तरफ अग्रसर होता है, जिससे रीढ़ की हड्डी और कंधों का विकास उंगलियों की सूक्ष्म पेशियों से पहले होता है।
3. ये दोनों विकासात्मक प्रवृत्तियाँ केवल शारीरिक और गत्यात्मक (Physical and Motor Development) परिवर्तनों तक ही सीमित हैं, और इनका बालकों के संज्ञानात्मक, भाषा या सामाजिक विकास की गतियों से किसी भी प्रकार का कोई संबंध नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों के संदर्भ में 'नियोजित विकास का सिद्धांत' (Principle of Predictable Direction) और उसके स्वरूप के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस सिद्धांत के अंतर्गत विकास की दिशा सामान्यतः सिर से पैर की ओर ('मस्तकोधोमुखी' या Cephalocaudal) तथा शरीर के केंद्रीय भाग से दूरस्थ अंगों की ओर ('निकूरस्थ' या Proximodistal) होती है।
2. विकास की दर सभी बालकों में एक समान और रैखिक (Linear) गति से चलती है, अर्थात आयु के हर पड़ाव पर शारीरिक और मानसिक विकास का प्रतिशत बिल्कुल एक जैसा होता है।
3. यद्यपि विकास की गति व्यक्तिगत भिन्नताओं के कारण भिन्न हो सकती है, तथापि विकास के चरण और प्रतिमान (Patterns) दुनिया भर के सभी बच्चों में सार्वभौमिक और पूर्वानुमानित (Predictable) होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, 'कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत' की किस अवस्था में व्यक्ति यह मानता है कि नियमों और कानूनों का पालन करना समाज में व्यवस्था बनाए रखने और सामाजिक अनुबंध (Social Contract) के प्रति अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए आवश्यक है, भले ही वे नियम व्यक्तिगत हित के विरुद्ध क्यों न हों?
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